Maria
Maria, mãe de Jesus, é honrada nas Escrituras como a mulher escolhida por Deus para trazer ao mundo o Salvador. Sua fé, humildade e obediência são exemplo para todos os cristãos.
A escolhida de Deus
O anjo Gabriel anunciou a Maria que ela seria mãe do Filho do Altíssimo. Ela respondeu com fé: 'Faça-se em mim segundo a tua palavra.'
स्वर्गदूत का मरियम के सामने प्रगट होना
छठवें महीने में परमेश्वर की ओर से गब्रिएल स्वर्गदूत गलील के नासरत नगर में, एक कुँवारी के पास भेजा गया। जिसकी मंगनी यूसुफ नाम दाऊद के घराने के एक पुरुष से हुई थी: उस कुँवारी का नाम मरियम था। और स्वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा, "आनन्द और जय तेरी हो, जिस पर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ है! प्रभु तेरे साथ है!"
स्वर्गदूत ने उससे कहा, "हे मरियम; भयभीत न हो, क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है। और देख, तू गर्भवती होगी, और तेरे एक पुत्र उत्पन्न होगा; तू उसका नाम यीशु रखना। (यशा. 7:14) वह महान होगा; और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा; और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उसको देगा। (भज. 132:11, यशा. 9:6-7) और वह याकूब के घराने पर सदा राज्य करेगा; और उसके राज्य का अन्त न होगा।" (2 शमू. 7:12,16, इब्रा. 1:8, दानि. 2:44)
यीशु मसीह का जन्म
अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उसकी माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उनके इकट्ठे होने के पहले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई।
O Magnificat
Maria cantou: 'Minha alma engrandece ao Senhor!' Seu cântico exalta a misericórdia, o poder e a fidelidade de Deus.
मरियम द्वारा परमेश्वर की स्तुति
तब मरियम ने कहा,
"मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है।
और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करनेवाले
परमेश्वर से आनन्दित हुई। (1 शमू. 2:1)
क्योंकि उसने अपनी दासी की दीनता पर
दृष्टि की है;
इसलिए देखो, अब से सब युग-युग
के लोग मुझे धन्य कहेंगे। (1 शमू. 1:11, लूका 1:42, मला. 3:12)
क्योंकि उस शक्तिमान ने मेरे लिये बड़े-
बड़े काम किए हैं, और उसका नाम पवित्र है।
और उसकी दया उन पर,
जो उससे डरते हैं,
पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है। (भज. 103:17)
उसने अपना भुजबल दिखाया,
और जो अपने मन में घमण्ड करते थे,
उन्हें तितर-बितर किया। (2 शमू. 22:28, भज. 89:10)
उसने शासकों को सिंहासनों से
गिरा दिया;
और दीनों को ऊँचा किया। (1 शमू. 2:7, अय्यू. 5:11, भज. 113:7,8)
उसने भूखों को अच्छी वस्तुओं से
तृप्त किया,
और धनवानों को खाली हाथ निकाल दिया। (1 शमू. 2:5, भज. 107:9)
उसने अपने सेवक इस्राएल को सम्भाल
लिया कि अपनी उस दया को स्मरण करे, (भज. 98:3, यशा. 41:8,9)
जो अब्राहम और उसके वंश पर सदा रहेगी,
जैसा उसने हमारे पूर्वजों से कहा था।" (उत्प. 22:17, मीका 7:20)
अतः यूसुफ भी इसलिए कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया। कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए। उनके वहाँ रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए। और वह अपना पहलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा; क्योंकि उनके लिये सराय में जगह न थी।
परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।
तब शमौन ने उनको आशीष देकर, उसकी माता मरियम से कहा, "देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिसके विरोध में बातें की जाएँगी (यशा. 8:14-15) (वरन् तेरा प्राण भी तलवार से आर-पार छिद जाएगा) इससे बहुत हृदयों के विचार प्रगट होंगे।"
तब वे उसे देखकर चकित हुए और उसकी माता ने उससे कहा, "हे पुत्र, तूने हम से क्यों ऐसा व्यवहार किया? देख, तेरा पिता और मैं कुढ़ते हुए तुझे ढूँढ़ते थे।" उसने उनसे कहा, "तुम मुझे क्यों ढूँढ़ते थे? क्या नहीं जानते थे, कि मुझे अपने पिता के भवन मेंमुझे अपने पिता के भवन में: यीशु यहाँ पर उन लोगों को यह याद दिलाता है कि वह स्वर्ग से नीचे आया; और उसके सांसारिक माता-पिता से, एक उच्चतम पिता है। होना अवश्य है?" परन्तु जो बात उसने उनसे कही, उन्होंने उसे नहीं समझा। तब वह उनके साथ गया, और नासरत में आया, और उनके वश में रहा; और उसकी माता ने ये सब बातें अपने मन में रखीं।
Mãe fiel até o fim
Maria acompanhou Jesus desde o nascimento até a cruz. Ela estava entre os discípulos no Pentecostes, fiel em oração.
जब दाखरस खत्म हो गया, तो यीशु की माता ने उससे कहा, "उनके पास दाखरस नहीं रहा।" यीशु ने उससे कहा, "हे महिला मुझे तुझ से क्या काम? अभी मेरा समयमेरा समय: इसका मतलब यह नहीं है कि उनके चमत्कार के काम करने का समय, या लोगों के बीच में काम करने का उचित समय नहीं आया हैं, परन्तु उनके अन्तःक्षेप करने के लिए उचित समय नहीं आया था। नहीं आया।" उसकी माता ने सेवकों से कहा, "जो कुछ वह तुम से कहे, वही करना।"
यीशु का अपनी माता के लिये प्रावधान
अतः सिपाहियों ने ऐसा ही किया। परन्तु यीशु के क्रूस के पास उसकी माता और उसकी माता की बहन मरियम, क्लोपास की पत्नी और मरियम मगदलीनी खड़ी थी। यीशु ने अपनी माता और उस चेले को जिससे वह प्रेम रखता था पास खड़े देखकर अपनी माता से कहा, "हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है।" तब उस चेले से कहा, "देख, यह तेरी माता है।" और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया।
यीशु की माता और भाई
और उसकी माता और उसके भाई आए, और बाहर खड़े होकर उसे बुलवा भेजा। और भीड़ उसके आस-पास बैठी थी, और उन्होंने उससे कहा, "देख, तेरी माता और तेरे भाई बाहर तुझे ढूँढ़ते हैं।" यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, "मेरी माता और मेरे भाई कौन हैं?" और उन पर जो उसके आस-पास बैठे थे, दृष्टि करके कहा, "देखो, मेरी माता और मेरे भाई यह हैं। क्योंकि जो कोई परमेश्वर की इच्छा पर चलेकोई परमेश्वर की इच्छा पर चले: यीशु सम्बंधों के क्रम में परिवर्तन करता हैं और दिखाता है कि सच्ची रिश्तेदारी सिर्फ माँस और रक्त का मामला नहीं है। जो कोई भी परमेश्वर की इच्छा पूरी करता है वह परमेश्वर का एक दोस्त और उसके परिवार का एक सदस्य है।, वही मेरा भाई, और बहन और माता है।"
क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं? और क्या इसकी माता का नाम मरियम और इसके भाइयों के नाम याकूब, यूसुफ, शमौन और यहूदा नहीं? और क्या इसकी सब बहनें हमारे बीच में नहीं रहती? फिर इसको यह सब कहाँ से मिला?"
ये सब कई स्त्रियों और यीशु की माता मरियम और उसके भाइयों के साथ एक चित्त होकर प्रार्थना में लगे रहे।
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