A Palavra de Deus
A Palavra de Deus é viva, eficaz e eterna. Desde 'No princípio era o Verbo' até 'O céu e a terra passarão, mas as minhas palavras não hão de passar', ela é a revelação suprema do Criador.
No princípio era o Verbo
A Palavra é Deus encarnado. No princípio era o Verbo, o Verbo estava com Deus, e o Verbo era Deus. Todas as coisas foram feitas por Ele.
ज़िंदगी का कलाम
इब्तिदा में कलाम था। कलाम अल्लाह के साथ था और कलाम अल्लाह था।
ज़िंदगी का कलाम
इब्तिदा में कलाम था। कलाम अल्लाह के साथ था और कलाम अल्लाह था।
कलाम इनसान बनकर हमारे दरमियान रिहाइशपज़ीर हुआ और हमने उसके जलाल का मुशाहदा किया। वह फ़ज़ल और सच्चाई से मामूर था और उसका जलाल बाप के इकलौते फ़रज़ंद का-सा था।
कलाम इनसान बनकर हमारे दरमियान रिहाइशपज़ीर हुआ और हमने उसके जलाल का मुशाहदा किया। वह फ़ज़ल और सच्चाई से मामूर था और उसका जलाल बाप के इकलौते फ़रज़ंद का-सा था।
फिर अल्लाह ने कहा, "रौशनी हो जाए" तो रौशनी पैदा हो गई।
फ़रज़ंद अल्लाह का शानदार जलाल मुनअकिस करता और उस की ज़ात की ऐन शबीह है। वह अपने क़वी कलाम से सब कुछ सँभाले रखता है। जब वह दुनिया में था तो उसने हमारे लिए गुनाहों से पाक-साफ़ हो जाने का इंतज़ाम क़ायम किया। इसके बाद वह आसमान पर क़ादिरे-मुतलक़ के दहने हाथ जा बैठा।
ईमान के ज़रीए हम जान लेते हैं कि कायनात को अल्लाह के कलाम से ख़लक़ किया गया, कि जो कुछ हम देख सकते हैं नज़र आनेवाली चीज़ों से नहीं बना।
रब के कहने पर आसमान ख़लक़ हुआ, उसके मुँह के दम से सितारों का पूरा लशकर वुजूद में आया।
A Palavra é viva e eficaz
A Palavra de Deus é mais cortante que espada de dois gumes. Ela julga pensamentos e intenções do coração, transforma e liberta.
क्योंकि अल्लाह का कलाम ज़िंदा, मुअस्सिर और हर दोधारी तलवार से ज़्यादा तेज़ है। वह इनसान में से गुज़रकर उस की जान रूह से और उसके जोड़ों को गूदे से अलग कर लेता है। वही दिल के ख़यालात और सोच को जाँचकर उन पर फ़ैसला करने के क़ाबिल है।
क्योंकि अल्लाह का कलाम ज़िंदा, मुअस्सिर और हर दोधारी तलवार से ज़्यादा तेज़ है। वह इनसान में से गुज़रकर उस की जान रूह से और उसके जोड़ों को गूदे से अलग कर लेता है। वही दिल के ख़यालात और सोच को जाँचकर उन पर फ़ैसला करने के क़ाबिल है।
रब फ़रमाता है, "क्या मेरा कलाम आग की मानिंद नहीं? क्या वह हथौड़े की तरह चट्टान को टुकड़े टुकड़े नहीं करता?"
अपने सर पर नजात का ख़ोद पहनकर हाथ में रूह की तलवार जो अल्लाह का कलाम है थामे रखें।
Toda Escritura é inspirada
Toda a Escritura é inspirada por Deus e útil para ensino, correção e instrução na justiça. Ela é perfeita e imutável.
