O que é a Palavra de Deus e qual o seu poder na Bíblia
O que é a Palavra de Deus na Bíblia
A Palavra de Deus é a revelação de quem Deus é e da sua vontade, expressa na criação do universo, no texto das Escrituras e plenamente encarnada em Jesus Cristo. Na Bíblia, ela nunca é letra morta: é a própria voz do Criador em ação, com poder para gerar vida, confrontar o coração humano e sustentar a história.
O apóstolo João apresenta Jesus como o Verbo — a Palavra eterna que estava com Deus, era Deus e se fez carne entre nós. Toda a criação veio à existência pelo falar divino, desde o mandamento inicial em Gênesis até a sustentação do cosmos pelo poder da sua palavra.
दुनिया बणण तै पैहल्या वचन था, अर वचन परमेसवर कै गेल्या था, अर वचन परमेसवर था।(यूहन्ना 1:1)
अर वचन देह धारण करकै आया, अर अनुग्रह अर सच्चाई तै भरकै म्हारै बिचाळै रहण लाग्या, अर हमनै उसकी इसी महिमा देक्खी, जिसी पिता कै इकलौते बेट्टे की महिमा।(यूहन्ना 1:14)
बेट्टा ए परमेसवर की महिमा का चाँदणा सै अर उस म्ह हम देक्खां सां, के वो किसा सै, अर सारी चिज्जां नै अपणे शक्तिशाली हुकम तै सम्भाळै सै। वो माणसां के पापां की माफी का कारण बण्या, अर ऊँच्ची जगहां पै महिमामय कै सोळी ओड़ जा बेठ्या,(इब्रानियों 1:3)
फेर परमेसवर नै कह्या, "उजियाळा हो," तो उजियाळा होग्या।(उत्पत्ति 1:3)
बिश्वास तै ए हम जाणा सां, के सृष्टि परमेसवर के वचन तै बणी सै। हम या भी जाणै सां, के जो चीज हम देख सका सां, वे अनदेक्खी चिज्जां म्ह तै बणी सै।(इब्रानियों 11:3)
O poder de discernir o coração humano
A Bíblia descreve a Palavra não como um conselho passivo, mas como força ativa. O autor da carta aos Hebreus a compara a uma espada de dois gumes porque ela penetra até a divisão mais íntima da consciência, expondo intenções e pensamentos que tentamos esconder.
Jeremias usa outras duas imagens concretas: o fogo que purifica e queima o engano, e o martelo capaz de esmiuçar a rocha mais dura da obstinação humana.
क्यूँके परमेसवर का वचन जिन्दा, अर प्रभावशाली सै, अर वो एक दोधारी तलवार तै भी घणा पैना सै। वो प्राण अर आत्मा ताहीं, अर गाँठ-गाँठ अर गुद्दे-गुद्दे ताहीं न्यारा करकै आरम-पार पाड़ दे सै अर मन की भावनायां अर विचारां ताहीं परख ले सै।(इब्रानियों 4:12)
यहोवा की या भी वाणी सै के मेरा वचन आग जिसा न्ही सै? फेर के वो इसा हथौड़ा जो पत्थर ताहीं फोड़ देवै सै(यिर्मयाह 23:29)
जिस तरियां सिपाही युद्ध म्ह अपणे सिर नै बचाण खात्तर टोप पैहरै सै, उस्से तरियां परमेसवर की ओड़ तै मिल्या उद्धार भी म्हारा टोप सै, जो थमनै शैतान के हमलां तै बचावैगा, अर जिस तरियां सिपाही युद्ध म्ह तलवार तै अपणे-आपनै बचावै सै, अर थम भी आत्मा की तलवार, जो परमेसवर का वचन सै, ले ल्यो, अर शैतान तै खुद नै बचा ल्यो।(इफिसियों 6:17)
Toda a Escritura é inspirada
Paulo escreveu a Timóteo afirmando que a Escritura é soprada por Deus (theopneustos, no grego). Por ter essa origem, ela carrega autoridade e utilidade prática imediata: ensinar o que é verdadeiro, repreender o erro, corrigir os desvios e treinar quem crê para uma vida de integridade e boas obras.
