Paciência
A paciência é fruto do Espírito e virtude essencial da vida cristã. Deus é paciente conosco, e nos chama a ser pacientes com os outros e nas provações.
A paciência de Deus
Deus é clemente e tardio em irar-se. Sua paciência revela seu desejo de que todos se arrependam e cheguem ao conhecimento da verdade.
ख़ुदावन्द रहीम व करीम है,
क़हर करने में धीमा और शफ़क़त में गनी।
ख़ुदावन्द अपने वा’दे में देर नहीं करता, जैसी देर कुछ लोग समझते है; बल्कि तुम्हारे बारे में हलाकत नहीं चाहता बल्कि ये चाहता है कि सबकी तौबा तक नौबत पहुँचे।
ऐ 'अज़ीज़ो! ये ख़ास बात तुम पर पोशीदा न रहे कि ख़ुदावन्द के नज़दीक एक दिन हज़ार बरस के बराबर है, और हज़ार बरस एक दिन के बराबर।
और अपने कपड़ों को नहीं, बल्कि दिलों को चाक करके, ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा की तरफ़ मुतवज्जिह हो; क्यूँकि वह रहीम — ओ — मेहरबान, क़हर करने में धीमा, और शफ़क़त में ग़नी है; और 'ऐज़ाब नाज़िल करने से बाज़ रहता है।
लेकिन मुझ पर रहम इसलिए हुआ कि ईसा मसीह मुझ बड़े गुनहगार में अपना सब्र ज़ाहिर करे, ताकि जो लोग हमेशा की ज़िन्दगी के लिए उस पर ईमान लाएँगे उन के लिए मैं नमूना बनूँ।
तोभी ख़ुदावन्द तुम पर मेहरबानी करने के लिए इन्तिज़ार करेगा, और तुम पर रहम करने के लिए बुलन्द होगा। क्यूँकि ख़ुदावन्द इन्साफ़ करने वाला ख़ुदा है, मुबारक हैं वह सब जो उसका इन्तिज़ार करते हैं।
Esperar com paciência
Os que esperam no Senhor renovam as forças. A paciência produz caráter, e o caráter produz esperança que não decepciona.
ख़ुदावन्द की उम्मीद रख;
मज़बूत हो और तेरा दिल क़वी हो;
हाँ, ख़ुदावन्द ही की उम्मीद रख।
ख़ुदावन्द में मुतम’इन रह, और सब्र से उसकी आस रख;
उस आदमी की वजह से जो अपनी राह में कामयाब होता
और बुरे मन्सूबों को अंजाम देता है, बेज़ार न हो।
ऐ ख़ुदावन्द तू सुबह को मेरी आवाज़ सुनेगा।
मैं सवेरे ही तुझ से दुआ करके इन्तिज़ार करूँगा।
लेकिन जिस चीज़ को नहीं देखते अगर हम उसकी उम्मीद करें तो सब्र से उसकी राह देखते रहें।
उम्मीद में ख़ुश मुसीबत में साबिर दुआ करने में मशग़ूल रहो।
ख़ुदावन्द तुम्हारी तरफ़ से जंग करेगा और तुम ख़ामोश रहोगे।"
Paciência nas provações
O amor é paciente. A paciência é marca de maturidade espiritual e nos permite perseverar mesmo quando as circunstâncias são adversas.
मुहब्बत साबिर है और मेहरबान, मुहब्बत हसद नहीं करती, मुहब्बत शेख़ी नहीं मारती और फ़ूलती नहीं; नाज़ेबा काम नहीं करती, अपनी बेहतरी नहीं चाहती, झुँझलाती नहीं, बदगुमानी नहीं करती;
हम नेक काम करने में हिम्मत न हारें, क्यूँकि अगर बेदिल न होंगे तो 'सही वक़्त पर काटेंगे।
और ख़ुदा सब्र और तसल्ली का चश्मा तुम को ये तौफ़ीक़ दे कि मसीह ईसा के मुताबिक़ आपस में एक दिल रहो।
या’नी कमाल दरियाई और नर्मदिल के साथ सब्र करके मुहब्बत से एक दुसरे की बर्दाश्त करो;
ख़ुदा ने तुम को चुन कर अपने लिए ख़ास — और पाक कर लिया है। वह तुम से मुहब्बत रखता है। इस लिए अब तरस, नेकी, फ़रोतनी, नर्मदिल और सब्र को पहन लो।
कि तू कलाम की मनादी कर वक़्त और बे वक़्त मुस्त’इद रह, हर तरह के तहम्मील और ता’लीम के साथ समझा दे और मलामत और नसीहत कर।
Perseverança até o fim
Quem perseverar até o fim será salvo. O domínio próprio é maior que a conquista de uma cidade.
लेकिन जो आख़िर तक बर्दाश्त करेगा वो नजात पाएगा।
पस जागते रहो, क्यूँकि तुम नहीं जानते कि तुम्हारा ख़ुदावन्द किस दिन आएगा
जो क़हर करने में धीमा है पहलवान से बेहतर है,
और वह जो अपनी रूह पर ज़ाबित है उस से जो शहर को ले लेता है।
जो क़हर करने में धीमा है,
बड़ा 'अक़्लमन्द है लेकिन वह जो बेवक़ूफ़ है हिमाकत को बढ़ाता है।
मैं जल्द आनेवाला हूँ। जो कुछ तेरे पास है थामे रह, ताकि कोई तेरा ताज न छीन ले।
क्यूँकि उसका क़हर दम भर का है,
उसका करम उम्र भर का।
रात को शायद रोना पड़े पर सुबह को ख़ुशी की नौबत आती है।