Misericórdia
A misericórdia de Deus é eterna e inesgotável. Ele se compadece dos que sofrem, perdoa os arrependidos e derrama graça sobre os que não merecem. Grande é a sua fidelidade.
A misericórdia de Deus
Quem é Deus como tu, que perdoa a iniquidade? Ele se deleita em ter misericórdia e não retém a ira para sempre.
आपके जैसा और कौन परमेश्वर है,
जो अपने निज भाग के बचे हुओं के
पापों और अपराधों को क्षमा करते हैं?
आपका क्रोध हमेशा के लिये नहीं होता
पर आप दया दिखाने में प्रसन्न होते हैं.
परमेश्वर, अपने करुणा-प्रेम में,
अपनी बड़ी करुणा में;
मुझ पर दया कीजिए,
मेरे अपराधों को मिटा दीजिए.
मेरे समस्त अधर्म को धो दीजिए
और मुझे मेरे पाप से शुद्ध कर दीजिए.
याहवेह, अपनी असीम दया तथा अपने करुणा-प्रेम का स्मरण कीजिए,
जो अनंत काल से होते आए हैं.
युवावस्था में किए गए मेरे अपराधों का
तथा मेरे हठीले आचरण का लेखा न रखिए;
परंतु, याहवेह, अपनी करुणा में मेरा स्मरण रखिए,
क्योंकि याहवेह, आप भले हैं!
याहवेह, गहराइयों में से मैं आपको पुकार रहा हूं;
हे प्रभु, मेरा स्वर सुन लीजिए,
कृपा के लिए मेरी नम्र विनती की
ओर आपके कान लगे रहें.
याहवेह, आप अपनी कृपा से मुझे दूर न करिये;
आपका करुणा-प्रेम तथा आपकी सत्यता निरंतर मुझे सुरक्षित रखेंगे.
निश्चयतः कुशल मंगल और करुणा-प्रेम
आजीवन मेरे साथ साथ बने रहेंगे,
और मैं सदा-सर्वदा याहवेह के आवास में,
निवास करता रहूंगा.
जैसे पिता की मनोहरता उसकी संतान पर होती है,
वैसे ही याहवेह की मनोहरता उनके श्रद्धालुओं पर स्थिर रहती है;
Graça e perdão
Onde o pecado abundou, superabundou a graça. Deus convida todos ao arrependimento e promete perdão total aos que confessam.
अपराध, वरदान के समान नहीं. एक मनुष्य के अपराध के कारण अनेकों की मृत्यु हुई, जबकि परमेश्वर के अनुग्रह तथा एक मनुष्य, मसीह येशु के अनुग्रह में दिया हुआ वरदान अनेकों अनेक में स्थापित हो गया.
तो? क्या हम पापमय जीवन में लीन रहें—क्योंकि अब हम व्यवस्था के नहीं परंतु अनुग्रह के अधीन हैं? नहीं! बिलकुल नहीं!
परंतु दया में धनी परमेश्वर ने अपने अपार प्रेम के कारण, जब हम अपने अपराधों में मरे हुए थे, मसीह में हमें जीवित किया—उद्धार तुम्हें अनुग्रह ही से प्राप्त हुआ है.
प्रभु का उत्तर था: "कमज़ोरी में मेरा सामर्थ्य सिद्ध हो जाता है इसलिये तुम्हारे लिए मेरा अनुग्रह ही काफ़ी है." इसके प्रकाश में मैं बड़े हर्ष के साथ अपनी कमज़ोरियों के विषय में गर्व करूंगा कि मेरे द्वारा प्रभु मसीह का सामर्थ्य सक्रिय हो जाए.
जो अपने अपराध को छिपाए रखता है, वह समृद्ध नहीं हो पाता,
किंतु वह, जो अपराध स्वीकार कर उनका परित्याग कर देता है, उस पर कृपा की जाएगी.