साब्ता पवित्र ग्रन्थ परमेसवर की प्रेरणा तै रच्या गया, अर म्हारे ताहीं सिखाण खात्तर उपयोगी सै, के सच के सै, अर म्हारे ताहीं यो महसूस करण खात्तर के म्हारी जिन्दगी म्ह के गलत सै। यो म्हारी गलतियाँ नै सुधारै, जिब हम गलत होवां सां, अर वोए करणा सिखावै सै जो सही सै। ताके परमेसवर का जन हरेक भले काम करण खात्तर त्यार अर सिध्द बण जावै।(2 तीमुथियुस 3:16,17)
Luz e discernimento para as decisões
Quem anda à noite em terreno acidentado precisa de luz para ver onde põe o pé agora e para onde segue a estrada adiante. O salmista usa essa exata figura no Salmo 119: o mandamento divino clareia os passos do momento presente e ilumina o rumo a longo prazo. Guardar esse ensinamento na memória protege contra o tropeço moral e dá lucidez diante de escolhas difíceis.
तेरा वचन मेरे पैरां खात्तर दीवा,
अर मेरी राह खात्तर चान्दणा सै।(भजन संहिता 119:105)
तेरी बात्तां कै खुलण तै चान्दणा होवै सै;
उसतै भोळे लोग समझ पाया करै सै।(भजन संहिता 119:130)
मन्नै तेरे वचन अपणे दिल म्ह धर राक्खे सै,
ताके तेरे खिलाफ पाप ना करुँ।(भजन संहिता 119:11)
गाबरू अपणी चाल नै किस तरियां तै शुद्ध राख सकै सै?
तेरे वचन कै मुताबिक सावधान रहण तै।(भजन संहिता 119:9)
हे यहोवा, तेरा वचन
अकास म्ह सदा तक टिक्या रहवै सै।(भजन संहिता 119:89)
Ouvir e colocar em prática
Conhecer a Escritura apenas na teoria não produz transformação. Tiago compara o ouvinte desatento à pessoa que olha o próprio rosto no espelho, vê o que precisa ser ajustado, mas vai embora e se esquece do que viu.
Jesus encerrou o Sermão da Montanha com essa mesma distinção: quem ouve as suas palavras e as pratica é como quem construiu a casa sobre a rocha; quando a tempestade veio, a fundação resistiu.
पर परमेसवर के वचन पै चाल्लण आळे बणो, अर सिर्फ सुणण आळे ए न्ही, जो अपणे-आपनै धोक्खा देवै सै।
क्यूँके जो कोए परमेसवर के वचन का सुणण आळा हो, अर उसपै चाल्लण आळा ना हो, तो वो उस माणस कै समान सै, जो अपणा मुँह शीशे म्ह देक्खै सै। इस करकै के वो अपणे-आपनै देखकै चाल्या जावै सै, पर जिब्बे भूल जावै सै, के मै किसा था।(याकूब 1:22-24)
इस करकै सारे मन की गंदगी अर नफरत नै दूर करकै, परमेसवर के उस वचन नै नम्रता तै मान ल्यो, जो मन म्ह बोया गया सै, अर जो थारे प्राणा का उद्धार कर सकै सै।(याकूब 1:21)
"इस करकै जो कोए मेरी इन बात्तां नै सुणकै उननै मान्नै सै, वो उस अकलमंद माणस की ढाळ होगा जिसनै अपणे घर की नीम चट्टान पै धरी।(मत्ती 7:24)
उसनै कह्या, "हाँ, पर धन्य वे सै, जो परमेसवर का वचन सुणै अर मान्नै सै।"(लूका 11:28)
यीशु नै जवाब दिया: "पवित्र ग्रन्थ म्ह लिख्या सै,
‘माणस सिर्फ रोट्टी तै ए न्ही, पर परमेसवर के हरेक वचन तै जो उसनै मान्नै सै, जिन्दा रह्वैगा।’"(मत्ती 4:4)
इसपै सारे हैरान होए, अर वे आप्पस म्ह बतळाण लाग्गे, "यो किसा वचन सै? क्यूँके वो हक अर सामर्थ कै गेल्या ओपरी आत्मायाँ नै हुकम देवै सै, अर वे लिकड़ जावै सै।"(लूका 4:36)
A permanência da verdade de Deus
Culturas, governos e certezas de cada época nascem e caem. O profeta Isaías aponta o contraste: a erva do campo seca e a flor murcha sob o calor, mas a palavra do Senhor permanece de pé. Jesus reforçou essa firmeza com uma das suas afirmações mais contundentes: o próprio cosmos passará, mas as suas palavras não hão de passar.
