As 10 parábolas mais importantes de Jesus
Jesus ensinou lições profundas por meio de parábolas, histórias curtas e simbólicas que comunicam verdades espirituais. Cada parábola tem um significado especial e atemporal, revelando o caráter de Deus e ensinando como viver como cristãos. Aqui estão 10 das parábolas mais marcantes e suas lições:
1. Parábola do Semeador (Mateus 13:3-9)
तब उसने दृष्टांतों में उनसे बहुत सी बातें कहीं :"देखो, एक बीज बोनेवाला बीज बोने निकला। बोते समय कुछ बीज मार्ग के किनारे गिरे, और पक्षियों ने आकर उन्हें चुग लिया। कुछ पथरीली भूमि पर गिरे जहाँ अधिक मिट्टी नहीं मिली, और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण वे तुरंत उग आए। परंतु सूर्य उदय होने पर वे झुलस गए और जड़ न पकड़ने के कारण सूख गए। कुछ बीज कँटीली झाड़ियों में गिरे और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा दिया। परंतु कुछ अच्छी भूमि पर गिरे, और कोई सौ गुणा, कोई साठ गुणा और कोई तीस गुणा फल लाया। जिसके पासकान हों, वह सुन ले।"
A parábola do semeador fala sobre a receptividade das pessoas à Palavra de Deus. Cada tipo de solo representa diferentes maneiras de receber e aplicar o Evangelho em nossas vidas. Somente um coração fértil e comprometido pode dar frutos espirituais abundantes.
2. O Bom Samaritano (Lucas 10:25-37)
अच्छे सामरी का दृष्टांत
और देखो, एक व्यवस्थापक उसकी परीक्षा लेने के लिए खड़ा हुआ, और कहने लगा, "हे गुरु, अनंत जीवन का उत्तराधिकारी होने के लिए मैं क्या करूँ?" उसने उससे कहा,"व्यवस्था में क्या लिखा है? तू उसे कैसे पढ़ता है?" उसने उत्तर दिया, "तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने संपूर्ण मन और अपने संपूर्ण प्राण और अपनी संपूर्ण शक्ति और अपनी संपूर्ण बुद्धि से प्रेम रखना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना।" अतः यीशु ने उससे कहा,"तूने ठीक उत्तर दिया; यही कर तो तू जीवित रहेगा।"
परंतु अपने आपको धर्मी ठहराने की इच्छा से उसने यीशु से कहा, "तो मेरा पड़ोसी कौन है?"
इस पर यीशु ने कहा :"एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था कि डाकुओं ने उसे घेर लिया, और उसके वस्त्र छीनकर उसे मारा-पीटा और अधमरा छोड़कर चले गए। संयोग से एक याजक उसी मार्ग से जा रहा था, परंतु जब उसने उसे देखा तो कतराकर चला गया; इसी प्रकार एक लेवी भी उस स्थान पर आया और जब उसे देखा तो कतराकर चला गया। फिर एक सामरी यात्री उसके पास से निकला और जब उसे देखा तो उसने तरस खाया, और उसके पास गया और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियाँ बाँधीं, तथा उसे अपनी सवारी पर चढ़ाकर एक सराय में ले गया और उसकी देखभाल की। अगले दिन उसने दो दीनार निकालकर सराय के मालिक को दिए और कहा, ‘इसकी देखभाल करना, और इससे अधिक जो भी तेरा लगेगा, मैं अपने लौटने पर तुझे चुका दूँगा।’ अब तेरे विचार से इन तीनों में से उस व्यक्ति का, जो डाकुओं के हाथ पड़ गया था, पड़ोसी कौन हुआ?" उसने कहा, "वही, जिसने उस पर दया की।" यीशु ने उससे कहा,"जा और तू भी ऐसा ही कर।"
Essa parábola nos ensina sobre o amor ao próximo, independentemente de raça ou religião. O samaritano ajudou um desconhecido, mostrando que a verdadeira fé se revela no amor ao próximo.
3. A Ovelha Perdida (Lucas 15:4-7)
"तुममें से ऐसा कौन मनुष्य है जिसके पास सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक खो जाए, और वह उन निन्यानवे को जंगल में छोड़कर, जब तक वह खोई हुई मिल न जाए, ढूँढ़ता न फिरे? और जब वह मिल जाती है, तो वह आनंद से उसे अपने कंधों पर उठा लेता है, और घर पहुँचकर अपने मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठा करता है और उनसे कहता है, ‘मेरे साथ आनंद मनाओ, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मुझे मिल गई है।’ मैं तुमसे कहता हूँ कि इसी प्रकार पश्चात्ताप करनेवाले एक पापी के लिए स्वर्ग में इतना बड़ा आनंद होगा, जितना उन निन्यानवे धर्मियों के लिए नहीं, जिन्हें पश्चात्ताप की आवश्यकता नहीं है।
Deus é como o pastor que busca incessantemente uma ovelha perdida. Essa parábola revela o amor incansável de Deus pelos pecadores, celebrando a alegria no céu quando alguém se arrepende.