दुष्ट अपनी चालचलन
और पापी अपने सोच-विचार छोड़कर याहवेह की ओर आए.
तब याहवेह उन पर दया करेंगे, जब हम परमेश्वर की ओर आएंगे,
तब वह हमें क्षमा करेंगे.
याहवेह तुम पर कृपा करने के लिए उठ गए हैं;
क्योंकि याहवेह न्यायी परमेश्वर हैं.
धन्य हैं वे सब,
जो उस पर आशा लगाये रहते हैं!
Misericórdia e compaixão
Misericórdia quero e não sacrifício. Deus nos chama a ser misericordiosos como Ele é, perdoando e acolhendo o próximo.
अब जाओ और इस कहावत का अर्थ समझो: ‘मैं बलिदान से नहीं, पर दया से प्रसन्न होता हूं,’ क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परंतु पापियों को बुलाने के लिए इस पृथ्वी पर आया हूं."
तब पेतरॉस ने येशु के पास आकर उनसे प्रश्न किया, "प्रभु! कितनी बार मेरा भाई मेरे विरुद्ध अपराध करे और मैं उसे क्षमा करूं—सात बार?"
येशु ने उन्हें उत्तर दिया, "मैं तो तुमसे यह तो नहीं कहूंगा सात बार तक परंतु सत्तर के सात गुणा तक.
यदि तुम दूसरों को उनके अपराधों के लिए क्षमा करते हो तो तुम्हारे स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेंगे.
फिर भी, अपनी अपार दया में आपने उन्हें मिटा नहीं दिया और न ही उन्हें अकेला छोड़ दिया; क्योंकि आप दयालु और अनुग्रहकारी परमेश्वर हैं.
उत्तम होगा उन लोगों का प्रतिफल, जो उदार है, जो उदारतापूर्वक ऋण देता है,
जो अपने लेनदेन में सीधा है.
हम पर प्रभु, हमारे परमेश्वर की मनोहरता स्थिर रहे;
तथा हमारे लिए हमारे हाथों के परिश्रम को स्थायी कीजिए—
हां, हमारे हाथों का परिश्रम स्थायी रहे.
Acessar a misericórdia
Cheguemos com confiança ao trono da graça. Ali encontramos misericórdia e graça para socorro no tempo oportuno.
इसलिये हम अनुग्रह के सिंहासन के सामने निडर होकर जाएं, कि हमें ज़रूरत के अवसर पर कृपा तथा अनुग्रह प्राप्त हो.
प्रिय भाई बहिनो, परमेश्वर की बड़ी दया के प्रकाश में तुम सबसे मेरी विनती है कि तुम अपने शरीर को परमेश्वर के लिए परमेश्वर को भानेवाला जीवन तथा पवित्र बलि के रूप में भेंट करो. यही तुम्हारी आत्मिक आराधना की विधि है.
परमेश्वर ने संसार से अपने अपार प्रेम के कारण अपना एकलौता पुत्र बलिदान कर दिया कि हर एक ऐसा व्यक्ति, जो पुत्र में विश्वास करता है, उसका विनाश न हो परंतु वह अनंत जीवन प्राप्त करे.
तुम्हारे लिए मसीह के कारण यह वरदान दिया गया है कि तुम न केवल उनमें विश्वास करो, परंतु उनके लिए दुःख भी भोगो;
हिज़किय्याह ने सारे इस्राएल, यहूदिया, एफ्राईम और मनश्शेह के लिए एक संदेश भेजा, कि वे येरूशलेम में याहवेह के भवन में याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर के सम्मान में फ़सह उत्सव मनाने आएं. राजा, उसके शासक और सारी सभा ने येरूशलेम में मिलकर एक मत से यह निर्णय लिया था, कि फ़सह उत्सव दूसरे महीने में मना लिया जाए. क्योंकि वे इसे इसके नियत समय पर मना नहीं सके थे. इसका कारण यह था, कि पर्याप्त संख्या में पुरोहित अपने आपको शुद्ध न कर सके थे. इसके अलावा, प्रजाजन येरूशलेम में इकट्ठा भी न हो सके थे. तब राजा और समस्त प्रजा के मत में यही एक सही निर्णय था. तब उन्होंने सबको बताने के उद्देश्य से एक राज आज्ञा तैयार की, कि सारे इस्राएल में, बेअरशेबा से दान तक सभी इस्राएल के परमेश्वर याहवेह के सम्मान में फ़सह उत्सव मनाने येरूशलेम आएं, क्योंकि जैसा कि लिखा था फ़सह उत्सव अब तक राष्ट्रीय स्तर पर मनाया नहीं गया था.
