Mentira
A mentira é condenada pela Bíblia como pecado grave. Deus é verdade, e quem mente se alinha com o pai da mentira. O cristão é chamado a falar a verdade em amor.
Deus odeia a mentira
Os lábios mentirosos são abominação para o Senhor. A Bíblia adverte que todo mentiroso terá parte no lago de fogo.
झूठ बोलनेवाले ओंठ याहवेह के समक्ष घृणास्पद हैं,
किंतु उनकी प्रसन्नता खराई में बनी रहती है.
किंतु डरपोकों, अविश्वासियों, भ्रष्टों, हत्यारों, व्यभिचारियों, टोन्हों, मूर्तिपूजकों और सभी झूठ बोलने वालों का स्थान उस झील में होगा, जो आग तथा गंधक से धधकती रहती है. यही है दूसरी मृत्यु."
छः वस्तुएं याहवेह को अप्रिय हैं,
सात से उन्हें घृणा है:
घमंड से भरी आंखें,
झूठ बोलने वाली जीभ,
वे हाथ, जो निर्दोष की हत्या करते हैं,
वह मस्तिष्क, जो बुरी योजनाएं सोचता रहता है,
बुराई के लिए तत्पर पांव,
झूठ पर झूठ उगलता हुआ साक्षी तथा वह व्यक्ति,
जो भाइयों के मध्य कलह निर्माण करता है.
एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम पुराने स्वभाव को उसके कामों सहित उतार चुके
Falar a verdade
Despojai-vos da mentira e falai a verdade cada um com o próximo. Cristo é a verdade, e nos chama a ser testemunhas fiéis.
इसलिये झूठ का त्याग कर, हर एक व्यक्ति अपने पड़ोसी से सच ही कहे क्योंकि हम एक ही शरीर के अंग हैं.
मसीह येशु ने उत्तर दिया, "मैं ही हूं वह मार्ग, वह सच और वह जीवन, बिना मेरे द्वारा कोई भी पिता के पास नहीं आ सकता.
तुम अपने पिता शैतान से हो और उसी पिता की इच्छाओं को पूरा करना चाहते हो. वह प्रारंभ से ही हत्यारा है और सच उसका आधार कभी रहा ही नहीं क्योंकि सच उसमें है ही नहीं. जब वह कुछ भी कहता है, अपने स्वभाव के अनुसार झूठ ही कहता है, क्योंकि वह झूठा और झूठ का पिता है.
झूठे साक्षी का दंड सुनिश्चित है तथा जो झूठा है,
वह नष्ट हो जाएगा.
किसी भी झूठों का निवास
मेरे आवास में न होगा,
कोई भी झूठ बोलने वाला,
मेरी उपस्थिति में ठहर न सकेगा.
Consequências da falsidade
A mentira destrói confiança e relacionamentos. As Escrituras alertam sobre os frutos amargos do engano e da falsidade.
झूठ बोलने के द्वारा पाया गया धन
इधर-उधर लहराती वाष्प होती है, यह मृत्यु का फंदा है.
सच्चाई के वचन चिरस्थायी सिद्ध होते हैं,
किंतु झूठ बोलने वाली जीभ पल भर की होती है!
झूठ बोलने वाली जीभ जिससे बातें करती है, वह उसके घृणा का पात्र होता है,
तथा विनाश का कारण होते हैं चापलूस के शब्द.
झूठ बोलने वालों का आप विनाश करते हैं.
हत्यारों और धूर्तों से,
याहवेह, को घृणा है.
" ‘तुम चोरी न करना.
" ‘न ही धोखा देना.
" ‘न एक दूसरे से झूठ बोलना.