Nem só de pão vive o homem
'Nem só de pão vive o homem' — essa declaração de Jesus ao diabo no deserto revela que a Palavra de Deus é o verdadeiro alimento que sustenta a vida em plenitude.
O verdadeiro alimento
Quando tentado a transformar pedras em pão, Jesus respondeu com a Escritura: a vida humana depende de toda palavra que sai da boca de Deus.
यीसू ह जबाब दीस, "परमेसर के बचन म लिखे हवय, ‘मनखे ह सिरिप रोटी ले ही जीयत नइं रहय, फेर हर ओ बचन, जऊन ह परमेसर के मुहूं ले निकलथे जीयत रहिही।’"
तब सैतान ह यीसू ला कहिस, "यदि तेंह परमेसर के बेटा अस, त ये पथरा ले कह कि येह रोटी बन जावय।"
यीसू ह जबाब दीस, "परमेसर के बचन म लिखे हवय: ‘मनखे ह सिरिप रोटी ले ही जीयत नइं रहय।’ "
ओह तुमन ला भूखा रखके नम्र करिस अऊ फेर तुमन ला मन्ना खवाईस, जेकर बारे म न तो तुमन अऊ न ही तुम्हर पुरखामन जानत रिहिन; ओह तुमन ला ये सिखाय बर घलो नम्र करिस कि मनखे ह सिरिप रोटी ले ही जीयत नइं रहय, फेर हर ओ बचन जऊन ह यहोवा के मुहूं ले निकलथे जीयत रहिही।
Jesus, o pão vivo
Jesus é o pão da vida que desceu do céu. Quem come deste pão viverá para sempre. Ele é o sustento que satisfaz a fome da alma.
तब यीसू ह ओमन ला कहिस, "जिनगी के रोटी मेंह अंव। जऊन ह मोर करा आथे, ओह कभू भूखन नइं होवय अऊ जऊन ह मोर ऊपर बिसवास करथे, ओह कभू पीयासन नइं होवय।
जिनगी के रोटी मेंह अंव।
मेंह ओ जीयत रोटी अंव, जऊन ह स्वरग ले उतरिस। यदि कोनो ये रोटी म ले खाही, त ओह सदाकाल तक जीयत रहिही। ओ रोटी जऊन ला मेंह संसार के जिनगी बर दूहूं, ओह मोर मांस ए।"
जइसने जीयत ददा ह मोला पठोईस अऊ ददा के कारन मेंह जीयत हवंव, ओहीच किसम ले जऊन ह मोला खाही, ओह मोर कारन जीयत रहिही। येह ओ रोटी ए, जऊन ह स्वरग ले उतरिस। हमर पुरखामन मन्ना खाईन अऊ मर गीन, पर जऊन ह ये रोटी ला खाही, ओह सदाकाल तक जीयत रहिही।"
Buscar o Reino acima de tudo
Não andeis ansiosos pelo que comer ou beber. Buscai primeiro o Reino de Deus, e todas estas coisas vos serão acrescentadas.
चिंता झन करव
"एकरसेति, मेंह तुमन ला कहत हंव कि तुमन अपन जिनगी के बारे म चिंता झन करव कि तुमन का खाहू या का पीहू, अऊ न अपन देहें के बारे म चिंता करव कि तुमन का पहिरहू। का जिनगी ह भोजन ले जादा महत्व के नो हय? अऊ देहें ह ओनहा ले बढ़के नो हय?
अऊ एकर धियान म झन रहव कि तुमन का खाहू या का पीहू; एकर चिंता झन करव। काबरकि ये संसार म मूरती-पूजा करइयामन ये जम्मो चीज के खोज म रहिथें, अऊ तुम्हर ददा परमेसर ह जानथे कि तुमन ला ये चीजमन के जरूरत हवय। परमेसर के राज के खोज म रहव, त संग म ये चीजमन घलो तुमन ला दिये जाही।
ये दरमियान यीसू के चेलामन ओकर ले बिनती करिन, "हे रब्बी, कुछू खा ले।"
पर यीसू ह ओमन ला कहिस, "मोर करा खाय बर अइसने भोजन हवय, जेकर बारे म तुमन कुछू नइं जानत हव।"
तब चेलामन एक-दूसर ले पुछे लगिन, "का कोनो एकर बर कुछू खाय बर लाय हवय?"
यीसू ह ओमन ला कहिस, "मोर भोजन ये अय कि मेंह अपन पठोइया परमेसर के ईछा ला पूरा करंव अऊ ओ काम ला पूरा करंव, जऊन ला ओह मोला दे हवय।
चाहे अंजीर के रूख म अंकुर झन निकलय
अऊ अंगूर के नार म अंगूर झन फरय,
चाहे जैतून के रूख म फर झन लगंय
अऊ खेत म अनाज झन होवय।
चाहे बाड़ा म कोनो भेड़ झन रहंय
अऊ कोठा म कोनो पसु झन होवंय,
तभो ले मेंह यहोवा म आनंद मनाहूं,
मेंह परमेसर अपन उद्धारकर्ता म आनंदित होहूं।
परमपरधान यहोवा ह मोर बल अय;
ओह मोर पांव ला हिरन के पांव सहीं बना देथे,
ओह मोला ऊंच जगह म चले के लईक बनाथे।
संगीत निरदेसक बर। मोर तारवाले बाजामन के संग।