घास तो सूख जावै, अर फूल मुरझा जावै सै; पर म्हारे परमेसवर का वचन सदा अटल रहवैगा।(यशायाह 40:8)
धरती अर अकास टळ जावैंगे, पर मेरी बात कदे न्ही टळैगी।(मत्ती 24:35)
धरती अर अकास टळ जावैंगे, पर मेरी बात कदे न्ही टळैगी।(मरकुस 13:31)
क्यूँके यहोवा का वचन सीध्धा सै;
अर उसका सारा काम सच्चाई तै होवै सै।(भजन संहिता 33:4)
परमेसवर का एक-एक वचन त्याया होया सै;
वो अपणे शरणागतां की ढाल बणै सै।(नीतिवचन 30:5)
क्यूँके बुद्धि यहोवा ए देवै सै,
ज्ञान अर समझ की बात उस्से कै मुँह तै लिकड़ै सै।(नीतिवचन 2:6)
Conhecer a verdade e ser liberto
No Evangelho de João, a liberdade verdadeira não é uma ideia abstrata ou ausência de regras: ela decorre de habitar no ensinamento de Jesus e conhecê-lo de fato. Essa comunhão diária limpa o coração, gera fé e afasta a condenação.
फेर यीशु नै उन यहूदियाँ तै जिन नै उसपै बिश्वास करया था, बोल्या, "जै थम मेरै वचन म्ह बणे रहोगे, तो साच-ए मेरे चेल्लें ठहरोगे।" थम सच नै जाणोगे अर सच थमनै आजाद करैगा।(यूहन्ना 8:31,32)
मै थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, जो मेरा वचन सुणकै उसपै बिश्वास करै सै, जिसनै मेरै ताहीं भेज्या सै, वो अनन्त जीवन पावै सै, अर उसपै दण्ड का हुकम कोनी होन्दा, पर वो मौत नै पार करकै जीवन म्ह दाखल हो लिया सै।(यूहन्ना 5:24)
यीशु नै उस ताहीं जवाब दिया, "जै कोए मेरै तै प्यार करै सै, तो वो मेरी शिक्षा का पालन करैगा, वो मेरे पिता का प्रियजन बणैगा, अर हम उसकै धोरै आकै उसकै गेल्या वास करागें।"(यूहन्ना 14:23)
थम तो उस वचन कै कारण जो मन्नै थारैताहीं कह्या सै, शुद्ध होगे सो।(यूहन्ना 15:3)
तेरा वचन सच्चा सै, सच कै जरिये तू उननै अलग करण खात्तर समर्पित कर।(यूहन्ना 17:17)
मै थमनै साच्ची-साच कहूँ सूं, "के जै कोए माणस मेरे वचनां नै मान्नैगा, तो वो अनन्त काल ताहीं कोनी मरै।"(यूहन्ना 8:51)
आखर म्ह जिब वो मरे होया म्ह तै जिन्दा होया, जिब उसकै चेल्यां नै याद आई, के उसनै यो कह्या था, अर उननै पवित्र ग्रन्थ के वचन जो यीशु के जिन्दा होण के बारें म्ह बतावै सै, अर उननै यीशु के जरिये कहे होए वचनां पै बिश्वास करया।(यूहन्ना 2:22)
उसके वचन कै कारण और भी घणखरे माणसां नै बिश्वास करया(यूहन्ना 4:41)
O alimento contínuo da fé
A Bíblia trata a Escritura não como um recurso de emergência, mas como alimento básico indispensável. Em Josué, a ordem dada na transição de liderança de Israel foi meditar na lei dia e noite para governar com sabedoria. Pedro compara a instrução bíblica ao leite materno, necessário para o recém-nascido crescer com saúde.
