Mulher
A Bíblia celebra a mulher como obra-prima da criação divina. Ela é elogiada por sua sabedoria, força, beleza interior e papel fundamental na família e na sociedade.
A mulher na criação
Deus criou o homem e a mulher à sua imagem. A mulher foi formada como ajudadora idônea — parceira de igual dignidade e valor.
ती परमेश्वर न मानुसक आपसा रुपो क ओनसारे बोनायो, आपसात रुपो क ओनसारे परमेश्वर न ओको पोरदा कोर्यो; नर आरु नारी कोरीन हुयो मानुस क बोनायो। (मत्ती 19:4, मर 10:6)
ति योहोवा परमेश्वर न आदम क भारी नींदो मा सुवाड़ देदो, आरु जोत्यार हुयो सुय गोयो ती हुयो ओकी एक पासळी निकाळीन हेरे जागे मास भोर देदो। आरु योहोवा परमेश्वर न ओकी पासळी क जो हुयो आदम मासी निकाळ्यो हुतो, बायर बोनाय देदो; आरु आदम क पास ली आयो। ती आदम न कयो, हिमी यी मारु हाड़की मा की हाड़की आरु मारा मास मा क मास छे; ओतरान कोरिन एरो नाव नारी होयसे, काहकी यी नर मासी निकवली गोयली छे। (उत्पत्ति 29:14, 2 शामुएल 5:1, 1 कुरिन्थियो 11:8, 1 तिमु, 2:13)
Virtude e caráter
A beleza é vã e a formosura passageira, mas a mulher que teme ao Senhor é digna de louvor. Seu caráter é seu maior tesouro.
Sabedoria e serviço
As mulheres da Bíblia foram líderes, profetisas e discípulas fiéis. Jesus honrou as mulheres e as incluiu em seu ministério.
ईशु क सेवा करनाय बायर
ओका बाद ईशु नगर आरू गाव खबर करता हुया, आरू यहोवा–भगवान क राज्य क खुश खबर सोमवता हुया पुगनेन लाग्या, आरू वो बारा ओको साथे हुता, आरू काही बायर भी होती जो विटळ आत्मा निकावी होती, आरू बीमारी छे छुड़ाय गयी होती आरू वो यो छे; मरियम जो मगदलीनी कवायती होती, जीनमा छे सात दुष्टत्मा नीकावती होती। आरू हेरोदेस क भण्डारी खुजा की बायर यहुन्ना, आरू सूसन्नाह, आरू घोणा सी दिसरा बायर। यो आपसी सम्पत्ति छे ओकी सेवा करती होती।
घरवाळा आरू बायर
हे बायर, तुमू भी आपसा घरवाळा क हको तळे रयो, अतरान करीन कि यदि इन मा छे काही ओसो होय जो वचन क मानता होय,
वोसो ही घर वावो तुमू भी बुध्दिमानी छे बायर क साथे जीवन निर्वाह करू, आरू बायर क निर्बल पात्र जानीन ओको विजुत करू यो समझीन की हामु दुय जीवन क वरदान क वारीस छे, जिनासे तुमरी प्रार्थना रूक नी जाय।
इनी प्रकार छे बायर क भी वातड़ो हुयने जूवे; दोष लागाड़ने वावी नी होय, पर सचेत आरू सब वात मा भुरसावावो होय।
इनी प्रकार डाहली बायर क चाल चालन चुखलो मानसे सा होय वो दोष लागाड़ने वावी आरू पियक्कड़ नी, पर वारली वात सिखाड़नेवावी होय। ताकि वो जुवान बायर क चेतावनी देती रोवे कि आपने घर वावा आरू पोर्या छे मोंग राख। आरू संयमी, घर वावो घर क कारभार करनेवाळी, वारली, आरू आपने आपने घर वावा क हको तळे रयनेवावी, होय ताकि यहोवा–भगवान क वचन की निन्दा नी हुयने देख्या।