Namoro
O namoro cristão deve ser vivido com sabedoria, pureza e propósito. A Bíblia orienta sobre escolher um cônjuge, guardar o coração e honrar a Deus em todo relacionamento.
Guardar o coração
Sobre tudo o que se deve guardar, guarda o teu coração, porque dele procedem as fontes da vida. O namoro exige vigilância e sabedoria.
सबसे अधिक अपने हृदय की रक्षा करते रहना,
क्योंकि जीवन के प्रवाह इसी से निकलते हैं.
विश्वासियों और अविश्वासियों में मेल-जोल असंभव
अविश्वासियों के साथ असमान संबंध में न जुड़ो. धार्मिकता तथा अधार्मिकता में कैसा मेल-जोल या ज्योति और अंधकार में कैसा संबंध? मसीह और शैतान में कैसा मेल या विश्वासी और अविश्वासी में क्या सहभागिता?
क्या यह संभव है कि बिना सहमति के
दो व्यक्ति एक साथ चलें?
धोखे में मत रहना: बुरी संगति अच्छे चरित्र को बिगाड़ देती है.
Pureza e santidade
O corpo é templo do Espírito Santo. A Bíblia nos chama a fugir da imoralidade e esperar no amor com paciência e respeito mútuo.
वेश्यागामी से दूर भागो! मनुष्य द्वारा किए गए अन्य पाप उसके शरीर को प्रभावित नहीं करते किंतु वेश्यावृत्ति करनेवाला अपने ही शरीर के विरुद्ध पाप करता है. क्या तुम्हें यह अहसास नहीं कि तुम्हारा शरीर पवित्र आत्मा का—जिनका तुम्हारे अंदर वास है तथा जो तुम्हें परमेश्वर से प्राप्त हुए हैं—मंदिर है? तुम पर तुम्हारा अधिकार नहीं क्योंकि तुम्हें दाम देकर मोल लिया गया है; इसलिये अपने शरीर के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो.
तब कदाचित कोई कहे, "भोजन पेट के लिए तथा पेट भोजन के लिए है." ठीक है, किंतु मैं कहता हूं कि परमेश्वर दोनों ही को समाप्त कर देंगे. सच यह भी है कि शरीर वेश्यागामी के लिए नहीं परंतु प्रभु के लिए है तथा प्रभु शरीर के रक्षक हैं.
किंतु यदि उनके लिए संयम रखना संभव नहीं तो वे विवाह कर लें—कामातुर होकर जलते रहने की बजाय विवाह कर लेना ही उत्तम है.
येरूशलेम की कन्याओ, मुझको वचन दो,
जब तक सही समय न आए,
मेरे प्रेम को न जगाना.
मित्रगण
विवाह की बात सम्मानित रहे तथा विवाह का बिछौना कभी अशुद्ध न होने पाए क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों तथा परस्त्रीगामियों को दंडित करेंगे.
A esposa prudente vem do Senhor
Deus criou o homem e a mulher para completarem-se. A casa e os bens são herança dos pais, mas a esposa prudente vem do Senhor.
इसके बाद याहवेह परमेश्वर ने कहा, "आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं है. मैं उसके लिए एक सुयोग्य साथी बनाऊंगा."
घर और संपत्ति पूर्वजों का धन होता है,
किंतु बुद्धिमती पत्नी याहवेह की ओर से प्राप्त होती है.
और इन सबसे बढ़कर प्रेम भाव बनाए रखो, जो एकता का समूचा सूत्र है.