समस्त इस्राएल और यहूदिया में दूत राजा और उसके प्रशासकों के हाथ से लिखे हुए पत्र लेकर भेजे गए. राजा का आदेश इस प्रकार था:
"इस्राएल की संतान, अब्राहाम, यित्सहाक और इस्राएल के याहवेह परमेश्वर की ओर लौट आओ, कि वह भी तुममें से उनकी ओर लौट सकें, जो अराम के राजाओं के वार से बच निकले थे. अपने पूर्वजों और अपने भाई-बंधुओं के समान न बनो, जो अपने पूर्वजों के परमेश्वर, याहवेह के प्रति विश्वासहीन हो गए थे; जिसका परिणाम, जैसा तुम देख ही रहे हो, याहवेह ने तुम्हें घृणा का, आतंक का पात्र बना दिया है. इसलिये अब अपने पूर्वजों के समान हठी न बनो बल्कि अपने याहवेह के सामने विनम्र हो जाओ और उनके पवित्र स्थान में प्रवेश करो, जिसे उन्होंने हमेशा के लिए शुद्ध कर दिया है. याहवेह अपने परमेश्वर की सेवा करो, कि उनका भड़का हुआ क्रोध तुम पर से दूर हो जाए. क्योंकि यदि तुम याहवेह की ओर हो जाओ, तो तुम्हारे भाई-बन्धु और तुम्हारी संतान को उनकी ओर से कृपा मिल जाएगी, जो उन्हें बंदी बनाकर ले गए हैं. तब वे अपने देश लौट सकेंगे. क्योंकि याहवेह तुम्हारे परमेश्वर कृपालु और करुणामय हैं. यदि तुम उनकी ओर लौटेंगे, वह तुमसे अपना मुख फेर न लेंगे."
तब दूत नगर-नगर घूमकर संदेश देते गए. वे एफ्राईम और मनश्शेह तक गए-यहां तक कि ज़ेबुलून तक भी किंतु लोग उनका मज़ाक उड़ाकर उन पर हंसते रहे. फिर भी, आशेर, मनश्शेह और ज़ेबुलून के कुछ व्यक्तियों ने अपने आपको नम्र किया और वे येरूशलेम आए. यहूदिया पर भी परमेश्वर का प्रभाव कुछ इस प्रकार था कि उन्होंने सच्चाई में राजा और शासकों द्वारा भेजे याहवेह के आदेश को स्वीकार किया.
दूसरे महीने में बड़ी संख्या में लोग येरूशलेम में अखमीरी रोटी के उत्सव को मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे. यह बहुत ही बड़ा जनसमूह था. वे सभी एकजुट हुए और येरूशलेम में जो वेदियां बनी हुई थी उन्हें, और सारी धूप वेदियों को उठाकर किद्रोन नाले में फेंक आए.