नियम-कायदे की या किताब तेरे ध्यान तै कदे भी ना उतरण पावै, इस्से म्ह दिन-रात ध्यान दिए रहणा, ज्यांतै के जो कुछ उस किताब म्ह लिख्या सै उसके मुताबिक करण की तू चौकसी करै; क्यूँके इसाए करण तै तेरे सारे काम सफल होवैंगे, अर तू प्रभावशाली होवैगा।(यहोशू 1:8)
जिब तेरे वचन मेरे धोरै पोहचे, फेर मन्नै उन ताहीं मानो खा लिया, अर तेरे वचन मेरे मन के खुशी अर आनन्द का कारण होए; क्यूँके, हे सेनाओं के परमेसवर यहोवा, मै तेरा कुह्वाऊँ सूं।(यिर्मयाह 15:16)
उसनै तेरै ताहीं नम्र बणाया, अर भूक्खा भी होण दिया, फेर वो मन्ना, जिस ताहीं ना तू अर ना तेरे पूर्वज भी जाणै थे, वोए तेरै ताहीं खुवाया; इस करकै के वो तन्नै सिखावै के माणस सिर्फ रोट्टी तै ए न्ही जिन्दा रहन्दा, पर जो-जो वचन यहोवा कै मुँह तै लिकड़ै सैं उनतै ए वो जिन्दा रहवै सै।(व्यवस्थाविवरण 8:3)
नये जन्मे बच्चे की तरियां जो हमेशा माँ के निर्मल दूध की लालसा करै सै, उस्से तरियां थम भी परमेसवर के वचन ताहीं सुणण की लालसा करो, ताके थारा परमेसवर पै बिश्वास मजबूत हो सकै, अर थारा उद्धार हो जावै।(1 पतरस 2:2)
पर मसीह के बारें म्ह वचन सुणण तै बिश्वास होवै सै। पर मै पूच्छु सूं, के यहूदियाँ नै, मसीह के बारें म्ह न्ही सुण्या? सुण्या तो जरुर सै, क्यूँके पवित्र ग्रन्थ म्ह लिख्या सै, "उनके बोल साब्ती धरती पै, अर उनके वचन दुनिया के कुणे ताहीं पोंहोचगे सै।"(रोमियों 10:17,18)
परमेसवर की मदद तै मै उसके वचन की बड़ाई करुँगा,
परमेसवर पै मन्नै भरोस्सा राख्या सै, मै कोन्या डरुँगा।
कोए माणस मेरा के कर सकै सै?(भजन संहिता 56:4)
परमेसवर की राह सिध्द सै,
यहोवा का वचन त्याया होया सै,
वो अपणे सारे शरणागतां की ढाल सै।(भजन संहिता 18:30)
जै तू माणसां के स्याम्ही यीशु नै प्रभु मान ले, अर अपणे मन तै बिश्वास करै के परमेसवर नै उस ताहीं मरे होया म्ह तै जिन्दा करया, तो परमेसवर तन्नै बचावैगा। क्यूँके हम अपणे मन तै बिश्वास करां सां, तो हम परमेसवर के जरिये धर्मी बणाए जावै सै, अर हम मुँह तै अंगीकार करां सां, के हम मसीह पै बिश्वास करां सां, तो इस करकै हम बच जावांगे।(रोमियों 10:9,10)
A responsabilidade com o que falamos
A Escritura não se limita ao que Deus disse; ela confronta o que sai da nossa boca. Os provérbios ensinam que palavras precipitadas ferem com a violência de uma espada, enquanto a língua sábia traz restauração. Jesus explicou a raiz do problema: a boca fala daquilo de que o coração está cheio. O discípulo que se submete à Palavra de Deus aprende a usar a própria fala para edificar, e não para destruir.
