Namoro e sexo
Namoro e sexo são temas que a Bíblia trata com clareza e sem tabus. Deus criou o sexo como bênção dentro do casamento e nos chama à pureza fora dele.
Pureza sexual
A vontade de Deus é a santificação. Cada um saiba controlar seu próprio corpo em santidade e honra, não na paixão do desejo.
चुनाँचे ख़ुदा की मर्ज़ी ये है कि तुम पाक बनो, या’नी हरामकारी से बचे रहो। और हर एक तुम में से पाकीज़गी और इज़्ज़त के साथ अपने ज़र्फ़ को हासिल करना जाने। न बुरी ख़्वाहिश के जोश से उन क़ौमों की तरह जो ख़ुदा को नहीं जानतीं
खाना पेट के लिए हैं और पेट खाने के लिए लेकिन ख़ुदा उसको और इनको नेस्त करेगा मगर बदन हरामकारी के लिए नहीं बल्कि ख़ुदावन्द के लिए है और ख़ुदावन्द बदन के लिए।
और जो कोई उससे ये उम्मीद रखता है, अपने आपको वैसा ही पाक करता है जैसा वो पाक है।
Arrependimento e restauração
Bem-aventurado aquele cujo pecado é perdoado. Deus restaura os que se arrependem e cria neles um coração limpo e renovado.
मुबारक है वह जिसकी ख़ता बख़्शी गई,
और जिसका गुनाह ढाँका गया।
मुबारक है वह आदमी जिसकी बदकारी को ख़ुदावन्द हिसाब में नहीं लाता,
और जिसके दिल में दिखावा नहीं।
जब मैं ख़ामोश रहा
तो दिन भर के कराहने से मेरी हड्डियाँ घुल गई।
क्यूँकि तेरा हाथ रात दिन मुझ पर भारी था;
मेरी तरावट गर्मियों की खु़श्की से बदल गई। सिलाह
मैंने तेरे सामने अपने गुनाह को मान लिया और अपनी बदकारी को न छिपाया,
मैंने कहा, मैं ख़ुदावन्द के सामने अपनी ख़ताओं का इक़रार करूँगा
और तूने मेरे गुनाह की बुराई को मु’आफ़ किया। सिलाह
इसीलिए हर दीनदार तुझ से ऐसे वक़्त में दुआ करे जब तू मिल सकता है।
यक़ीनन जब सैलाब आए तो उस तक नहीं पहुँचेगा।
मेरी बदी को मुझ से धो डाल,
और मेरे गुनाह से मुझे पाक कर!
क्यूँकि मैं अपनी ख़ताओं को मानता हूँ,
और मेरा गुनाह हमेशा मेरे सामने है।
मैंने सिर्फ़ तेरा ही गुनाह किया है,
और वह काम किया है जो तेरी नज़र में बुरा है;
ताकि तू अपनी बातों में रास्त ठहरे,
और अपनी 'अदालत में बे’ऐब रहे।
ज़ूफ़े से मुझे साफ़ कर, तो मैं पाक हूँगा;
मुझे धो, और मैं बर्फ़ से ज़्यादा सफ़ेद हूँगा।
मुझे ख़ुशी और ख़ुर्रमी की ख़बर सुना,
ताकि वह हड्डियाँ जो तूने तोड़ डाली, हैं, ख़ुश हों।
मेरे गुनाहों की तरफ़ से अपना मुँह फेर ले,
और मेरी सब बदकारी मिटा डाल।
ऐ ख़ुदा! मेरे अन्दर पाक दिल पैदा कर,
और मेरे बातिन में शुरू' से सच्ची रूह डाल।
मुझे अपने सामने से ख़ारिज न कर,
और अपनी पाक रूह को मुझ से जुदा न कर।
अपनी नजात की शादमानी मुझे फिर’इनायत कर,
और मुस्त’इद रूह से मुझे संभाल।