Pão
O pão é símbolo central na Bíblia: do maná no deserto ao pão da vida — Jesus. A Escritura usa o pão para ensinar sobre provisão divina, comunhão e dependência espiritual.
O maná do céu
Deus alimentou Israel no deserto com pão do céu. O maná era diário, fiel e suficiente — retrato da provisão constante de Deus.
तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो,
"इस्राएलियों को बुड़बुड़ानो मय न सुन्यो हय; उन्को सी कह्य दे कि हर शाम ख तुम्ख मांस अऊर सुबेरे पेट भर रोटी सी तृप्त होय जावो; अऊर तुम जान जाजो कि मयच तुम्हरो परमेश्वर आय।" तब असो भयो कि शाम ख लावा पक्षी आय क पूरी छावनी पर बैठ गयी; अऊर सुबेरे छावनी को चारयी तरफ ओस गिरी। अऊर जब ओस सूख गयी त हि का देखय हंय कि सुनसान जागा पर छोटो छोटो जमी ओस को जसो छोटो कन दिखायी दियो। यो देख क इस्राएली लोग, जो न जानत होतो कि या का चीज आय, कहालीकि हि नहीं जानत होतो कि ऊ का आय। तब मूसा न उन्को सी कह्यो, "या उच जेवन आय जेक परमेश्वर तुम्ख खान लायी देवय हय।
इस्राएल लोगों न उच चीज को नाम मन्ना रख्यो, समार को दाना जसो सफेद होतो। अऊर ओको स्वाद शहेद सी बन्यो पुवा को जसो होतो।
O pão da vida
Jesus declarou: 'Eu sou o pão da vida.' Quem vem a Ele nunca terá fome, e quem nele crê jamais terá sede. Ele é o sustento eterno.
यीशु न उन्को सी कह्यो, "मय तुम सी सच सच कहू हय कि मूसा न तुम्ख वा रोटी स्वर्ग सी नहीं दी, पर मोरो बाप तुम्ख सच्ची रोटी स्वर्ग सी देवय हय। कहालीकि परमेश्वर की रोटी वाच आय जो स्वर्ग सी उतर क जगत ख जीवन देवय हय।"
तब उन्न ओको सी कह्यो, "हे प्रभु, या रोटी हम्ख हमेशा दियो कर।"
यीशु न ओको सी कह्यो, "जीवन की रोटी मय आय : जो मोरो जवर आवय हय ऊ कभी भूखो नहीं होयेंन, अऊर जो मोरो पर विश्वास करय हय ऊ कभी प्यासो नहीं होयेंन।
जीवन की रोटी मय आय। तुम्हरो पूर्वजों न जंगल म मन्ना खायो अऊर मर गयो। या वा रोटी आय जो स्वर्ग सी उतरय हय ताकि आदमी ओको म सी खाये अऊर नहीं मरय। जीवन की रोटी जो स्वर्ग सी उतरी, मय आय। यदि कोयी यो रोटी म सी खावय, त हमेशा जीन्दो रहेंन; अऊर जो रोटी मय जगत को जीवन लायी देऊ, ऊ मोरो मांस आय।"
यीशु न उत्तर दियो: "यो शास्त्र म लिख्यो हय, ‘आदमी केवल रोटीच सी नहीं, पर हर एक वचन सी जो परमेश्वर को मुंह सी निकलय हय, जीन्दो रहेंन।’"
Partilha e comunhão
O partir do pão une o corpo de Cristo. Na Ceia, na generosidade e na partilha, expressamos a comunhão com Deus e uns com os outros.