इसके बाद उन्होंने दूसरे महीने के चौदहवें दिन फ़सह के मेमनों का वध किया. पुरोहितों और लेवियों के लिए यह लज्जा का विषय हो गया, तब उन्होंने स्वयं को शुद्ध किया और याहवेह के भवन में वे होमबलि ले आए. वे अपने ठहराए गए स्थानों पर खड़े हो गए, जैसा परमेश्वर के जन मोशेह द्वारा बताया गया था. पुरोहित उस लहू का छिड़काव करते जा रहे थे, जो उन्हें लेवियों द्वारा सौंपा जा रहा था. यह इसलिये कि सभा में ऐसे अनेक थे, जिन्होंने स्वयं को शुद्ध नहीं किया था. तब लेवियों के लिए यह ज़रूरी हो गया था कि हर एक अशुद्ध व्यक्ति के लिए फ़सह मेमना वध किया जाए और वे याहवेह के लिए शुद्ध हो जाएं. एफ्राईम, मनश्शेह, इस्साखार और ज़ेबुलून प्रदेशों से आए लोगों में एक बड़ी संख्या उनकी थी, जिन्होंने अपने आपको शुद्ध नहीं किया था. उन्होंने व्यवस्था तोड़ते हुए फ़सह भोज को ग्रहण कर लिया था, मगर हिज़किय्याह ने उनके लिए यह प्रार्थना की, "महान याहवेह ऐसे हर एक व्यक्ति को क्षमा करें, जिसने अपने मन को परमेश्वर, अपने पूर्वजों के याहवेह की खोज करने के लिए तैयार कर लिया है, यद्यपि उसने अपने आपको पवित्र स्थान के नियमों के अनुसार शुद्ध नहीं किया है." तब याहवेह ने हिज़किय्याह की विनती सुनी और लोगों को दोबारा स्वस्थ कर दिया.
इस्राएल के वंशजों ने, जो इस समय येरूशलेम में थे, सात दिन तक बड़े आनंद के साथ अखमीरी रोटी का उत्सव मनाया. लेवी और पुरोहित दिन-प्रतिदिन वाद्यों की आवाजों की संगत पर याहवेह की स्तुति करते रहते थे.
हिज़किय्याह ने उन सभी लेवियों के प्रोत्साहन में प्रशंसा के शब्द कहे, जिन्होंने याहवेह से संबंधित विषयों में बुद्धिमानी का परिचय दिया था. तब वे निर्धारित पर्व के सात दिनों तक फ़सह भोज करते रहे, मेल बलि चढ़ाते रहे और अपने पूर्वजों के परमेश्वर याहवेह के प्रति धन्यवाद देते रहे.
उपस्थित सारी भीड़ ने यह निर्णय लिया कि इस उत्सव को सात दिन और मनाया जाए. तब बहुत ही खुशी से उन्होंने सात दिन इस उत्सव को मनाया. इस उत्सव के लिए राजा हिज़किय्याह ने एक हज़ार बछड़े और सात हज़ार भेड़े दान में दी थी. शासन अधिकारियों ने एक हज़ार बछड़े और दस हज़ार भेड़े दान में दीं. बड़ी संख्या थी उन पुरोहितों की, जिन्होंने अपने आपको शुद्ध किया था. यहूदिया की सारी सभा पुरोहितों और लेवियों के साथ आनंद मनाने में मगन थी. इनके अलावा इनमें वे भी थे, जो इस्राएल से यहां आए थे, और इस्राएल से और यहूदिया से आए हुए विदेशी भी. सारा येरूशलेम इन दिनों में खुशी में डूबा था, क्योंकि येरूशलेम में ऐसा समारोह इस्राएल के राजा दावीद के पुत्र शलोमोन के शासनकाल से अब तक देखा न गया था. तब लेवी और पुरोहित उठ खड़े हुए और उन्होंने सारी सभा के लोगों के लिए आशीर्वाद दिए. उनकी विनती सुनी गई. उनकी विनती याहवेह के घर, स्वर्ग पहुंच गई.
"यदि कोई व्यक्ति किसी स्त्री से तलाक कर लेता है
और वह उसे त्याग कर चली जाती है और वह किसी अन्य पुरुष के साथ रहने लगती है,
क्या वह पहला पुरुष फिर भी उसके पास लौटेगा?