क्योंकि हर पाक नविश्ता अल्लाह के रूह से वुजूद में आया है और तालीम देने, मलामत करने, इसलाह करने और रास्तबाज़ ज़िंदगी गुज़ारने की तरबियत देने के लिए मुफ़ीद है।
क्योंकि हर पाक नविश्ता अल्लाह के रूह से वुजूद में आया है और तालीम देने, मलामत करने, इसलाह करने और रास्तबाज़ ज़िंदगी गुज़ारने की तरबियत देने के लिए मुफ़ीद है। कलामे-मुक़द्दस का मक़सद यही है कि अल्लाह का बंदा हर लिहाज़ से क़ाबिल और हर नेक काम के लिए तैयार हो।
क्योंकि हर पाक नविश्ता अल्लाह के रूह से वुजूद में आया है और तालीम देने, मलामत करने, इसलाह करने और रास्तबाज़ ज़िंदगी गुज़ारने की तरबियत देने के लिए मुफ़ीद है। कलामे-मुक़द्दस का मक़सद यही है कि अल्लाह का बंदा हर लिहाज़ से क़ाबिल और हर नेक काम के लिए तैयार हो।
Luz para o caminho
A Palavra é lâmpada para os pés e luz para nosso caminho. Ela ilumina, orienta e protege o que nela medita dia e noite.
14
तेरा कलाम मेरे पाँवों के लिए चराग़ है जो मेरी राह को रौशन करता है।
14
तेरा कलाम मेरे पाँवों के लिए चराग़ है जो मेरी राह को रौशन करता है।
तेरे कलाम का इनकिशाफ़ रौशनी बख़्शता और सादालौह को समझ अता करता है।
12
ऐ रब, तेरा कलाम अबद तक आसमान पर क़ायमो-दायम है।
2
नौजवान अपनी राह को किस तरह पाक रखे? इस तरह कि तेरे कलाम के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारे।
मैंने तेरा कलाम अपने दिल में महफ़ूज़ रखा है ताकि तेरा गुनाह न करूँ।
तेरे कलाम का लुब्बे-लुबाब सच्चाई है, तेरे तमाम रास्त फ़रमान अबद तक क़ायम हैं।
Obedecer a Palavra
Seja praticante da Palavra e não apenas ouvinte. Jesus disse que quem ouve e pratica é como o homem sábio que edificou sobre a rocha.
कलामे-मुक़द्दस को न सिर्फ़ सुनें बल्कि उस पर अमल भी करें, वरना आप अपने आपको फ़रेब देंगे।
कलामे-मुक़द्दस को न सिर्फ़ सुनें बल्कि उस पर अमल भी करें, वरना आप अपने आपको फ़रेब देंगे।
कलामे-मुक़द्दस को न सिर्फ़ सुनें बल्कि उस पर अमल भी करें, वरना आप अपने आपको फ़रेब देंगे। जो कलाम को सुनकर उस पर अमल नहीं करता वह उस आदमी की मानिंद है जो आईने में अपने चेहरे पर नज़र डालता है। अपने आपको देखकर वह चला जाता है और फ़ौरन भूल जाता है कि मैंने क्या कुछ देखा।
चुनाँचे अपनी ज़िंदगी की गंदी आदतें और शरीर चाल-चलन दूर करके हलीमी से कलामे-मुक़द्दस का वह बीज क़बूल करें जो आपके अंदर बोया गया है, क्योंकि यही आपको नजात दे सकता है।
दो क़िस्म के मकान
लिहाज़ा जो भी मेरी यह बातें सुनकर उन पर अमल करता है वह उस समझदार आदमी की मानिंद है जिसने अपने मकान की बुनियाद चट्टान पर रखी।
लेकिन ईसा ने इनकार करके कहा, "हरगिज़ नहीं, क्योंकि कलामे-मुक़द्दस में लिखा है कि इनसान की ज़िंदगी सिर्फ़ रोटी पर मुनहसिर नहीं होती बल्कि हर उस बात पर जो रब के मुँह से निकलती है।"
लेकिन ईसा ने इनकार करके कहा, "हरगिज़ नहीं, क्योंकि कलामे-मुक़द्दस में लिखा है कि इनसान की ज़िंदगी सिर्फ़ रोटी पर मुनहसिर नहीं होती बल्कि हर उस बात पर जो रब के मुँह से निकलती है।"
लेकिन ईसा ने जवाब दिया, "बात यह नहीं है। हक़ीक़त में वह मुबारक हैं जो अल्लाह का कलाम सुनकर उस पर अमल करते हैं।"
लेकिन ईसा ने इनकार करके कहा, "हरगिज़ नहीं, क्योंकि कलामे-मुक़द्दस में लिखा है कि इनसान की ज़िंदगी सिर्फ़ रोटी पर मुनहसिर नहीं होती।"
तमाम लोग घबरा गए और एक दूसरे से कहने लगे, "उस आदमी के अलफ़ाज़ में क्या इख़्तियार और क़ुव्वत है कि बदरूहें उसका हुक्म मानती और उसके कहने पर निकल जाती हैं?"