तब ओन रोटी लियो, अऊर धन्यवाद कर क् तोड़ी, अऊर उन्ख यो कह्य क दियो, "यो मोरो शरीर आय जो तुम्हरो लायी दियो जावय हय : मोरी याद म असोच करतो रहो।"
कहालीकि जब कभी तुम यो रोटी खावय अऊर यो प्याला म सी पीवय हय, त प्रभु की मृत्यु ख जब तक ऊ नहीं आय जाय, प्रचार करजे हय।
जो प्रभु भोज को प्याला आय, जेक हम पीजे हय, अऊर परमेश्वर को धन्यवाद करजे हंय; तब हम मसीह को खून की सहभागिता करजे हय। ऊ रोटी जेक हम खाजे हंय, ऊ मसीह की शरीर म सहभागिता करजे हय। येकोलायी कि एकच रोटी हय त हम भी जो बहुत हंय, तब भी एक शरीर आय : कहालीकि हम सब उच एक रोटी म सहभागी होजे हंय।
येकोलायी तुम यो रीति सी प्रार्थना करतो रहो:
"हे हमरो पिता, तय जो स्वर्ग म हय;
तोरो नाम पवित्र मान्यो जाये।"
"तोरो राज्य आये।
तोरी इच्छा जसी स्वर्ग म पूरी होवय हय, वसी धरती पर भी हो"
"हमरी दिन भर की रोटी अज हम्ख दे।"
ओन उत्तर दियो, "तुमच उन्ख खान ख देवो।" उन्न यीशु सी कह्यो।
"का हम चांदी को सिक्का की रोटी लेय लेबो जेकी कीमत दोय सौ दिन की मजूरी को बराबर हय, उन्ख खिलायबो?"
यीशु न उन्को सी कह्यो, "जाय क देखो तुम्हरो जवर कितनी रोटी हय?"
उन्न मालूम कर क् कह्यो, "पाच रोटी अऊर दोय मच्छी।"
तब यीशु न चेलावों ख आज्ञा दियो कि सब ख हरी घास पर पंगत-पंगत सी बिठाय देवो। येकोलायी हि सौ सौ अऊर पचास पचास कर क् पंगत-पंगत सी बैठ गयो। तब यीशु न पाच रोटी अऊर दोय मच्छी ख लियो, अऊर स्वर्ग को तरफ देख क परमेश्वर ख धन्यवाद दियो। अऊर ओन रोटी तोड़-तोड़ क चेलावों ख देत गयो कि हि लोगों ख परोसो। अऊर हि दोय मच्छी भी उन सब म बाट दियो। अऊर सब खाय क सन्तुष्ट भय गयो, तब चेलावों न रोटी अऊर मच्छी म सी बच्यो हुयो टुकड़ा सी बारा टोकनी भर क उठायी।
Provisão divina
O justo não é desamparado e seus descendentes não mendigam pão. Deus provê com fidelidade o alimento de cada dia.
फरीसियों अऊर सदूकियों की शिक्षा को खमीर
चेला समुन्दर को ओन पार पहुंच्यो, पर हि रोटी धरनो भूल गयो होतो। यीशु न उन्को सी कह्यो, "देखो, फरीसियों अऊर सदूकियों को खमीर जसो शिक्षा सी चौकस रहजो।" हि आपस म बिचार करन लग्यो, "हम न रोटी नहीं लायो येकोलायी ऊ असो कह्य हय।" यो जान क, यीशु न उन्को सी कह्यो, "हे अविश्वासियों, तुम आपस म कहाली बिचार करय हय कि हमरो जवर रोटी नहाय? का तुम अब तक नहीं समझ्यो? का याद करय कि जब पाच हजार लोगों लायी पाच रोटी होती त तुम्न कितनी टोकनियां उठायी होती? अऊर चार हजार लायी सात रोटी होती त तुम्न कितनी टोकनी उठायी होती? तुम कहाली नहीं समझय कि मय न तुम्हरो सी रोटी को बारे म नहीं कह्यो, पर यो कि तुम फरीसियों अऊर सदूकियों को खमीर सी चौकस रहजो।" तब चेला को समझ म आयो कि ओन रोटी को खमीर को बारे म नहीं, पर फरीसियों अऊर सदूकियों की शिक्षा सी चौकस रहन लायी कह्यो होतो।
बुद्धिमान आदमी को स्वभाव
अपनी रोटी पानी को ऊपर डाल दे, कहालीकि बहुत दिन को बाद तय ओख फिर पाजो। सात बल्की आठ जनों ख भी भाग दे, कहालीकि तय नहीं जानय कि धरती पर का विपत्ति आय पड़ेंन।