Mente
A mente é campo de batalha espiritual. A Bíblia nos chama a renovar o entendimento, pensar com sabedoria e buscar a mente de Cristo em todas as áreas da vida.
Amar a Deus com a mente
O maior mandamento inclui amar a Deus com toda a mente. A vida intelectual deve ser consagrada ao Senhor.
उसने उससे कहा, "तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख।
पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्वर्गीय वस्तुओं पर ध्यान लगाओ।
बुद्धि में चलो
इसलिए ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो। और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। (आमो. 5:13, कुलु. 4:5)
आत्मिक वरदानों से परमेश्वर की सेवा
क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूँ, कि जैसा समझना चाहिए, उससे बढ़कर कोई भी अपने आपको न समझे; पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बाँट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे।
Sabedoria e discernimento
A sabedoria é melhor que rubis. Quem a encontra, encontra a vida. A mente sábia discerne, planeja e previne erros.
क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे,
जो बुद्धि प्राप्त करता, वह अपने प्राण को प्रेमी ठहराता है;
और जो समझ को रखे रहता है उसका कल्याण होता है।
जैसे लोहा लोहे को चमका देता है,
वैसे ही मनुष्य का मुख अपने मित्र की संगति से चमकदार हो जाता है।
मूर्ख अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है,
परन्तु जो डाँट को मानता, वह विवेकी हो जाता है।
मूर्ख भी जब चुप रहता है, तब बुद्धिमान गिना जाता है;
और जो अपना मुँह बन्द रखता वह समझवाला गिना जाता है।
बुद्धिमान मनुष्य विपत्ति को आती देखकर छिप जाता है;
परन्तु भोले लोग आगे बढ़े चले जाते और हानि उठाते हैं।
Construir sobre a rocha
Quem ouve as palavras de Jesus e as pratica é como o sábio que edificou sobre a rocha firme e inabalável.
बुद्धिमान और मूर्ख मनुष्य
"इसलिए जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया।
सच्चा विवेक
तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चाल-चलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।
क्योंकि मैंने यह ठान लिया था, कि तुम्हारे बीच यीशु मसीह, वरन् क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूँ।
क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात् उसकी सनातन सामर्थ्य और परमेश्वरत्व, जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते हैं, यहाँ तक कि वे निरुत्तर हैं। (अय्यू. 12:7-9, भज. 19:1)
क्योंकि बहुत बुद्धि के साथ बहुत खेद भी होता है,
और जो अपना ज्ञान बढ़ाता है वह अपना दुःख भी बढ़ाता है।