A Palavra que permanece
Céus e terra passarão, mas as palavras de Jesus jamais passarão. A Palavra do Senhor permanece para sempre — eterna e infalível.
आसमानो-ज़मीन तो जाते रहेंगे, लेकिन मेरी बातें हमेशा तक क़ायम रहेंगी।
आसमानो-ज़मीन तो जाते रहेंगे, लेकिन मेरी बातें हमेशा तक क़ायम रहेंगी।
घास तो मुरझा जाती और फूल गिर जाता है, लेकिन हमारे ख़ुदा का कलाम अबद तक क़ायम रहता है।"
क्योंकि रब का कलाम सच्चा है, और वह हर काम वफ़ादारी से करता है।
क्योंकि रब का कलाम सच्चा है, और वह हर काम वफ़ादारी से करता है।
अल्लाह की हर बात आज़मूदा है, जो उसमें पनाह ले उसके लिए वह ढाल है।
क्योंकि रब ही हिकमत अता करता, उसी के मुँह से इरफ़ान और समझ निकलती है।
क्योंकि रब ही हिकमत अता करता, उसी के मुँह से इरफ़ान और समझ निकलती है।
O poder da Palavra
A Palavra transforma, sara e liberta. Quem permanece na Palavra de Jesus conhece a verdade, e a verdade o liberta.
सच्चाई तुमको आज़ाद करेगी
जो यहूदी उसका यक़ीन करते थे ईसा अब उनसे हमकलाम हुआ, "अगर तुम मेरी तालीम के ताबे रहोगे तब ही तुम मेरे सच्चे शागिर्द होगे।
सच्चाई तुमको आज़ाद करेगी
जो यहूदी उसका यक़ीन करते थे ईसा अब उनसे हमकलाम हुआ, "अगर तुम मेरी तालीम के ताबे रहोगे तब ही तुम मेरे सच्चे शागिर्द होगे। फिर तुम सच्चाई को जान लोगे और सच्चाई तुमको आज़ाद कर देगी।"
मैं तुमको सच बताता हूँ कि जो भी मेरे कलाम पर अमल करता रहे वह मौत को कभी नहीं देखेगा।"
मैं तुमको सच बताता हूँ, जो भी मेरी बात सुनकर उस पर ईमान लाता है जिसने मुझे भेजा है अबदी ज़िंदगी उस की है। उसे मुजरिम नहीं ठहराया जाएगा बल्कि वह मौत की गिरिफ़्त से निकलकर ज़िंदगी में दाख़िल हो गया है।
ईसा ने जवाब दिया, "अगर कोई मुझे प्यार करे तो वह मेरे कलाम के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारेगा। मेरा बाप ऐसे शख़्स को प्यार करेगा और हम उसके पास आकर उसके साथ सुकूनत करेंगे।
उस कलाम के ज़रीए जो मैंने तुमको सुनाया है तुम तो पाक-साफ़ हो चुके हो।
उन्हें सच्चाई के वसीले से मख़सूसो-मुक़द्दस कर। तेरा कलाम ही सच्चाई है।
उसके मुरदों में से जी उठने के बाद उसके शागिर्दों को उस की यह बात याद आई। फिर वह कलामे-मुक़द्दस और उन बातों पर ईमान लाए जो ईसा ने की थीं।
और उस की बातें सुनकर मज़ीद बहुत-से लोग ईमान लाए।
और जो मुझ पर ईमान लाए वह पिए। कलामे-मुक़द्दस के मुताबिक़ ‘उसके अंदर से ज़िंदगी के पानी की नहरें बह निकलेंगी’।"
Meditar na Palavra
A meditação na Palavra traz prosperidade e bom sucesso. Ela é fonte de sabedoria, consolo e orientação para toda a vida.
