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Pão

Por Bíblia Online

O pão é símbolo central na Bíblia: do maná no deserto ao pão da vida — Jesus. A Escritura usa o pão para ensinar sobre provisão divina, comunhão e dependência espiritual.

O maná do céu

Deus alimentou Israel no deserto com pão do céu. O maná era diário, fiel e suficiente — retrato da provisão constante de Deus.

तव कयो, इसरएल़ायनांसमळे; उनगहन कय े, ि हड़ा हड़ु बनआरळभमरभरयसे; आरि ांमरभगवे। तव असि ांबटआवआखवनपर बठ गय; आरळभवनवरपड़ीो। आरजव वरगया, ि गलन धरतपर ा–छलटधड़े कचरतसपडा। जव इसरएला, एक िसरकयनमने। नति े, तव नको, करआपे।

इसरएलन घरउनमना; आरधवळिरकधवळो, आरउकसवहळन बनलजसो।

O pão da vida

Jesus declarou: 'Eu sou o pão da vida.' Quem vem a Ele nunca terá fome, e quem nele crê jamais terá sede. Ele é o sustento eterno.

ईशउककयो, "सच सच कय रयि रग आपलो, सचरग आपले। हकि यहभगवनन रग उतरजगत वन आपे।" तव उककयो, "रबु, हमआपिकर"

ईशउककयो, "वनन े: आवकदरये, आरपर िकरकदसकरवसे।"

वनन े। मरबदगल मनआरमर गया। रगदउतरति रईन आरमरे। वनन रगदरईन उतरसे, े। यदि इन रईन , हमवतरवसे; आरअमरकवनन करतआपद, े।

ईशजविो: "िखले, वल ी, हर एक वचन यहा–भगविकवते, वतरवछे।’"

Partilha e comunhão

O partir do pão une o corpo de Cristo. Na Ceia, na generosidade e na partilha, expressamos a comunhão com Deus e uns com os outros.

पछआरधनयवकरआरउनककयतआपिो, "मरकरते: मरण करतकर्‍करो।"

हकि जव कदआरइनि, रबमरन जव तक आश, खबर करत

धनयवटको, िपर धनयवकरते; मसकरसहभिी? िे, मससहभिी? एरकरि एक े, एक े: हकि सब ओकएक यसे।

वलइनि थनकर्‍कर

मर, रग े; खल:

आवे। मरजरग यते,

पर

मरहड़ा भर आज आपस

उसनजविा, "आपो।" ओककयो, "हकि हड़ा हडकवड़ाा?"

उसनउनछकयो, "ईन मरकतरे?" लम करकयो, "आरी"

ततउसनसब ़ो पर बटे। आरपचपचकरबटगया। उसनउन करआरा, आररग तरफ धनयवकर्‍ो, आरकर गयनसरसे, आरउन सब ा। सब ईन गया, आरकड़ा मसकभरकला, आरी।

Provisão divina

O justo não é desamparado e seus descendentes não mendigam pão. Deus provê com fidelidade o alimento de cada dia.

फरिआरसदिोंिखम

आरनदउनसमय िहता। ईशकय"सदफरिों सदिखमकचरहवजो।"

इनपर एक िसरकरनिा, "ा। अतरनकरकरअसकहवे।"

, ईशकयो, "िनभरसा, आपसकर रयमरहय? अब तक समझिा? आरउनकरता, आरि कतरटलभरलिकलिा? आरउन हजा, आरि कतरिकलिा? समझि मरकयो? फरिआरसदिखमकचिरहवजो।"

तव समझ आयो, ि ईशखमी, फरिआरसदििकचिरहवनकयो।

अकलच

आपसऊपर े, हकघण हड़ापछकरआठ जने, हकनटधरतपर ि़ा आय पडे।

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