Palavras de conforto
Deus é o Deus de todo conforto. Ele consola os que choram, restaura os quebrantados e promete que a dor presente dará lugar à alegria eterna.
O Deus de toda consolação
Bendito seja o Deus e Pai de nosso Senhor Jesus Cristo, Pai das misericórdias e Deus de toda consolação, que nos consola em todas as tribulações.
शान्ति का परमेश्वर
हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों।
शान्ति का परमेश्वर
हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों। क्योंकि जैसे मसीह के दुःख हमको अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति में भी मसीह के द्वारा अधिक सहभागी होते है। यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिसके प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं। और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुःखों के वैसे ही शान्ति के भी सहभागी हो।
क्योंकि जैसे मसीह के दुःख हमको अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति में भी मसीह के द्वारा अधिक सहभागी होते है।
क्योंकि उसने दुःखी को तुच्छ नहीं जाना
और न उससे घृणा करता है,
यहोवा ने उससे अपना मुख नहीं छिपाया;
पर जब उसने उसकी दुहाई दी, तब उसकी सुन ली।
यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता हैयहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है: अर्थात् वह सुनने और सहायता करने को तत्पर रहता है। ,
और पिसे हुओं का उद्धार करता है।
Promessas de restauração
Deus sarará o quebrantado de coração e atará as suas feridas. Quem semeia em lágrimas, colherá com júbilo.
वह खेदित मनवालों को चंगा करता है,
और उनके घाव पर मरहम-पट्टी बाँधता हैउनके घाव पर मरहम-पट्टी बाँधता है: जो दुःख एवं कष्टों से ग्रस्त हैं। यहाँ संदर्भ मानसिक व्यथा, परेशान आत्मा, और किसी भी प्रकार से दु:खी मन से हैं। ।
क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है,
परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती हैउसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है: उसकी प्रवृति में जीवन देना है। वह जीवन रक्षक है, वह शाश्वत जीवन देता है।।
कदाचित् रात को रोना पड़े,
परन्तु सवेरे आनन्द पहुँचेगा।
परमेश्वर हमारा शरणस्थान
परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है,
संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायकसंकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक: यहाँ सहायक अर्थात्, सहयोग एवं सहकारिता। संकट: अर्थात् तनाव और दुःख देनेवाली सब परिस्थितियाँ। ।
अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा;
वह धर्मी को कभी टलने न देगा। (1 पत. 5:7, भज. 37:24)
तू मेरे मारे-मारे फिरने का हिसाब रखता है;
तू मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले!
क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं हैक्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है: क्या वे तेरी स्मरण पुस्तक में अंकित करके लिखे नहीं गए कि तू उन्हें भूल न जाए??
यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊँचा गढ़ ठहरेगा,
वह संकट के समय के लिये भी ऊँचा गढ़ ठहरेगा।
यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है;
मेरा परमेश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूँ,
वह मेरी ढाल और मेरी उद्धार का सींग,
और मेरा ऊँचा गढ़ है। (इब्रा. 2:13)
Paz e descanso
Jesus disse: 'Vinde a mim, todos os cansados e sobrecarregados, e eu vos aliviarei.' A paz de Deus que excede todo entendimento guarda o coração.
"हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे: जीवन की चिंताओं, पापों या धार्मिक संस्कारों की अनिवार्यता के कारण थके-हारे हुए। लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
"हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे: जीवन की चिंताओं, पापों या धार्मिक संस्कारों की अनिवार्यता के कारण थके-हारे हुए। लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा। मेरा जूआजूआ: उचित रेखा में हल चलाने के लिए बैलों की गर्दन पर रखा जानेवाला लकड़ी का साधन (गिनती 19:2; व्यवस्था 21:3) अपने ऊपर उठा लो; और मुझसे सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
"धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं,
क्योंकि वे शान्ति पाएँगे।
यीशु की शान्ति का उपहार
मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूँमैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूँ: यह यहूदियों के बीच आशीर्वाद देने का एक आम रूप था। , अपनी शान्ति तुम्हें देता हूँ; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
मैंने ये बातें तुम से इसलिए कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बाँधो, मैंने संसार को जीत लिया है।"
और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूँगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
किसी भी बात की चिन्ता मत करो; परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएँ।
तब परमेश्वर की शान्ति, जो सारी समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। (यशा. 26:3)
Esperança eterna
Deus enxugará toda lágrima. A dor presente é momentânea, mas a glória futura é eterna. O Senhor transforma luto em dança.
