Ouvir a voz de Deus
Ouvir a voz de Deus é o privilégio supremo do cristão. Ele fala por sua Palavra, pelo Espírito e em circunstâncias — e as ovelhas reconhecem a voz do bom Pastor.
As ovelhas ouvem a voz do Pastor
Jesus disse: minhas ovelhas ouvem minha voz, eu as conheço e elas me seguem. A relação com Deus é íntima e pessoal.
मेरी भेड़ें मेरी आवाज़ सुनती हैं। मैं उन्हें जानता हूँ और वह मेरे पीछे चलती हैं।
नबियों के सहीफ़ों में लिखा है, ‘सब अल्लाह से तालीम पाएँगे।’ जो भी अल्लाह की सुनकर उससे सीखता है वह मेरे पास आ जाता है।
जो अल्लाह से है वह अल्लाह की बातें सुनता है। तुम यह इसलिए नहीं सुनते कि तुम अल्लाह से नहीं हो।"
मैं तुमको सच बताता हूँ, जो भी मेरी बात सुनकर उस पर ईमान लाता है जिसने मुझे भेजा है अबदी ज़िंदगी उस की है। उसे मुजरिम नहीं ठहराया जाएगा बल्कि वह मौत की गिरिफ़्त से निकलकर ज़िंदगी में दाख़िल हो गया है। मैं तुमको सच बताता हूँ कि एक वक़्त आनेवाला है बल्कि आ चुका है जब मुरदे अल्लाह के फ़रज़ंद की आवाज़ सुनेंगे। और जितने सुनेंगे वह ज़िंदा हो जाएंगे।
ज़िंदगी का कलाम
इब्तिदा में कलाम था। कलाम अल्लाह के साथ था और कलाम अल्लाह था।
कलाम इनसान बनकर हमारे दरमियान रिहाइशपज़ीर हुआ और हमने उसके जलाल का मुशाहदा किया। वह फ़ज़ल और सच्चाई से मामूर था और उसका जलाल बाप के इकलौते फ़रज़ंद का-सा था।
Deus fala pela Palavra
Toda Escritura é inspirada por Deus. A Bíblia é a voz confiável de Deus registrada para nos guiar em toda verdade.
क्योंकि हर पाक नविश्ता अल्लाह के रूह से वुजूद में आया है और तालीम देने, मलामत करने, इसलाह करने और रास्तबाज़ ज़िंदगी गुज़ारने की तरबियत देने के लिए मुफ़ीद है। कलामे-मुक़द्दस का मक़सद यही है कि अल्लाह का बंदा हर लिहाज़ से क़ाबिल और हर नेक काम के लिए तैयार हो।
सबसे बढ़कर आपको यह समझने की ज़रूरत है कि कलामे-मुक़द्दस की कोई भी पेशगोई नबी की अपनी ही तफ़सीर से पैदा नहीं होती। क्योंकि कोई भी पेशगोई कभी भी इनसान की तहरीक से वुजूद में नहीं आई बल्कि पेशगोई करते वक़्त इनसानों ने रूहुल-क़ुद्स से तहरीक पाकर अल्लाह की तरफ़ से बात की।
ग़रज़, ईमान पैग़ाम सुनने से पैदा होता है, यानी मसीह का कलाम सुनने से।
दो क़िस्म के मकान
लिहाज़ा जो भी मेरी यह बातें सुनकर उन पर अमल करता है वह उस समझदार आदमी की मानिंद है जिसने अपने मकान की बुनियाद चट्टान पर रखी। बारिश होने लगी, सैलाब आया और आँधी मकान को झँझोड़ने लगी। लेकिन वह न गिरा, क्योंकि उस की बुनियाद चट्टान पर रखी गई थी।
लेकिन ईसा ने जवाब दिया, "बात यह नहीं है। हक़ीक़त में वह मुबारक हैं जो अल्लाह का कलाम सुनकर उस पर अमल करते हैं।"
Buscar e ouvir
Deus promete: 'Clama a mim, e te responderei.' Quando buscamos sinceramente sua voz, encontramos direção e revelação.
मुझे पुकार तो मैं तुझे जवाब में ऐसी अज़ीम और नाक़ाबिले-फ़हम बातें बयान करूँगा जो तू नहीं जानता।
अगर दाईं या बाईं तरफ़ मुड़ना है तो तुम्हें पीछे से हिदायत मिलेगी, "यही रास्ता सहीह है, इसी पर चलो!" तुम्हारे अपने कान यह सुनेंगे।
उन्होंने कहा, "रब हमारे ख़ुदा ने हम पर अपना जलाल और अज़मत ज़ाहिर की है। आज हमने आग में से उस की आवाज़ सुनी है। हमने देख लिया है कि जब अल्लाह इनसान से हमकलाम होता है तो ज़रूरी नहीं कि वह मर जाए।
रब की आवाज़ समुंदर के ऊपर गूँजती है। जलाल का ख़ुदा गरजता है, रब गहरे पानी के ऊपर गरजता है।
रब की आवाज़ ज़ोरदार है, रब की आवाज़ पुरजलाल है।
रब की आवाज़ देवदार के दरख़्तों को तोड़ डालती है, रब लुबनान के देवदार के दरख़्तों को टुकड़े टुकड़े कर देता है।
मैं बुलंद आवाज़ से रब को पुकारता हूँ, और वह अपने मुक़द्दस पहाड़ से मेरी सुनता है। (सिलाह)