A mulher sábia
A mulher sábia constrói sua casa sobre o fundamento do temor do Senhor. Sua sabedoria abençoa a família, a comunidade e as gerações futuras.
A sabedoria que edifica
A mulher sábia edifica sua casa. O temor do Senhor é o princípio da sabedoria e a instrução que conduz à honra.
अदी तुम मा कोनी ला गियान को कमी सेत, ता उ परमेस्वर लक बिनती करेत, जोन बिन तिरस्कार को सबा लोकगीन ला भी को दरिया दिल लक देवसेत, अर वोला जरूर भेटेत।
Virtude e excelência
A mulher virtuosa é coroada de força e dignidade. Ela abre a boca com sabedoria e a instrução da bondade está na sua língua.
Exemplo e influência
A mulher sábia é exemplo de fé e bom testemunho. Suas atitudes inspiram e seu legado abençoa as gerações que virão.
असी रिती लक सेविका बुजुरुग बायकागीन को चाल-चलन मा पवीतर लोकगीन जसो होय। वय लान-छान लगावन वाली अना दरवा नही, पर साजरी गोस्टी सिकावनवारी होय। ताकि वय जवान बायकागीन ला चेतात रव्हे। की आपरो नवरागीन अना लेकरागीन लक माया राखे। अना धीरज धरन वारो, पवीतर, घर को काम करनवारी, साजरी अना आपरो-आपरो घरवालो को बसमा रव्हनवारी होय, ताकि परमेस्वर को गोस्टी को निन्दा न होवनो पाय।
एना परकार लक आई-माई ला भी गम्भीर होवनो पाहिजे लान-छान लगावन वारो नही होहे पर जगाहेत अना सबच गोस्टी गीन मा बिस्वास काबील होहे।
दहा कुवारी को उदाहरन
"वोना दिवस सरग को राज वय दहा कुँवारी टूरी को जसो होयेत। जोन अपरी टेमा धरके नवरदेव ला मिरन हिटीन। उनमा पाँच मुरख अना, पाँच हुसियार होतिन। मुरख न अपरी टेमा धरीन। तरी अपरो संग तेल नही आनीन। पर अक्कलवर गीन न अपरी, टेमा को संग कुप्पी मा भरके तेल आनीन। जबा नवरदेव को आवनो मा उसीर भई। ता वय सब उघंन लगीन, अना झोप गइन"।
"अरधी रात ला धुम मची चोवो नवरदेव आवासे। वोको लक मिरन लाय चलो। तबा वय सब कुँवारी टूरी गीन जगके अपरी टेमा साजरी करन लगीन। अना मुरखगीन न अक्कलवर लक कहीन, ‘अपरो कुप्पी को तेल देव। काहेकि हमारो टेमा बुझसे’। पर अक्कलवर गीन न कहिन, ‘आमरो लाय अना तुमरो लाय तेल पुन्ज जाय इतरो तेल नाहती। भलो त योच से की तुमी बिकन वालो को कठा जायके, अपरो लाई आनो’। जबा वय लेवन साठी जावत होतीन, त नवरदेव आय गयो। अना जोन तैय्यार होतीन वय वोको संग बिहा के घर मा चली गईन, अना किवाड़ बंद कियो गयो।"
" एको मंघा वय दुसरी कुँवारी टूरी गीन, आयके कव्हन लगीन, ‘हे पिरभु-हे स्वामी हमरो लाई किवाड़ उघाड दे।’ वोना कहीस ‘मी तुमला खरो कव्हसू, मी तुमला नही चिन्हू तुमी कोन सेव’?"
एको लाई "जगता रव्हो", तुमी वो दिवस अना उ बेरा को बारेमा मालुम नाहत।