4. O Filho Pródigo (Lucas 15:11-32)
खोए हुए पुत्र का दृष्टांत
फिर यीशु ने कहा :"किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। उनमें से छोटे ने पिता से कहा, ‘हे पिता, संपत्ति में से जो मेरा भाग है, वह मुझे दे दे।’ अतः उसने उनमें संपत्ति बाँट दी। अभी बहुत दिन नहीं बीते थे कि छोटा पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके दूर देश को चला गया, और वहाँ उसने भोग-विलास का जीवन बिताकर अपनी संपत्ति उड़ा दी। जब वह अपना सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में भयंकर अकाल पड़ा, और उसके पास कुछ नहीं था। तब वह उस देश के एक निवासी के पास जाकर काम में लग गया, और उस व्यक्ति ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने भेज दिया; और जिन फलियों को सूअर खाते थे, उनसे वह अपना पेट भरने के लिए तरसता था, और कोई उसे कुछ नहीं देता था। परंतु जब वह अपने आपे में आया तो कहने लगा, ‘मेरे पिता के कितने मज़दूरों को भरपेट भोजन मिलता है, और मैं यहाँ भूखा मर रहा हूँ। मैं उठकर अपने पिता के पास जाऊँगा, और उससे कहूँगा, हे पिता, मैंने स्वर्ग के विरुद्ध और तेरी दृष्टि में पाप किया है, अब मैं तेरा पुत्र कहलाने के योग्य नहीं रहा; तू मुझे अपने एक मज़दूर के समान रख ले।’
"तब वह उठकर अपने पिता के पास जाने को चल पड़ा। अभी वह दूर ही था कि उसके पिता ने उसे देखा और उस पर तरस खाया तथा दौड़कर उसे गले लगा लिया और उसको बहुत चूमा। पुत्र ने उससे कहा, ‘हे पिता, मैंने स्वर्ग के विरुद्ध और तेरी दृष्टि में पाप किया है, अब मैं तेरा पुत्र कहलाने के योग्य नहीं रहा।’ परंतु पिता ने अपने दासों से कहा, ‘शीघ्र सब से अच्छा वस्त्र निकाल लाओ और उसे पहनाओ, तथा उसके हाथ में अँगूठी और पैरों में जूते पहनाओ, और मोटा बछड़ा लाकर काटो कि हम खाकर आनंद मनाएँ, क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, परंतु फिर से जीवित हो गया है; खो गया था, अब मिल गया है।’ और वे आनंद मनाने लगे।
"उसका बड़ा पुत्र खेत में था; और लौटते हुए जब वह घर के निकट पहुँचा, तो उसने गाने-बजाने और नाचने की आवाज़ सुनी, तब वह एक सेवक को बुलाकर पूछने लगा कि यह क्या हो रहा है। उसने उससे कहा, ‘तेरा भाई आया है, और तेरे पिता ने मोटा बछड़ा कटवाया है, क्योंकि उसने उसे सकुशल पाया है।’ परंतु वह क्रोध से भर गया और भीतर जाना न चाहा। तब उसका पिता बाहर आकर उसे मनाने लगा। इस पर उसने अपने पिता से कहा, ‘देख, मैं इतने वर्षों से दास के समान तेरी सेवा कर रहा हूँ और मैंने कभी भी तेरी आज्ञा नहीं टाली, फिर भी तूने मुझे कभी बकरी का एक बच्चा भी नहीं दिया कि मैं अपने मित्रों के साथ आनंद मनाता; परंतु जब तेरा यह पुत्र आया जिसने तेरी संपत्ति वेश्याओं पर उड़ा दी, तो तूने उसके लिए मोटा बछड़ा कटवाया।’ पिता ने उससे कहा, ‘पुत्र, तू तो सदा मेरे साथ है, और मेरा सब कुछ तेरा ही है; परंतु अब हमें मगन और आनंदित होना चाहिए, क्योंकि तेरा यह भाई मर गया था परंतु जीवित हो गया है, और खो गया था अब मिल गया है।’ "
A parábola do filho pródigo fala sobre o perdão e o amor incondicional de Deus por Seus filhos, mesmo quando se desviam.
5. A Pérola de Grande Valor (Mateus 13:45-46)
"फिर स्वर्ग का राज्य एक मनुष्य के समान है जो अच्छे मोतियों को खोजनेवाला एक व्यापारी है। जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला, तो उसने जाकर अपना सब कुछ बेच दिया और उसे खरीद लिया।
Jesus ensina que o Reino de Deus é o bem mais precioso e devemos estar dispostos a renunciar tudo para possuí-lo.
