Obediência
A obediência a Deus é a resposta natural do amor. Jesus disse: 'Se me amais, guardareis os meus mandamentos.' A obediência abre portas de bênção e nos aproxima do coração de Deus.
Obedecer é melhor que sacrificar
Deus deseja obediência acima de rituais. O sacrifício sem submissão ao Senhor é vazio de significado espiritual.
तब पतरस और प्रेरितों ने उत्तर दिया, "मनुष्यों की अपेक्षा परमेश्वर की आज्ञा मानना आवश्यक है।
हम इन बातों के साक्षी हैं, और वैसे ही पवित्र आत्मा भी है जिसे परमेश्वर ने अपनी आज्ञा माननेवालों को दिया है।"
यद्यपि वह पुत्र था, फिर भी उसने दुःख उठाकर आज्ञाकारिता सीखी, और उन सब के लिए, जो उसकी आज्ञा मानते हैं, सिद्ध ठहराया जाकर अनंत उद्धार का स्रोत बन गया,
Obedecer aos mandamentos de Cristo
Jesus vinculou amor a obediência. Quem ama a Deus guarda seus mandamentos, e seus mandamentos não são pesados.
पवित्र आत्मा की प्रतिज्ञा
"यदि तुम मुझसे प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं का पालन करोगे;
इस पर यीशु ने उससे कहा,"यदि कोई मुझसे प्रेम रखता है तो वह मेरे वचन का पालन करेगा, और मेरा पिता उससे प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएँगे और उसके साथ वास करेंगे।
क्योंकि परमेश्वर से प्रेम रखना यह है कि हम उसकी आज्ञाओं का पालन करें, और उसकी आज्ञाएँ कठिन नहीं हैं।
प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोषी न ठहराए, तो परमेश्वर के सामने हमें साहस होता है, और जो कुछ हम माँगते हैं, वह उससे पाते हैं, क्योंकि हम उसकी आज्ञाओं का पालन करते हैं और वही कार्य करते हैं जिससे वह प्रसन्न होता है।
सुनना और पालन करना
"जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो मुझे ‘हे प्रभु, हे प्रभु’ क्यों कहते हो?
यीशु के पीछे चलने का अर्थ
तब वह सब से कहने लगा,"यदि कोई मेरे पीछे आना चाहता है, तो वह अपने आप का इनकार करे, प्रतिदिन अपना क्रूस उठाए और मेरे पीछे हो ले;
Obedecer e praticar a Palavra
Sejam praticantes da Palavra. Quem ouve e pratica é como o homem sábio que construiu sobre a rocha firme — inabalável.
वचन का पालन करनेवाले बनो और केवल सुननेवाले ही नहीं जो स्वयं को धोखा देते हैं।
वचन का पालन करनेवाले बनो और केवल सुननेवाले ही नहीं जो स्वयं को धोखा देते हैं।
इसलिए परमेश्वर के अधीन हो जाओ; शैतान का सामना करो, और वह तुम्हारे पास से भाग जाएगा।
व्यभिचार के विरुद्ध चेतावनी
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की आज्ञा का पालन कर,
और अपनी माता की शिक्षा को न त्याग।
जो शिक्षा का पालन करता है,
वह जीवन के मार्ग पर है,
परंतु जो डाँट से मुँह मोड़ता है,
वह भटक जाता है।
Bênçãos da obediência
A obediência abre caminho de bênçãos e prosperidade. Deus promete vida, saúde e vitória aos que andam em seus caminhos.
इसलिए जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़ेगा और वैसा ही मनुष्यों को सिखाएगा, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परंतु जो कोई उनका पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में बड़ा कहलाएगा।
इसलिए हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो तथा प्रभु के कार्य में सदैव बढ़ते जाओ, क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।
क्योंकि जिस प्रकार एक मनुष्य के आज्ञा-उल्लंघन से सब पापी ठहराए गए, उसी प्रकार एक मनुष्य की आज्ञाकारिता से बहुत लोग धर्मी ठहराए जाएँगे।
इसी बीच व्यवस्था आई कि अपराध बढ़े, परंतु जहाँ पाप बढ़ा वहाँ अनुग्रह उससे कहीं अधिक हुआ,
Submissão e consagração
Apresentar o corpo como sacrifício vivo é o culto racional. A obediência se expressa em submissão, serviço e consagração total a Deus.
जीवित बलिदान
अतः हे भाइयो, परमेश्वर की दया स्मरण दिलाकर मैं तुमसे आग्रह करता हूँ कि अपने शरीरों को जीवित, पवित्र और परमेश्वर को भावते हुए बलिदान के रूप में अर्पित करो, यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।
इस संसार के सदृश्य न बनो, बल्कि अपने मन के नए हो जाने के द्वारा तुम परिवर्तित होते जाओ, जिससे तुम परमेश्वर की इच्छा को पहचान सको, जो भली, ग्रहणयोग्य और सिद्ध है।
प्रयत्न करने में आलसी न हो, आत्मा में उत्साही रहो, और प्रभु की सेवा करते रहो,
अतः जितने परमेश्वर के आत्मा के द्वारा चलाए जाते हैं, वे परमेश्वर की संतान हैं।
राज्य के प्रति मसीही कर्त्तव्य
प्रत्येक व्यक्ति शासकीय अधिकारियों के अधीन रहे, क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न हो, और जो अधिकारी हैं वे परमेश्वर के द्वारा नियुक्त हैं।
राज्य के प्रति मसीही कर्त्तव्य
प्रत्येक व्यक्ति शासकीय अधिकारियों के अधीन रहे, क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न हो, और जो अधिकारी हैं वे परमेश्वर के द्वारा नियुक्त हैं। इसलिए जो अधिकार का विरोध करता है वह परमेश्वर की विधि का सामना करता है, और सामना करनेवाले अपने ऊपर दंड लाएँगे।
ताकि मैं परमेश्वर की इच्छा से आनंदपूर्वक तुम्हारे पास आकर तुम्हारे साथ विश्राम पाऊँ।
और हर जीभ परमेश्वर पिता की महिमा के लिए अंगीकार करे कि यीशु मसीह ही प्रभु है।
आज्ञाकारी बच्चों के समान, अपनी अज्ञानता के समय की पुरानी अभिलाषाओं के सदृश्य न बनो,
उसने उत्तर दिया, "तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने संपूर्ण मन और अपने संपूर्ण प्राण और अपनी संपूर्ण शक्ति और अपनी संपूर्ण बुद्धि से प्रेम रखना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना।"
शत्रुओं से प्रेम
"परंतु मैं तुम सुननेवालों से कहता हूँ, अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, जो तुमसे घृणा करें उनके साथ भलाई करो; जो तुम्हें शाप दें, उन्हें आशिष दो; जो तुम्हारा अपमान करें, उनके लिए प्रार्थना करो।
मेरा नाम सुनते ही वे मेरी आज्ञा का पालन करेंगे;
परदेशी मेरे अधीन हो जाएँगे।
तुमने मुझे नहीं चुना, बल्कि मैंने तुम्हें चुना और तुम्हें नियुक्त किया कि तुम जाकर फल लाओ और तुम्हारा फल बना रहे, ताकि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से माँगो, वह तुम्हें दे।