Nascimento
O nascimento é obra das mãos de Deus. Cada criança é formada por Ele no ventre materno com propósito e amor. A Bíblia celebra a vida desde a concepção até a eternidade.
O nascimento de Jesus
O maior nascimento da história mudou o curso da humanidade. Jesus nasceu de uma virgem pelo poder do Espírito Santo, conforme as profecias.
अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार हुआ : उसकी माता मरियम की मँगनी यूसुफ से हुई, पर उनके एक साथ होने से पहले वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। परंतु उसके मँगेतर यूसुफ ने, जो एक धर्मी व्यक्ति था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने का विचार किया। जब वह इन बातों पर विचार कर ही रहा था तो देखो, प्रभु के एक स्वर्गदूत ने उसे स्वप्न में दिखाई देकर कहा, "हे यूसुफ, दाऊद की संतान! तू मरियम को अपनी पत्नी स्वीकार करने से मत डर, क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। वह एक पुत्र को जन्म देगी और तू उसका नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा।"
यह सब इसलिए हुआ कि प्रभु का वह वचन जो भविष्यवक्ता के द्वारा कहा गया था, पूरा हो :
देखो, एक कुँवारी गर्भवती होगी
और एक पुत्र को जन्म देगी,
और उसका नाम "इम्मानुएल" रखा जाएगा, जिसका अर्थ है, परमेश्वर हमारे साथ।
तब यूसुफ ने नींद से जागकर वैसा ही किया जैसा प्रभु के स्वर्गदूत ने उसे आज्ञा दी थी, और उसे अपनी पत्नी स्वीकार करके ले आया; और उसके पास तब तक नहीं गया जब तक उसने पुत्र को जन्म न दिया; और उसने उसका नाम यीशु रखा।
उसके छठे महीने में जिब्राईल स्वर्गदूत को परमेश्वर की ओर से गलील के नासरत नामक नगर में एक कुँवारी के पास भेजा गया, जिसकी मँगनी दाऊद के घराने के यूसुफ नामक एक पुरुष से हुई थी, और उस कुँवारी का नाम मरियम था।
तब स्वर्गदूत ने उससे कहा, "हे मरियम, मत डर! क्योंकि तुझ पर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ है; देख, तू गर्भवती होगी और एक पुत्र को जन्म देगी, और तू उसका नाम यीशु रखना। वह महान होगा और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा, और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उसे देगा, वह याकूब के घराने पर सदा काल तक राज्य करेगा, और उसके राज्य का अंत न होगा।"
परंतु मरियम ने स्वर्गदूत से कहा, "यह कैसे होगा, क्योंकि मैं तो कुँवारी हूँ?" स्वर्गदूत ने उसको उत्तर दिया, "पवित्र आत्मा तुझ पर आएगा, और परमप्रधान का सामर्थ्य तुझ पर छाया करेगा; इसलिए वह पवित्र जो उत्पन्न होगा, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा।
Formados desde o ventre
Deus nos teceu no ventre de nossa mãe. Antes de nascermos, Ele já nos conhecia e nos separou para um propósito sagrado.
तूने मेरे भीतरी अंगों को बनाया है,
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा है।
मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ,
क्योंकि मैं आश्चर्यजनक और अद्भुत रीति से रचा गया हूँ।
तेरे कार्य अद्भुत हैं
और मैं यह भली-भाँति जानता हूँ।
जब मैं गुप्त में बनाया जाता,
और पृथ्वी के गर्भ में रचा जाता था,
तब मेरी हड्डियाँ तुझसे छिपी न थीं,
तेरी आँखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा।
मेरे सब दिन तेरी पुस्तक में लिखे और निर्धारित किए गए थे,
जबकि उनमें से एक भी अस्तित्व में न था।
परंतु तूने ही मुझे गर्भ से निकाला;
जब मैं दूध-पीता बच्चा ही था,
तब से तूने मुझे भरोसा रखना सिखाया।
मैं तो जन्म से ही तुझे सौंपा गया था;
माता के गर्भ से ही तू मेरा परमेश्वर रहा है।
जन्म से ही तूने मुझे संभाला;
मुझे माता के गर्भ से तूने ही निकाला।
इसलिए मैं निरंतर तेरी स्तुति करता रहूँगा।
Crianças — bênção e promessa
Jesus acolheu as crianças e disse: delas é o Reino dos céus. Os filhos são herança do Senhor e motivo de alegria para os pais.
तब यीशु ने कहा,"बच्चों को मेरे पास आने दो, उन्हें मत रोको, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।"
इसलिए जो कोई अपने आपको इस बच्चे के समान नम्र बनाता है, वही स्वर्ग के राज्य में बड़ा है। जो कोई ऐसे किसी एक बच्चे को मेरे नाम से ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है।
फिर उसने उन्हें बाँहों में लिया और उन पर हाथ रखकर आशिष देने लगा।
देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं,
गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
क्योंकि हे यहोवा,
तूने मुझे अपने कार्यों से आनंदित किया है;
मैं तेरे हाथों के कार्यों
के कारण जय जयकार करूँगा।
Nascer de novo
Jesus ensinou que é preciso nascer de novo para ver o Reino de Deus. O novo nascimento é espiritual — pelo Espírito e pela Palavra.
इस पर यीशु ने उससे कहा,"मैं तुझसे सच-सच कहता हूँ, जब तक कोई नए सिरे से जन्म न ले, वह परमेश्वर के राज्य को नहीं देख सकता।"
जब स्त्री प्रसव में होती है तो उसे शोक होता है, क्योंकि उसकी घड़ी आ पहुँची है; परंतु जब वह बच्चे को जन्म दे देती है, तो इस आनंद से कि इस संसार में एक मनुष्य का जन्म हुआ, अपने उस कष्ट को फिर स्मरण नहीं करती।
प्रत्येक जो परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है वह पाप नहीं करता, क्योंकि परमेश्वर का बीज उसमें बना रहता है; और वह पाप में नहीं चल सकता, क्योंकि वह परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है।