क्या वह देश पूर्णतः अशुद्ध नहीं हो जाएगा?
किंतु तुम वह व्यभिचारी हो जिसके बर्तन अनेक हैं—
यह होने पर भी तुम अब मेरे पास लौट आए हो?"
यह याहवेह की वाणी है.
"अपनी दृष्टि वनस्पतिहीन पर्वतों की ओर उठाओ और देखो.
कौन सा ऐसा स्थान है जहां तुम्हारे साथ कुकर्म नहीं हुआ है?
मरुभूमि में चलवासी के सदृश,
तुम मार्ग के किनारे उनकी प्रतीक्षा करती रही.
अपनी दुर्वृत्ति से तथा अपने स्वच्छंद कुकर्म के द्वारा
तुमने देश को अशुद्ध कर दिया है.
तब वृष्टि अशुद्ध रखी गई है,
वसन्त काल में वृष्टि हुई नहीं.
फिर भी तुम्हारा माथा व्यभिचारी सदृश झलकता रहा;
तुमने लज्जा को स्थान ही न दिया.
क्या तुमने अभी-अभी मुझे इस प्रकार संबोधित नहीं किया:
‘मेरे पिता; आप तो बचपन से मेरे साथी रहे हैं,
क्या आप मुझसे सदैव ही नाराज बने रहेंगे?
क्या यह आक्रोश चिरस्थायी बना रहेगा?’
स्मरण रहे, यह तुम्हारा वचन है और तुमने कुकर्म भी किए हैं,
तुमने जितनी चाही उतनी मनमानी कर ली है."
तत्पश्चात राजा योशियाह के राज्य-काल में, याहवेह ने मुझसे बात की, "देखा तुमने, विश्वासहीन इस्राएल ने क्या किया है? उसने हर एक उच्च पर्वत पर तथा हर एक हरे वृक्ष के नीचे वेश्या-सदृश मेरे साथ विश्वासघात किया है. मेरा विचार था यह सब करने के बाद इस्राएली प्रजा मेरे पास लौट आएगी किंतु वह नहीं लौटी, उसकी विश्वासघाती बहन यहूदिया यह सब देख रही थी. मैं देख रहा था कि विश्वासहीन इस्राएल के सारे स्वच्छंद कुकर्म के कारण मैंने उसे निराश कर तलाक पत्र भी दे दिया था. फिर भी उसकी विश्वासघाती बहन यहूदिया भयभीत न हुई; बल्कि वह भी व्यभिचारी बन गई. इसलिये कि उसकी दृष्टि में यह स्वच्छंद कुकर्म कोई गंभीर विषय न था, उसने सारे देश को अशुद्ध कर दिया और पत्थरों एवं वृक्षों के साथ व्यभिचार किया. यह सब होने पर भी, यह घोर विश्वासघाती बहन यहूदिया अपने संपूर्ण हृदय से मेरे पास नहीं लौटी, वह मात्र कपट ही करती रही," यह याहवेह की वाणी है.
याहवेह ने मुझसे कहा, "विश्वासहीन इस्राएल ने स्वयं को विश्वासघाती यहूदिया से अधिक कम दोषी प्रमाणित कर दिया है. जाओ, उत्तर दिशा की ओर यह संदेश वाणी घोषित करो:
" ‘विश्वासहीन इस्राएल, लौट आओ,’ यह याहवेह की वाणी है,
‘मैं तुम पर क्रोधपूर्ण दृष्टि नहीं डालूंगा,
क्योंकि मैं कृपालु हूं,’ यह याहवेह की वाणी है,
‘मैं सर्वदा क्रोधी नहीं रहूंगा.
तुम मात्र इतना ही करो: अपना अधर्म स्वीकार कर लो—
कि तुमने याहवेह, अपने परमेश्वर के प्रति अतिक्रमण का अपराध किया है,
तुम हर एक हरे वृक्ष के नीचे
अपरिचितों को प्रसन्न करती रही हो,
यह भी, कि तुमने मेरे आदेश की अवज्ञा की है,’ "
यह याहवेह की वाणी है.
