Palavras de consolo
A Bíblia é repleta de palavras de consolo para os aflitos. Deus está perto dos que sofrem e promete enxugar toda lágrima, renovar a esperança e restaurar o coração partido.
Deus está conosco
O Senhor é refúgio e fortaleza. Mesmo no vale da sombra da morte, não precisamos temer — Ele está ao nosso lado para nos consolar.
गो मैं तारीकतरीन वादी में से गुज़रूँ मैं मुसीबत से नहीं डरूँगा, क्योंकि तू मेरे साथ है, तेरी लाठी और तेरा असा मुझे तसल्ली देते हैं।
अल्लाह से रिफ़ाक़त
दाऊद का ज़बूर।
रब मेरी रौशनी और मेरी नजात है, मैं किससे डरूँ? रब मेरी जान की पनाहगाह है, मैं किससे दहशत खाऊँ?
रब मज़लूमों की पनाहगाह है, एक क़िला जिसमें वह मुसीबत के वक़्त महफ़ूज़ रहते हैं।
रब से मेरी एक गुज़ारिश है, मैं एक ही बात चाहता हूँ। यह कि जीते-जी रब के घर में रहकर उस की शफ़क़त से लुत्फ़अंदोज़ हो सकूँ, कि उस की सुकूनतगाह में ठहरकर महवे-ख़याल रह सकूँ।
क्योंकि मुसीबत के दिन वह मुझे अपनी सुकूनतगाह में पनाह देगा, मुझे अपने ख़ैमे में छुपा लेगा, मुझे उठाकर ऊँची चट्टान पर रखेगा।
क्योंकि तू ही मेरी उम्मीद है। ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, तू मेरी जवानी ही से मेरा भरोसा रहा है।
Consolação e esperança
Deus consola os humildes e exalta os abatidos. Ele nunca nos desamparará.
रब ख़ुद तेरे आगे आगे चलते हुए तेरे साथ होगा। वह तुझे कभी नहीं छोड़ेगा, तुझे कभी नहीं तर्क करेगा। ख़ौफ़ न खाना, न घबराना।"
उनसे न डरो। तुम्हारा ख़ुदा ख़ुद तुम्हारे लिए जंग करेगा।"
मैं फिर कहता हूँ कि मज़बूत और दिलेर हो। न घबरा और न हौसला हार, क्योंकि जहाँ भी तू जाएगा वहाँ रब तेरा ख़ुदा तेरे साथ रहेगा।"
पस्तहालों को वह सरफ़राज़ करता और मातम करनेवालों को उठाकर महफ़ूज़ मक़ाम पर रख देता है।
हमारा ख़ुदावंद ईसा मसीह ख़ुद और ख़ुदा हमारा बाप जिसने हमसे मुहब्बत रखी और अपने फ़ज़ल से हमें अबदी तसल्ली और ठोस उम्मीद बख़्शी
Descanso e renovação
Bem-aventurados os que choram, pois serão consolados. A Bíblia nos convida a descansar nos braços do Pai e encontrar paz para a alma.
मुबारक हैं वह जो मातम करते हैं, क्योंकि उन्हें तसल्ली दी जाएगी।
चुनाँचे अल्लाह के क़ादिर हाथ के नीचे झुक जाएँ ताकि वह मौज़ूँ वक़्त पर आपको सरफ़राज़ करे। अपनी तमाम परेशानियाँ उस पर डाल दें, क्योंकि वह आपकी फ़िकर करता है।
मुझे अपनी मेहरबानी का कोई निशान दिखा। मुझसे नफ़रत करनेवाले यह देखकर शरमिंदा हो जाएँ कि तू रब ने मेरी मदद करके मुझे तसल्ली दी है।
तेरी शफ़क़त मुझे तसल्ली दे, जिस तरह तूने अपने ख़ादिम से वादा किया है।
तू पाँव फैलाकर सो सकेगा, कोई सदमा तुझे नहीं पहुँचेगा बल्कि तू लेटकर गहरी नींद सोएगा।
हर बात का अपना वक़्त है
हर चीज़ की अपनी घड़ी होती, आसमान तले हर मामले का अपना वक़्त होता है,
जन्म लेने और मरने का,
पौदा लगाने और उखाड़ने का,
मार देने और शफ़ा देने का,
ढा देने और तामीर करने का,
रोने और हँसने का,
आहें भरने और रक़्स करने का,
पत्थर फेंकने और पत्थर जमा करने का,
गले मिलने और इससे बाज़ रहने का,
तलाश करने और खो देने का,
महफ़ूज़ रखने और फेंकने का,
फाड़ने और सीकर जोड़ने का,
ख़ामोश रहने और बोलने का,
प्यार करने और नफ़रत करने का,
जंग लड़ने और सलामती से ज़िंदगी गुज़ारने का,