जो बातें इस शरीअत की किताब में लिखी हैं वह तेरे मुँह से न हटें। दिन-रात उन पर ग़ौर करता रह ताकि तू एहतियात से इसकी हर बात पर अमल कर सके। फिर तू हर काम में कामयाब और ख़ुशहाल होगा।
ऐ रब, लशकरों के ख़ुदा, जब भी तेरा कलाम मुझ पर नाज़िल हुआ तो मैंने उसे हज़म किया, और मेरा दिल उससे ख़ुशो-ख़ुर्रम हुआ। क्योंकि मुझ पर तेरे ही नाम का ठप्पा लगा है।
यानी यह कि अगर तू अपने मुँह से इक़रार करे कि ईसा ख़ुदावंद है और दिल से ईमान लाए कि अल्लाह ने उसे मुरदों में से ज़िंदा कर दिया तो तुझे नजात मिलेगी। क्योंकि जब हम दिल से ईमान लाते हैं तो अल्लाह हमें रास्तबाज़ क़रार देता है, और जब हम अपने मुँह से इक़रार करते हैं तो हमें नजात मिलती है।
अल्लाह के कलाम पर मेरा फ़ख़र है, अल्लाह पर मेरा भरोसा है। मैं डरूँगा नहीं, क्योंकि फ़ानी इनसान मुझे क्या नुक़सान पहुँचा सकता है?
अल्लाह की राह कामिल है, रब का फ़रमान ख़ालिस है। जो भी उसमें पनाह ले उस की वह ढाल है।
ऐ रब, तूने मुझे अपनी नजात की ढाल बख़्श दी है। तेरे दहने हाथ ने मुझे क़ायम रखा, तेरी नरमी ने मुझे बड़ा बना दिया है।
तू मेरे क़दमों के लिए रास्ता बना देता है, इसलिए मेरे टख़ने नहीं डगमगाते।
कौन मज़े से ज़िंदगी गुज़ारना और अच्छे दिन देखना चाहता है?
वह अपनी ज़बान को शरीर बातें करने से रोके और अपने होंटों को झूट बोलने से।
उसने तुझे आजिज़ करके भूके होने दिया, फिर तुझे मन खिलाया जिससे न तू और न तेरे बापदादा वाक़िफ़ थे। क्योंकि वह तुझे सिखाना चाहता था कि इनसान की ज़िंदगी सिर्फ़ रोटी पर मुनहसिर नहीं होती बल्कि हर उस बात पर जो रब के मुँह से निकलती है।
चूँकि आप नौमौलूद बच्चे हैं इसलिए ख़ालिस रूहानी दूध पीने के आरज़ूमंद रहें, क्योंकि इसे पीने से ही आप बढ़ते बढ़ते नजात की नौबत तक पहुँचेंगे।
यगांगत की ज़रूरत
क्या आपके दरमियान मसीह में हौसलाअफ़्ज़ाई, मुहब्बत की तसल्ली, रूहुल-क़ुद्स की रिफ़ाक़त, नरमदिली और रहमत पाई जाती है? अगर ऐसा है तो मेरी ख़ुशी इसमें पूरी करें कि आप एक जैसी सोच रखें और एक जैसी मुहब्बत रखें, एक जान और एक ज़हन हो जाएँ। ख़ुदग़रज़ न हों, न बातिल इज़्ज़त के पीछे पड़ें बल्कि फ़रोतनी से दूसरों को अपने से बेहतर समझें। हर एक न सिर्फ़ अपना फ़ायदा सोचे बल्कि दूसरों का भी।
मसीह की राहे-सलीब
वही सोच रखें जो मसीह ईसा की भी थी।
वह जो अल्लाह की सूरत पर था
नहीं समझता था कि मेरा अल्लाह के बराबर होना
कोई ऐसी चीज़ है
जिसके साथ ज़बरदस्ती चिमटे रहने की ज़रूरत है।
नहीं, उसने अपने आपको इससे महरूम करके
ग़ुलाम की सूरत अपनाई
और इनसानों की मानिंद बन गया।
शक्लो-सूरत में वह इनसान पाया गया।
उसने अपने आपको पस्त कर दिया
और मौत तक ताबे रहा,
बल्कि सलीबी मौत तक।
इसलिए अल्लाह ने उसे सबसे आला मक़ाम पर सरफ़राज़ कर दिया
और उसे वह नाम बख़्शा जो हर नाम से आला है,
ताकि ईसा के इस नाम के सामने हर घुटना झुके,
ख़ाह वह घुटना आसमान पर, ज़मीन पर या इसके नीचे हो,
और हर ज़बान तसलीम करे कि ईसा मसीह ख़ुदावंद है।
यों ख़ुदा बाप को जलाल दिया जाएगा।
रूहानी तरक़्क़ी का राज़