फिर मैंने सिंहासन में से किसी को ऊँचे शब्द से यह कहते हुए सुना, "देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उनके साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उनके साथ रहेगा; और उनका परमेश्वर होगा। (लैव्य. 26:11,12, यहे. 37:27) और वह उनकी आँखों से सब आँसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।" (यशा. 25:8)
और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, "मैं सब कुछ नया कर देता हूँ।" फिर उसने कहा, "लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वासयोग्य और सत्य हैं।" (यशा. 42:9)
परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।
और इस संसार के सदृश्य न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिससे तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।
मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ, इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्भाले रहूँगा। (यहो. 1:9, व्यव. 31:6)
उद्धार का शुभ सन्देश
प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिए भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूँ; कि बन्दियों के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूँ; (मत्ती 11:5, प्रेरि. 10:38, मत्ती 5:3, प्रेरि. 26:18, लूका 4:18) कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूँ; कि सब विलाप करनेवालों को शान्ति दूँ। (लूका 4:18,19, मत्ती 5:4) और सिय्योन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बाँध दूँ, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊँ और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊँ; जिससे वे धार्मिकता के बांज वृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएँ और जिससे उसकी महिमा प्रगट हो। (भज. 45:7, 30:11, लूका 6:21)
जिस प्रकार माता अपने पुत्र को शान्ति देती है, वैसे ही मैं भी तुम्हें शान्ति दूँगा; तुम को यरूशलेम ही में शान्ति मिलेगी।
Nunca sozinhos
Deus nunca nos abandona. Ele está ao nosso lado em cada vale, segura nossa mão e promete que o choro não durará para sempre.
और तेरे आगे-आगे चलनेवाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिए मत डर और तेरा मन कच्चा न हो।" (इब्रा. 13:5)
तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, "मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा।" (भज. 37:25, व्यव. 31:8, यहो. 1:5)
यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधि रखता है।
तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है, वह उद्धार करने में पराक्रमी है; वह तेरे कारण आनन्द से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुप रहेगा; फिर ऊँचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा।
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा।
इसलिए यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। (यशा. 43:18,19)
इसलिए जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुःख उठाते हैं, वे भलाई करते हुए, अपने-अपने प्राण को विश्वासयोग्य सृजनहार के हाथ में सौंप दें।
इसलिए परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिससे वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।
चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ,
तो भी हानि से न डरूँगा,
क्योंकि तू मेरे साथ रहता है;
तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
एक वर मैंने यहोवा से माँगा है,
उसी के यत्न में लगा रहूँगा;
कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊँ,
जिससे यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूँ,
और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूँ। (भज. 6:8, भज. 23:6, फिलि. 3:13)
क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने
मण्डप में छिपा रखेगा;
अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा,
और चट्टान पर चढ़ाएगा। (भज. 91:1, भज. 40:2, भज. 138:7)
मेरे दुःख में मुझे शान्ति उसी से हुई है,
क्योंकि तेरे वचन के द्वारा मैंने जीवन पाया है।
इसी रीति वह नम्र लोगों को ऊँचे स्थान पर बैठाता है,
और शोक का पहरावा पहने हुए लोग ऊँचे
पर पहुँचकर बचते हैं। (लूका 1:52,53, याकू. 4:10)
यीशु ने कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहनों या माता या पिता या बाल-बच्चों या खेतों को छोड़ दिया हो, और अब इस समयइस समय: इस जीवन में। समय के भीतर। सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहनों और माताओं और बाल-बच्चों और खेतों को, पर सताव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन।
और मैं पिता से विनती करूँगामैं पिता से विनती करूँगा: यह उनकी मृत्यु और स्वर्ग में उठा लिए जाने के बाद उनके द्वारा मध्यस्थता करने को संदर्भित करता है, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात् सत्य की आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
"मैं तुम्हें अनाथ न छोड़ूँगा, मैं तुम्हारे पास वापस आता हूँ।