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Obediência

Por Bíblia Online

A obediência a Deus é a resposta natural do amor. Jesus disse: 'Se me amais, guardareis os meus mandamentos.' A obediência abre portas de bênção e nos aproxima do coração de Deus.

Obedecer é melhor que sacrificar

Deus deseja obediência acima de rituais. O sacrifício sem submissão ao Senhor é vazio de significado espiritual.

तब पतरस और िों उततर िा, "मनों अपपरम्‍वर आजननआवशयक ै।

हम इन ों ैं, और पविआतिपरम्‍वर अपनआजननों िै।"

यदयपि वह ा, िउसनुःउठकर आजिी, और उन सब ि, उसकआजनतैं, िठहरकर अनउदबन गया,

Obedecer aos mandamentos de Cristo

Jesus vinculou amor a obediência. Quem ama a Deus guarda seus mandamentos, e seus mandamentos não são pesados.

पविआतरति

"यदि झसरखतो, आजलन करे;

इस पर उससकहा,"यदि झसरखतवह वचन लन करा, और िउससरखा, और हम उसकआएऔर उसककरेंे।

ोंि परम्‍वर रखनयह ि हम उसकआजलन करें, और उसकआजकठिनहीं ैं।

िो, यदि हममन हमें ठहर, परम्‍वर मनहमें हस ै, और हम ाँगतैं, वह उससैं, ोंि हम उसकआजलन करतैं और वहकरतैं िससवह रसन्‍ै।

ननऔर लन करन

"जब कहननहीं नते, रभु, रभु’ ों कहतो?

चलनअर

तब वह सब कहनलगा,"यदि आनहतै, वह अपनआप इनककरे, रतििअपनउठऔर े;

Obedecer e praticar a Palavra

Sejam praticantes da Palavra. Quem ouve e pratica é como o homem sábio que construiu sobre a rocha firme — inabalável.

वचन लन करनबनऔर वल नननहीं वयैं।

वचन लन करनबनऔर वल नननहीं वयैं।

इसलिपरम्‍वर अध; मनकरो, और वह एगा।

यभििवन

, अपनिआजलन कर,

और अपनि

िलन करतै,

वह वन पर ै,

पराँुँड़तै,

वह भटक ै।

Bênçãos da obediência

A obediência abre caminho de bênçãos e prosperidade. Deus promete vida, saúde e vitória aos que andam em seus caminhos.

इसलिइन आजें िएक और मनों िएगा, वह वरें सब कहलएगा; परउनकलन करऔर उनें िएगा, वहवरें बड़कहलएगा।

इसलििइयो, और अटल रहतथरभें सदबढ़त, ोंि नति परिरम रभें यरनहीं ै।

ोंि िरकएक मनआजा-उल्‍घन सब ठहरगए, उसरकएक मनआजिबहधरठहरे।

इसयवसआई ि अपरबढ़े, परजहाँ बढ़वहाँ अनरह उससकहीं अधि,

Submissão e consagração

Apresentar o corpo como sacrifício vivo é o culto racional. A obediência se expressa em submissão, serviço e consagração total a Deus.

िबलि

अतइयो, परम्‍वर दयमरण िकर ैं मसआगरह करतूँ ि अपनशरों ि, पविऔर परम्‍वर वतबलिें अरिकरो, यहआतिै।

इस सदबनो, बलि अपनमन नए परिवरि, िससपरम्‍वर इचपहचसको, भली, रहणयऔर िै।

रयत्‍करनें आलसो, आतें उतरहो, और रभकरतरहो,

अतितनपरम्‍वर आतचलैं, परम्‍वर ैं।

रति मसकरतव

रतयक्‍ि सकअधििों अधरहे, ोंि अधिऐसनहीं परम्‍वर ओर ो, और अधिैं परम्‍वर ि्‍ैं।

रति मसकरतव

रतयक्‍ि सकअधििों अधरहे, ोंि अधिऐसनहीं परम्‍वर ओर ो, और अधिैं परम्‍वर ि्‍ैं। इसलिअधििकरतवह परम्‍वर िि मनकरतै, और मनकरनअपनऊपर े।

ि ैं परम्‍वर इचआनदपवक आकर िँ।

और हर परम्‍वर िमहििकरि मसरभै।

आजबच्‍ों सम, अपनअजनतसमय अभिसदबनो,

उसनउततर िा, "रभअपनपरम्‍वर अपनमन और अपनऔर अपनशक्‍ि और अपनि रखना, और अपनपड़अपनसमरखना।"

शत

"परैं ननों कहतूँ, अपनशतरखो, मसकरें उनकभलकरो; ें ें, उनें आशिो; अपमकरें, उनकिथनकरो।

नतआजलन करेंे;

परदअधे।

मननहीं ा, बलि ैंें और ें ि्‍िि कर फल और फल बनरहे, ि िाँो, वह ें े।

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