मेरे अज़ीज़ो, जब मैं आपके पास था तो आप हमेशा फ़रमाँबरदार रहे। अब जब मैं ग़ैरहाज़िर हूँ तो इसकी कहीं ज़्यादा ज़रूरत है। चुनाँचे डरते और काँपते हुए जाँफ़िशानी करते रहें ताकि आपकी नजात तकमील तक पहुँचे। क्योंकि ख़ुदा ही आपमें वह कुछ करने की ख़ाहिश पैदा करता है जो उसे पसंद है, और वही आपको यह पूरा करने की ताक़त देता है।
सब कुछ बुड़बुड़ाए और बहस-मुबाहसा किए बग़ैर करें ताकि आप बेइलज़ाम और पाक होकर अल्लाह के बेदाग़ फ़रज़ंद साबित हो जाएँ, ऐसे लोग जो एक टेढ़ी और उलटी नसल के दरमियान ही आसमान के सितारों की तरह चमकते-दमकते और ज़िंदगी का कलाम थामे रखते हैं। फिर मैं मसीह की आमद के दिन फ़ख़र कर सकूँगा कि न मैं रायगाँ दौड़ा, न बेफ़ायदा जिद्दो-जहद की।
देखें, जो ख़िदमत आप ईमान से सरंजाम दे रहे हैं वह एक ऐसी क़ुरबानी है जो अल्लाह को पसंद है। ख़ुदा करे कि जो दुख मैं उठा रहा हूँ वह मै की उस नज़र की मानिंद हो जो बैतुल-मुक़द्दस में क़ुरबानी पर उंडेली जाती है। अगर मेरी नज़र वाक़ई आपकी क़ुरबानी यों मुकम्मल करे तो मैं ख़ुश हूँ और आपके साथ ख़ुशी मनाता हूँ। आप भी इसी वजह से ख़ुश हों और मेरे साथ ख़ुशी मनाएँ।
तीमुथियुस और इपफ़्रुदितुस को फ़िलिप्पियों के पास भेजा जाएगा
मुझे उम्मीद है कि अगर ख़ुदावंद ईसा ने चाहा तो मैं जल्द ही तीमुथियुस को आपके पास भेज दूँगा ताकि आपके बारे में ख़बर पाकर मेरा हौसला भी बढ़ जाए। क्योंकि मेरे पास कोई और नहीं जिसकी सोच बिलकुल मेरी जैसी है और जो इतनी ख़ुलूसदिली से आपकी फ़िकर करे। दूसरे सब अपने मफ़ाद की तलाश में रहते हैं और वह कुछ नज़रंदाज़ करते हैं जो ईसा मसीह का काम बढ़ाता है। लेकिन आपको तो मालूम है कि तीमुथियुस क़ाबिले-एतमाद साबित हुआ, कि उसने मेरा बेटा बनकर मेरे साथ अल्लाह की ख़ुशख़बरी फैलाने की ख़िदमत सरंजाम दी। चुनाँचे उम्मीद है कि ज्योंही मुझे पता चले कि मेरा क्या बनेगा मैं उसे आपके पास भेज दूँगा। और मेरा ख़ुदावंद में ईमान है कि मैं भी जल्द ही आपके पास आऊँगा।
लेकिन मैंने ज़रूरी समझा कि इतने में इपफ़्रुदितुस को आपके पास वापस भेज दूँ जिसे आपने क़ासिद के तौर पर मेरी ज़रूरियात पूरी करने के लिए मेरे पास भेज दिया था। वह मेरा सच्चा भाई, हमख़िदमत और साथी सिपाही साबित हुआ। मैं उसे इसलिए भेज रहा हूँ क्योंकि वह आप सबका निहायत आरज़ूमंद है और इसलिए बेचैन है कि आपको उसके बीमार होने की ख़बर मिल गई थी। और वह था भी बीमार बल्कि मरने को था। लेकिन अल्लाह ने उस पर रहम किया, और न सिर्फ़ उस पर बल्कि मुझ पर भी ताकि मेरे दुख में इज़ाफ़ा न हो जाए। इसलिए मैं उसे और जल्दी से आपके पास भेजूँगा ताकि आप उसे देखकर ख़ुश हो जाएँ और मेरी परेशानी भी दूर हो जाए। चुनाँचे ख़ुदावंद में बड़ी ख़ुशी से उसका इस्तक़बाल करें। उस जैसे लोगों की इज़्ज़त करें, क्योंकि वह मसीह के काम के बाइस मरने की नौबत तक पहुँच गया था। उसने अपनी जान ख़तरे में डाल दी ताकि आपकी जगह मेरी वह ख़िदमत करे जो आप न कर सके।
Palavras de vida
As palavras de Deus são espírito e vida. Quem fala deve falar como oráculos de Deus, com verdade, sabedoria e edificação.
