O papel do homem
A Bíblia define o papel do homem na família e na sociedade: líder servidor, provedor fiel, pai presente e marido amoroso, seguindo o exemplo de Cristo.
Marido e pai
O marido deve amar a esposa como Cristo amou a Igreja. O pai é chamado a criar os filhos na disciplina e instrução do Senhor.
हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से वैसा ही प्रेम रखो जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम रखा, और अपने आपको उसके लिए दे दिया
हे पिताओ, अपने बच्चों को क्रोध न दिलाओ बल्कि प्रभु के निर्देशों और अनुशासन में उनका पालन-पोषण करो।
हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से प्रेम रखो और उनके प्रति कठोर मत बनो।
हे पतियो, तुम भी इसी प्रकार अपनी-अपनी पत्नी के साथ समझदारी से रहो, और उन्हें निर्बल पात्र जानकर और अनुग्रह के जीवन का सह-उत्तराधिकारी समझकर उनका आदर करो, जिससे तुम्हारी प्रार्थनाओं में बाधा न आए।
Provedor e responsável
Quem não cuida dos seus é pior que o descrente. O homem deve trabalhar com diligência e prover para sua família com honra.
परंतु यदि कोई अपने लोगों की, और विशेषकर अपने परिवार के सदस्यों की देखभाल नहीं करता, तो वह अपने विश्वास से फिर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा हो गया है।
क्योंकि जब हम तुम्हारे साथ थे तो तुम्हें यह आज्ञा दिया करते थे : "यदि कोई कार्य करना नहीं चाहता तो वह खाए भी नहीं।"
तुम जो कुछ करो, मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं बल्कि प्रभु के लिए कर रहे हो,
इसलिए आवश्यक है कि अध्यक्ष निर्दोष, एक ही पत्नी का पति, संयमी, समझदार, सम्माननीय, अतिथि-सत्कार करनेवाला और सिखाने में निपुण हो; पियक्कड़ और मारपीट करनेवाला न हो बल्कि विनम्र हो, और न ही झगड़ालू और धन का लोभी हो। वह अपने घर को अच्छी तरह से संभालता हो, और पूरे सम्मान के साथ बच्चों को अनुशासन में रखता हो।
Caráter e liderança
O homem de Deus é corajoso, íntegro e cheio do Espírito. Ele lidera pelo exemplo e guia sua casa nos caminhos do Senhor.
जागृत रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरुषार्थ रखो और बलवंत बनो।
क्योंकि मैं उसे जानता हूँ कि वह अपने बच्चों और घराने को जो उसके पीछे रह जाएँगे, आज्ञा देगा कि वे यहोवा के मार्ग पर दृढ़ बने रहें, तथा धार्मिकता और न्याय के कार्य करते रहें; ताकि जो प्रतिज्ञा यहोवा ने अब्राहम से की है वह उसे पूरा करे।"
मदिरा पीकर मतवाले न बनो, इससे दुराचार होता है, बल्कि आत्मा में परिपूर्ण होते जाओ,