Morte de Jesus
A morte de Jesus é o sacrifício supremo do amor de Deus. Na cruz, o Cordeiro de Deus carregou os pecados do mundo, satisfez a justiça divina e abriu o caminho da salvação para todos.
O sacrifício na cruz
Jesus disse: 'Está consumado!' Na cruz, Ele cumpriu toda a lei, pagou o preço do pecado e reconciliou a humanidade com Deus.
इसके बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिए कि पवित्रशास्त्र की बात पूरी हो कहा, "मैं प्यासा हूँ।" वहाँ एक सिरके से भरा हुआ बर्तन धरा था, इसलिए उन्होंने सिरके के भिगाए हुए पनसोख्ता को जूफे पर रखकर उसके मुँह से लगाया। (भज. 69:21) जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा, "पूरा हुआ"; और सिर झुकाकर प्राण त्याग दिए। (लूका 23:46, मर. 15:37)
जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े लेकर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुर्ता भी लिया, परन्तु कुर्ता बिन सीअन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था; इसलिए उन्होंने आपस में कहा, "हम इसको न फाड़ें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किसका होगा।" यह इसलिए हुआ, कि पवित्रशास्त्र की बात पूरी हो, "उन्होंने मेरे कपड़े आपस में बाँट लिए और मेरे वस्त्र पर चिट्ठी डाली।" (भज. 22:18)
अतः सिपाहियों ने ऐसा ही किया। परन्तु यीशु के क्रूस के पास उसकी माता और उसकी माता की बहन मरियम, क्लोपास की पत्नी और मरियम मगदलीनी खड़ी थी। यीशु ने अपनी माता और उस चेले को जिससे वह प्रेम रखता था पास खड़े देखकर अपनी माता से कहा, "हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है।" तब उस चेले से कहा, "देख, यह तेरी माता है।" और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया।
जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुँचे, तो उन्होंने वहाँ उसे और उन कुकर्मियों को भी एक को दाहिनी और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया। तब यीशु ने कहा, "हे पिता, इन्हें क्षमा करहे पिता, इन्हें क्षमा कर: यह यशायाह 53:12 की भविष्यद्वाणी को पूरा करता है; यीशु ने अपराधी के लिए मध्यस्थता की।, क्योंकि ये जानते नहीं कि क्या कर रहें हैं?" और उन्होंने चिट्ठियाँ डालकर उसके कपड़े बाँट लिए। (1 पत. 3:9, प्रका. 7:60, यशा. 53:12, भज. 22:18)
लोग खड़े-खड़े देख रहे थे, और सरदार भी उपहास कर करके कहते थे, "इसने औरों को बचाया, यदि यह परमेश्वर का मसीह है, और उसका चुना हुआ है, तो अपने आपको बचा ले।" (भज. 22:7) सिपाही भी पास आकर और सिरका देकर उसका उपहास करके कहते थे। (भज. 69:21) "यदि तू यहूदियों का राजा है, तो अपने आपको बचा!" और उसके ऊपर एक दोषपत्र भी लगा था: "यह यहूदियों का राजा है।"
जो कुकर्मी लटकाए गए थे, उनमें से एक ने उसकी निन्दा करके कहा, "क्या तू मसीह नहीं? तो फिर अपने आपको और हमें बचा!" इस पर दूसरे ने उसे डाँटकर कहा, "क्या तू परमेश्वर से भी नहीं डरता? तू भी तो वही दण्ड पा रहा है, और हम तो न्यायानुसार दण्ड पा रहे हैं, क्योंकि हम अपने कामों का ठीक फल पा रहे हैं; पर इसने कोई अनुचित काम नहीं किया।" तब उसने कहा, "हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना।" उसने उससे कहा, "मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोकस्वर्गलोक: यह "फारसी" मूल का एक शब्द है, और इसका अर्थ "एक बगीचा," विशेष रूप से खुशियों का बगीचा हैं। में होगा।"
और दोपहर होने पर सारे देश में अंधियारा छा गया, और तीसरे पहर तक रहा। तीसरे पहर यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, "इलोई, इलोई, लमा शबक्तनी?" जिसका अर्थ है, "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?"