गप्पें हाँकनेवाले की बातें तलवार की तरह ज़ख़मी कर देती हैं जबकि दानिशमंद की ज़बान शफ़ा देती है।
जिसके दिल में परेशानी है वह दबा रहता है, लेकिन कोई भी अच्छी बात उसे ख़ुशी दिलाती है।
रास्तबाज़ का मुँह ज़िंदगी का सरचश्मा है, लेकिन बेदीन के मुँह पर ज़ुल्म का परदा पड़ा रहता है।
नरम जवाब ग़ुस्सा ठंडा करता, लेकिन तुरश बात तैश दिलाती है।
इनसान अपने मुँह के फल से सेर हो जाएगा, वह अपने होंटों की पैदावार को जी भरकर खाएगा।
ज़बान का ज़िंदगी और मौत पर इख़्तियार है, जो उसे प्यार करे वह उसका फल भी खाएगा।
लेकिन जो कुछ इनसान के मुँह से निकलता है वह दिल से आता है। वही इनसान को नापाक करता है। दिल ही से बुरे ख़यालात, क़त्लो-ग़ारत, ज़िनाकारी, हरामकारी, चोरी, झूटी गवाही और बुहतान निकलते हैं।
मैं तुमको बताता हूँ कि क़ियामत के दिन लोगों को बेपरवाई से की गई हर बात का हिसाब देना पड़ेगा। तुम्हारी अपनी बातों की बिना पर तुमको रास्त या नारास्त ठहराया जाएगा।"
ऐ साँप के बच्चो! तुम जो बुरे हो किस तरह अच्छी बातें कर सकते हो? क्योंकि जिस चीज़ से दिल लबरेज़ होता है वह छलककर ज़बान पर आ जाती है।
हम सबसे तो कई तरह की ग़लतियाँ सरज़द होती हैं। लेकिन जिस शख़्स से बोलने में कभी ग़लती नहीं होती वह कामिल है और अपने पूरे बदन को क़ाबू में रखने के क़ाबिल है।
हम घोड़े के मुँह में लगाम का दहाना रख देते हैं ताकि वह हमारे हुक्म पर चले, और इस तरह हम अपनी मरज़ी से उसका पूरा जिस्म चला लेते हैं। या बादबानी जहाज़ की मिसाल लें। जितना भी बड़ा वह हो और जितनी भी तेज़ हवा चलती हो नाख़ुदा एक छोटी-सी पतवार के ज़रीए उसका रुख़ ठीक रखता है। यों ही वह उसे अपनी मरज़ी से चला लेता है। इसी तरह ज़बान एक छोटा-सा अज़ु है, लेकिन वह बड़ी बड़ी बातें करती है।
देखें, एक बड़े जंगल को भस्म करने के लिए एक ही चिंगारी काफ़ी होती है। ज़बान भी आग की मानिंद है। बदन के दीगर आज़ा के दरमियान रहकर उसमें नारास्ती की पूरी दुनिया पाई जाती है। वह पूरे बदन को आलूदा कर देती है, हाँ इनसान की पूरी ज़िंदगी को आग लगा देती है, क्योंकि वह ख़ुद जहन्नुम की आग से सुलगाई गई है। देखें, इनसान हर क़िस्म के जानवरों पर क़ाबू पा लेता है और उसने ऐसा किया भी है, ख़ाह जंगली जानवर हों या परिंदे, रेंगनेवाले हों या समुंदरी जानवर। लेकिन ज़बान पर कोई क़ाबू नहीं पा सकता, इस बेताब और शरीर चीज़ पर जो मोहलक ज़हर से लबालब भरी है।
ग़रज़, ईमान पैग़ाम सुनने से पैदा होता है, यानी मसीह का कलाम सुनने से।
तो फिर सवाल यह है कि क्या इसराईलियों ने यह पैग़ाम नहीं सुना? उन्होंने इसे ज़रूर सुना। कलामे-मुक़द्दस में लिखा है,
"उनकी आवाज़ निकलकर पूरी दुनिया में सुनाई दी,
उनके अलफ़ाज़ दुनिया की इंतहा तक पहुँच गए।"