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Paciência

Por Bíblia Online

A paciência é fruto do Espírito e virtude essencial da vida cristã. Deus é paciente conosco, e nos chama a ser pacientes com os outros e nas provações.

A paciência de Deus

Deus é clemente e tardio em irar-se. Sua paciência revela seu desejo de que todos se arrependam e cheguem ao conhecimento da verdade.

हवकरमय, ि,

ें ितथकरा-ें समैं.

रभअपनरतिकरनें नहीं करतों िै. वह रति रज धरतैं और नहीं हति ििपरयह ि सभमन िअवसर ्‍ो.

िंिबहनो, इस कभलनि रभमनएक िएक हज़ावरऔर हज़ावरएक िबरबर ैं.

अपनकपड़ों नहीं,

अपनमन ़ो.

हव, अपनपरमवर आओ,

ोंि अनरहकऔर करमय,

करनें और बहयत करनैं,

िपति जनें मलतिैं.

िंपर इसलिि बड़े ें मसआदरें अपनसहनशलतरमउनकिें रसकरें, अनवन िउनमें िकरेंे.

हवपर करनिउठ गए ैं;

ोंि हवपरमवर ैं.

धनैं सब,

उस पर आशलगरहतैं!

Esperar com paciência

Os que esperam no Senhor renovam as forças. A paciência produz caráter, e o caráter produz esperança que não decepciona.

हवें अपनआशिरखो;

रहकर हसबनो,

ां, हवपर भररखो.

हवमनपचरहकर

यपवक उन पर भरकरो;

जब ों िां सफल लगें

अथवजब अपनजनें सफल लगें मत ़ो!

हव, आप ेंे;

दय समय ैं आपकबलि अरिकरूं

और आपकरततर रतकरूंा.

यदि हमआशिषय वह ै, िहमननहीं ै, तब हम रज और अधिआशें उसकरतकरतैं.

आशें आन, ों ें रज तथथनें ियमिततबनरखो;

रहो, हविलड़ेंे."

Paciência nas provações

O amor é paciente. A paciência é marca de maturidade espiritual e nos permite perseverar mesmo quando as circunstâncias são adversas.

रजवै, ै. जलन नहीं करता, अपनबड़ानहीं करता, घमनहीं करता, अशभननहीं, नहीं, ुंझलनहीं और नहीं ै.

हम भलकरनें हस ़ें ोंि यदि हम हम ििसमय पर उपज अवशेंे.

परमवर, रज और हन ै, ममें मसअनआपस ें एकतउतपन्‍करें

ममें ििनमरता, यततथरज आपस ें ें सहनभर .

इसलिपरमवर , पविों तथिों समअपनदयों ें करा, भल, िनमरता, नततथरज रण कर ो.

वचन रचकरो. समय अनरति, हमरहो, अतरज तथिलकगलत रणिकरो, करतवअहसकरतथिकरो,

Perseverança até o fim

Quem perseverar até o fim será salvo. O domínio próprio é maior que a conquista de uma cidade.

िंउदउसा, िषण तक िें िरहा.

"इसलिहमवधरहोंि यह नहीं नति रभआगमन ििा.

एक हतर वह ै, िकरतै;

िसनएक नगर अधकर िै, उससउततम िसनअपनतरपर िरण कर िै!

वह िै, िसकअपनपर िरण ै,

िंिै, वह खति करतै.

ैं रहूं. ै, उस पर अटल रहि नन.

ोंि षण उनक,

िंआजवन रहतउनकि;

यह भव भर रहे,

िंसबउलभरै.

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