Pular para o conteúdo
Publicidade

Nem só de pão vive o homem

Por Bíblia Online

'Nem só de pão vive o homem' — essa declaração de Jesus ao diabo no deserto revela que a Palavra de Deus é o verdadeiro alimento que sustenta a vida em plenitude.

O verdadeiro alimento

Quando tentado a transformar pedras em pão, Jesus respondeu com a Escritura: a vida humana depende de toda palavra que sai da boca de Deus.

उततर िा, "िै,

मनवल नहीं,

परनहर एक वचन परमवर िकलतिरहा।’"

और उससकहा, "यदि परमवर ै, इस पतथर कह, ि बन " उसउततर िा, "िै: मनवल िरहा।’" (यव. 8:3)

उसनझकनमबना, और िा, िवह मना, िऔर रखनते, वहझकिा; इसलिि वह झकिि मनवल नहीं िरहता, परनो-वचन यहुँमनवल नहीं .... वचन यहुँ: उनें यह िगई ि मनरकि षण नहीं, बलि उस रकि यम जनहपरमवर िरहतै। िकलतैं उन वह िरहतै। (मत4:4, 4:4, 1 ि. 10:3)

Jesus, o pão vivo

Jesus é o pão da vida que desceu do céu. Quem come deste pão viverá para sempre. Ele é o sustento que satisfaz a fome da alma.

उनसकहा, "वन ैं ूँवन ैं ूँ: मतलब ि वह आतिवन सहउनकिवन और आतिि ा।: आएगवह कभऔर पर िकरा, वह कभा।

वन ैं ूँ।

वन वरउतरैं ूँ। यदि इस ें , सरवदिरहा; और ैं जगत वन िूँा, वह ाँै।"

ििऔर ैं िरण िूँ वह एगरण िरहा। वरउतरयहै, वजों समनहीं ि ा, और मर गए; यह एगा, वह सरवदिरहा।"

Buscar o Reino acima de tudo

Não andeis ansiosos pelo que comer ou beber. Buscai primeiro o Reino de Deus, e todas estas coisas vos serão acrescentadas.

इसलिैं कहतूँ, ि अपनियह िकरनि हम े, और े, और अपनशरिि पहनेंे, जन े, और शरवसबढकर नहीं?

और इस ें रहो, ि और े, और सनकरो। ोंि िाँ इन सब वसें रहतैं और िनतै, ि ें इन वसआवशयकतै। परनउसकें रहो, वसें िी।

इतनें उसकयह िनतकरनलगे, "रबी, े।" परनउसनउनसकहा, "िऐसजन िनहीं नते।" तब ों आपस ें कहा, "उसकिै?" उनसकहा, "जन यह ै, ि अपनजनइचअनचलूँ और उसककरूँ।

ोंि ों ें लगें,

और खलतें फल लगें,

वल

और ों ें अनउपजे,

ें ़-बकरिाँ रहें,

और ों ें ों, (13:6)

ैं यहरण आननिऔर मगन रहूँा,

और अपनउदरकरपरमवर अति रसनरहूँ

यहपरमवर बलमै,

वह ाँिरनों समबनै,

वह ों पर चलै।

Seja o primeiro