तब, मन्दिर का परदा ऊपर से नीचे तक फटकर दो टुकड़े हो गया: और धरती डोल गई और चट्टानें फट गईं। और कब्रें खुल गईं, और सोए हुए पवित्र लोगों के बहुत शव जी उठे। और उसके जी उठने के बाद वे कब्रों में से निकलकर पवित्र नगर में गए, और बहुतों को दिखाई दिए। तब सूबेदार और जो उसके साथ यीशु का पहरा दे रहे थे, भूकम्प और जो कुछ हुआ था, देखकर अत्यन्त डर गए, और कहा, "सचमुच यह परमेश्वर का पुत्र था!"
परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम लोग चंगे हो जाएँ। (रोम. 4:25, 1 पत. 2:24) हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना-अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभी के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया। (प्रेरि. 10:43, 1 पत. 2:25)
वह सताया गया, तो भी वह सहता रहा और अपना मुँह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय और भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुँह न खोला। (यूह. 1:29, मत्ती 27:12,14, मर. 15:4,5, 1 कुरि. 5:7, प्रका. 5:6,12)
क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है;
कुकर्मियों की मण्डली मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है;
वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। (मत्ती 27:35, मर. 15:29, लूका 23:33)
मैं अपनी सब हड्डियाँ गिन सकता हूँ;
वे मुझे देखते और निहारते हैं;
वे मेरे वस्त्र आपस में बाँटते हैं,
और मेरे पहरावे पर चिट्ठी डालते हैं। (मत्ती 27:35, लूका 23:34, यहू. 19:24,25)
वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं,
और होंठ बिचकाते
और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, (मत्ती 27:39, मर. 15:29)
वे कहते है "वह यहोवा पर भरोसा करता है,
यहोवा उसको छुड़ाए,
वह उसको उबारे क्योंकि वह उससे प्रसन्न है।" (भज. 91:14)
O amor que se entrega
Ninguém tem maior amor do que aquele que dá a vida pelos amigos. Deus prova seu amor em que Cristo morreu por nós quando ainda éramos pecadores.
इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।
"क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
क्योंकि बैरी होने की दशा में उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ, फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएँगे?
हमने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिए अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
और वही हमारे पापों का प्रायश्चित है: और केवल हमारे ही नहीं, वरन् सारे जगत के पापों का भी।
और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर
अपने आपको दीन किया, और यहाँ तक आज्ञाकारी रहा कि मृत्यु, हाँ,
क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Morte e ressurreição
Jesus morreu e ressuscitou, e a morte não mais tem domínio sobre Ele. Pelo batismo, participamos de sua morte e ressurreição.
क्योंकि हम जानते है कि मसीह मरे हुओं में से जी उठा और फिर कभी नहीं मरेगा। मृत्यु उस पर प्रभुता नहीं करती। क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।
क्या तुम नहीं जानते कि हम सब जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उसकी मृत्यु का बपतिस्मा लिया? इसलिए उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नये जीवन के अनुसार चाल चलें।
और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है। (2 कुरि. 5:10, सभो. 12:14) वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उसकी प्रतीक्षा करते हैं, उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा। (1 पत. 2:24, तीतु. 2:13)
"हे इस्राएलियों, ये बातें सुनो कि यीशु नासरी एक मनुष्य था जिसका परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ्य के कामों और आश्चर्य के कामों और चिन्हों से प्रगट है, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो। उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई योजना और पूर्व ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया, तो तुम ने अधर्मियों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वाकर मार डाला। परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता। (2 शमू. 22:6, भज. 18:4, भज. 116:3)
अच्छा चरवाहा मैं हूँ; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। (भज. 23:1, यशा. 40:11, यहे. 34:15)
क्योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो।