Pão
O pão é símbolo central na Bíblia: do maná no deserto ao pão da vida — Jesus. A Escritura usa o pão para ensinar sobre provisão divina, comunhão e dependência espiritual.
O maná do céu
Deus alimentou Israel no deserto com pão do céu. O maná era diário, fiel e suficiente — retrato da provisão constante de Deus.
तब यहोवा ने मूसा से कहा, "इस्राएलियों का बुड़बुड़ाना मैंने सुना है; उनसे कह दे, कि सूर्यास्त के समय तुम माँस खाओगे और भोर को तुम रोटी से तृप्त हो जाओगे; और तुम यह जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ।" तब ऐसा हुआ कि साँझ को बटेरेंबटेरें: ये पक्षी दक्षिण दिशा से वसन्त ऋतु में बड़ी संख्या में आते हैं यह लाल समुद्र के आस-पास सबसे अधिक पाए जाते हैं। आकर सारी छावनी पर बैठ गईं; और भोर को छावनी के चारों ओर ओस पड़ी। और जब ओस सूख गई तो वे क्या देखते हैं, कि जंगल की भूमि पर छोटे-छोटे छिलके पाले के किनकों के समान पड़े हैं। यह देखकर इस्राएली, जो न जानते थे कि यह क्या वस्तु है, वे आपस में कहने लगे यह तो मन्ना है। तब मूसा ने उनसे कहा, "यह तो वही भोजनवस्तु है जिसे यहोवा तुम्हें खाने के लिये देता है।
इस्राएल के घराने ने उस वस्तु का नाम मन्ना रखा; और वह धनिया के समान श्वेत था, और उसका स्वाद मधु के बने हुए पूए का सा था।
तो भी उसने आकाश को आज्ञा दी,
और स्वर्ग के द्वारों को खोला;
और उनके लिये खाने को मन्ना बरसाया,
और उन्हें स्वर्ग का अन्न दिया। (निर्ग. 16:4, यूह. 6:31)
मनुष्यों को स्वर्गदूतों की रोटी मिली;
उसने उनको मनमाना भोजन दिया।
तू पशुओं के लिये घास,
और मनुष्यों के काम के लिये अन्न आदि उपजाता है,
और इस रीति भूमि से वह भोजन-वस्तुएँ उत्पन्न करता है
और दाखमधु जिससे मनुष्य का मन आनन्दित होता है,
और तेल जिससे उसका मुख चमकता है,
और अन्न जिससे वह सम्भल जाता है।
O pão da vida
Jesus declarou: 'Eu sou o pão da vida.' Quem vem a Ele nunca terá fome, e quem nele crê jamais terá sede. Ele é o sustento eterno.
यीशु ने उनसे कहा, "मैं तुम से सच-सच कहता हूँ कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है। क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है।" तब उन्होंने उससे कहा, "हे स्वामी, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर।"
यीशु ने उनसे कहा, "जीवन की रोटी मैं हूँजीवन की रोटी मैं हूँ: यीशु का मतलब है कि वह आत्मिक जीवन का सहारा है या उनकी शिक्षा जीवन और आत्मा के लिए शान्ति देगा।: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा।
जीवन की रोटी मैं हूँ। तुम्हारे पूर्वजों ने जंगल में मन्ना खाया और मर गए। यह वह रोटी है जो स्वर्ग से उतरती है ताकि मनुष्य उसमें से खाए और न मरे। जीवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मैं हूँ। यदि कोई इस रोटी में से खाए, तो सर्वदा जीवित रहेगा; और जो रोटी मैं जगत के जीवन के लिये दूँगा, वह मेरा माँस है।"
उसने तुझको नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा भी जानते थे, वही तुझको खिलाया; इसलिए कि वह तुझको सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो-जो वचन यहोवा के मुँहमनुष्य केवल रोटी ही से नहीं .... वचन यहोवा के मुँह: उन्हें यह शिक्षा दी गई कि मनुष्य मात्र प्रकृति के पोषण से नहीं, बल्कि उस प्रकृति के माध्यम से सृजनहार परमेश्वर के द्वारा जीवित रहता है। से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है। (मत्ती 4:4, लूका 4:4, 1 कुरि. 10:3)
यीशु ने उत्तर दिया, "लिखा है,
‘मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं,
परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।’"
Partilha e comunhão
O partir do pão une o corpo de Cristo. Na Ceia, na generosidade e na partilha, expressamos a comunhão com Deus e uns com os outros.