इसे लोग भी सै जिनका बिना सोच विचार बोलणा तलवार की ढाळ चुभै सै,
पर बुद्धिमान कै बोलण तै लोग चंगे होवै सै।(नीतिवचन 12:18)
नरम जवाब सुणण तै गुस्सा ठण्डा हो जावै सै,
पर कड़वी बात तै गुस्सा भड़क जावै सै।(नीतिवचन 15:1)
माणस का पेट मुँह की बात्तां के फळ तै भरै सै,
अर बोलण तै जो कुछ उसनै मिलै सै, वो उसतै छिक्क जावै सै।
जीभ कै बस म्ह मरणा अर जीणा दोन्नु होवै सै,
अर जो उसनै काम म्ह लाणा जाणै सै, वो उसका फळ भोग्गैगा।(नीतिवचन 18:20,21)
धर्मी का मुँह तो जीवन का चोवा सै,
पर दुष्टां के मुँह म्ह उत्पात रहवै सै।(नीतिवचन 10:11)
दुखी मन दब जावै सै,
पर भली बात तै वो राज्जी होवै सै।(नीतिवचन 12:25)
हे साँप के सप्पोलों जिसे माणसों, थम भुन्डे़ होकै किस तरियां बढ़िया बात कह सको सो? क्यूँके जो मन म्ह भरया सै, वोए मुँह पै आवै सै।(मत्ती 12:34)
अर मै थारे तै कहूँ सूं के जो-जो निकम्मी बात माणस कहवैगें, न्याय कै दिन वे हरेक उस बात का लेखा देवैंगे। क्यूँके तू अपणी बात्तां कै कारण बेकसूर, अर अपणी बात्तां ए कै कारण कसूरवार ठहराया जावैगा।"(मत्ती 12:36,37)
पर जो कुछ मुँह तै लिकड़ै सै, वो मन तै लिकड़ै सै, अर वोए माणस ताहीं अशुद्ध करै सै। क्यूँके भुन्डे़ विचार, हत्या, जारी, बिगान्नी बिरबान्नी धोरै जाणा, चोरी, झूठ्ठी गवाही अर बुराई मन तै ए लिकड़ै सै।(मत्ती 15:18,19)
हम सब घणीए बार चूक जावां सा, पर जो कोए मुँह तै गलत बात न्ही बोलता, वोए तो सिध्द माणस सै, अर वोए सारी देह पै भी लगाम लगा सकै सै।(याकूब 3:2)
जिब हम बस म्ह करण खात्तर घोड्या कै मुँह पै लगाम लगावा सां, तो हम उस घोड़े नै भी काब्बू कर सकां सां। चाहे हवा कितनी भी तेज क्यूँ ना हो, एक छोट्टी सी पतवार तै, एक माँझी एक बड़े जहाज नै भी मोड़ सकै सै।
उस्से तरियां जीभ भी एक छोट्टा सा अंग सै, अर वा बड़ी-बड़ी बात करण की डींग मारै सै। देक्खों, छोट्टी सी चिंगारी तै कितणे बड़े बण म्ह आग लाग ज्या सै। हाँ, जीभ एक आग के समान सै, या म्हारे देह का एक इसा खतरनाक हिस्सा सै, जो माणस तै अधर्म के काम करवा देवै सै, अर उसकी पूरी जिन्दगी नै बरबाद कर देवै सै, या म्हारे जीवन नै नरक की आग के समान खतम कर सकै सै।
हरेक ढाळ के जंगळी-पशु, पंछी, रेंगण आळे जन्तु, अर पाणी के जीव, तो माणस कै बस म्ह हो सकै सै, अर बस म्ह हो भी गये। पर जीभ नै कोए भी बस म्ह न्ही कर सकता, या एक इसी खतरनाक बला सै, जो कदे रूकती कोन्या, जो साँप के समान, जहर तै भरी होई सै।(याकूब 3:3-8)
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