"विश्वासहीनो, लौट आओ," यह याहवेह का आदेश है, "क्योंकि तुम्हारे प्रति मैं एक स्वामी हूं. तब मैं तुम्हें, नगर में से एक को तथा परिवार में से दो को ज़ियोन में ले आऊंगा. तब मैं तुम्हें ऐसे चरवाहे प्रदान करूंगा जो मेरे हृदय के अनुरूप होंगे, जो तुम्हें ज्ञान और समझ से प्रेषित करेंगे. यह उस समय होगा, जब तुम उस देश में असंख्य और समृद्ध हो जाओगे," यह याहवेह की वाणी है, "तब वे यह कहना छोड़ देंगे, ‘याहवेह की वाचा का संदूक.’ तब उनके हृदय में न तो इसका विचार आएगा न वे इसका स्मरण करेंगे; यहां तक कि उन्हें इसकी आवश्यकता तक न होगी, वे एक और संदूक का निर्माण भी नहीं करेंगे. उस समय वे येरूशलेम को याहवेह का सिंहासन नाम देंगे, सभी जनता यहां एकत्र होंगे. वे याहवेह की प्रतिष्ठा के लिए येरूशलेम में एकत्र होंगे तब वे अपने बुरे हृदय की कठोरता के अनुरूप आचरण नहीं करेंगे. उन दिनों में यहूदाह गोत्रज इस्राएल वंशज के साथ संयुक्त हो जाएगा, वे एक साथ उत्तर के देश से उस देश में आ जाएंगे जो मैंने तुम्हारे पूर्वजों को निज भाग स्वरूप में प्रदान किया है.
"तब मैंने कहा,
" ‘मेरी अभिलाषा रही कि मैं तुम्हें अपनी सन्तति पुत्रों में सम्मिलित करूं
और तुम्हें एक सुखद देश प्रदान करूं,
राष्ट्रों में सबसे अधिक मनोहर यह निज भाग.’
और मैंने यह भी कहा तुम मुझे ‘मेरे पिता’
कहकर संबोधित करोगे, और मेरा अनुसरण करना न छोड़ोगे.
इस्राएल वंशजों निश्चय तुमने मुझसे वैसे ही विश्वासघात किया है,
जैसे स्त्री अपने बर्तन से विश्वासघात कर अलग हो जाती है,"
यह याहवेह की वाणी है.
वनस्पतिहीन उच्च पर्वतों पर एक स्वर सुनाई दे रहा है,
इस्राएल वंशजों का विलाप एवं उनके गिड़गिड़ाने का,
वे अपने विश्वासमत से दूर हो चुके हैं
और उन्होंने याहवेह अपने परमेश्वर को भूलना पसंद किया है.
"विश्वासविहीन वंशजों, लौट आओ;
तुम्हारी विश्वासहीनता का उपचार मैं करूंगा."
"देखिए, हम आपके निकट आ रहे हैं,
क्योंकि आप याहवेह हमारे परमेश्वर हैं.
यह सुनिश्चित है कि पहाड़ियों पर छल है
और पर्वतों पर उपद्रव है;
निःसंदेह याहवेह
हमारे परमेश्वर में ही इस्राएल की सुरक्षा है.
हमारे बचपन से इस लज्जास्पद आचरण ने
हमारे पूर्वजों के उपक्रम को—
उनके पशुओं को तथा
उनकी संतान को निगल कर रखा है.
उपयुक्त होगा कि हमारी लज्जा में समावेश हो जाएं,
कि हमारी लज्जा हमें ढांप ले.
क्योंकि हमने अपने बाल्यकाल से
आज तक याहवेह हमारे परमेश्वर के विरुद्ध पाप ही किया है;
हमने याहवेह,
हमारे परमेश्वर की अवज्ञा की है."