फिर उसने रोटी ली, और धन्यवाद करके तोड़ी, और उनको यह कहते हुए दी, "यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये दी जाती है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।"
क्योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो।
वह धन्यवाद का कटोरा, जिस पर हम धन्यवाद करते हैं, क्या वह मसीह के लहू की सहभागिता नहीं? वह रोटी जिसे हम तोड़ते हैं, क्या मसीह की देह की सहभागिता नहीं? इसलिए, कि एक ही रोटी है तो हम भी जो बहुत हैं, एक देह हैं क्योंकि हम सब उसी एक रोटी में भागी होते हैं।
"अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो:
‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। (लूका 11:2)
‘तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।
‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।
दया करनेवाले पर आशीष फलती है,
क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है। (2 कुरि. 9:10)
उसने उन्हें उत्तर दिया, "तुम ही उन्हें खाने को दो।" उन्होंने उससे कहा, "क्या हम दो सौ दीनार की रोटियाँ मोल लें, और उन्हें खिलाएँ?" उसने उनसे कहा, "जाकर देखो तुम्हारे पास कितनी रोटियाँ हैं?" उन्होंने मालूम करके कहा, "पाँच रोटी और दो मछली भी।"
तब उसने उन्हें आज्ञा दी, कि सब को हरी घास पर समूह में बैठा दो। वे सौ-सौ और पचास-पचास करके समूह में बैठ गए। और उसने उन पाँच रोटियों को और दो मछलियों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियाँ तोड़-तोड़कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछलियाँ भी उन सब में बाँट दीं। और सब खाकर तृप्त हो गए, और उन्होंने टुकड़ों से बारह टोकरियाँ भरकर उठाई, और कुछ मछलियों से भी।
Provisão divina
O justo não é desamparado e seus descendentes não mendigam pão. Deus provê com fidelidade o alimento de cada dia.
मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे
तक देखता आया हूँ;
परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ,
और न उसके वंश को टुकड़े माँगते देखा है।
फरीसियों और सदूकियों का ख़मीर
और चेले झील के उस पार जाते समय रोटी लेना भूल गए थे। यीशु ने उनसे कहा, "देखो, फरीसियों और सदूकियों के ख़मीर से सावधान रहना।" वे आपस में विचार करने लगे, "हम तो रोटी नहीं लाए। इसलिए वह ऐसा कहता है।" यह जानकर, यीशु ने उनसे कहा, "हे अल्पविश्वासियों, तुम आपस में क्यों विचार करते हो कि हमारे पास रोटी नहीं? क्या तुम अब तक नहीं समझे? और उन पाँच हजार की पाँच रोटी स्मरण नहीं करते, और न यह कि कितनी टोकरियाँ उठाई थीं? और न उन चार हजार की सात रोटियाँ, और न यह कि कितने टोकरे उठाए गए थे? तुम क्यों नहीं समझते कि मैंने तुम से रोटियों के विषय में नहीं कहा? परन्तु फरीसियों और सदूकियों के ख़मीर से सावधान रहना।" तब उनको समझ में आया, कि उसने रोटी के ख़मीर से नहीं, पर फरीसियों और सदूकियों की शिक्षा से सावधान रहने को कहा था।
परिश्रम का मूल्य
अपनी रोटी जल के ऊपर डाल दे, क्योंकि बहुत दिन के बाद तू उसे फिर पाएगा। सात वरन् आठ जनों को भी भाग दे, क्योंकि तू नहीं जानता कि पृथ्वी पर क्या विपत्ति आ पड़ेगी।