6. O Fariseu e o Publicano (Lucas 18:9-14)
फरीसी और कर वसूलनेवाले का दृष्टांत
तब यीशु ने उनसे भी, जो अपने आपको धर्मी मानते थे और दूसरों को तुच्छ समझते थे, यह दृष्टांत कहा : "दो मनुष्य मंदिर में प्रार्थना करने के लिए गए, एक फरीसी था और दूसरा कर वसूलनेवाला। वह फरीसी खड़ा होकर अपने मन में इस प्रकार प्रार्थना करने लगा, ‘हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ कि मैं अन्य मनुष्यों के समान लुटेरा, अधर्मी और व्यभिचारी नहीं हूँ, और न ही इस कर वसूलनेवाले के समान हूँ। मैं सप्ताह में दो बार उपवास करता हूँ, और जितना मुझे मिलता है उन सब का दशमांश देता हूँ।’
"परंतु कर वसूलनेवाले ने दूर खड़े होकर अपनी आँखें स्वर्ग की ओर उठाना भी नहीं चाहा, बल्कि अपनी छाती पीट-पीटकर कहने लगा, ‘हे परमेश्वर, मुझ पापी पर दया कर।’ मैं तुमसे कहता हूँ, यही मनुष्य धर्मी ठहराया जाकर अपने घर गया, न कि वह दूसरा मनुष्य; क्योंकि प्रत्येक जो अपने आपको ऊँचा उठाता है वह नीचा किया जाएगा, परंतु जो अपने आपको दीन करता है वह ऊँचा उठाया जाएगा।"
Essa parábola nos lembra que Deus valoriza um coração humilde e arrependido, em contraste com a arrogância espiritual. O publicano, ao reconhecer seus pecados, foi justificado diante de Deus.
7. Os Talentos (Mateus 25:14-30)
तोड़ों का दृष्टांत
"फिर, यह यात्रा पर जानेवाले उस मनुष्य के समान है जिसने अपने दासों को बुलाकर अपनी संपत्ति उन्हें सौंप दी, और उसने एक को पाँच तोड़े, दूसरे को दो और तीसरे को एक, अर्थात् प्रत्येक को उसकी क्षमता के अनुसार दिया और यात्रा पर चला गया। जिसे पाँच तोड़े मिले थे उसने तुरंत जाकर उनसे व्यापार किया तथा पाँच तोड़े और कमाए; इसी प्रकार जिसे दो मिले थे उसने भी दो और कमाए। परंतु जिसे एक मिला था उसने जाकर मिट्टी खोदी और अपने स्वामी का धन वहाँ छिपा दिया।
"बहुत समय के बाद उन दासों का स्वामी आया और उनसे लेखा लेने लगा। जिसे पाँच तोड़े मिले थे वह पाँच तोड़े और लेकर उसके पास आया और कहने लगा, ‘स्वामी, तूने मुझे पाँच तोड़े सौंपे थे; देख, मैंने पाँच तोड़े और कमाए।’ उसके स्वामी ने उससे कहा, ‘शाबाश, भले और विश्वासयोग्य दास! तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्तुओं पर अधिकारी ठहराऊँगा। अपने स्वामी के आनंद में सहभागी हो।’ जिसे दो तोड़े मिले थे, उसने भी आकर कहा, ‘स्वामी, तूने मुझे दो तोड़े सौंपे थे; देख, मैंने दो तोड़े और कमाए।’ उसके स्वामी ने उससे कहा, ‘शाबाश, भले और विश्वासयोग्य दास! तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्तुओं पर अधिकारी ठहराऊँगा। अपने स्वामी के आनंद में सहभागी हो।’ जिसे एक तोड़ा मिला था उसने भी आकर कहा, ‘स्वामी, मैं तुझे जानता था कि तू कठोर मनुष्य है; तू जहाँ नहीं बोता वहाँ से काटता है और जहाँ नहीं बिखेरता वहाँ से बटोरता है। इसलिए मैं डर गया और जाकर तेरा तोड़ा मिट्टी में छिपा दिया। देख, जो तेरा है, वह यह रहा।’ इस पर उसके स्वामी ने उससे कहा, ‘दुष्ट और आलसी दास! तो क्या तू जानता था कि जहाँ मैं नहीं बोता वहाँ से काटता हूँ और जहाँ मैं नहीं बिखेरता वहाँ से बटोरता हूँ? फिर तो तुझे मेरा धन साहूकारों के पास जमा करना चाहिए था, और मैं आकर अपना धन ब्याज समेत ले लेता। इसलिए वह तोड़ा भी इससे ले लो और जिसके पास दस तोड़े हैं, उसे दे दो; क्योंकि जिसके पास है उसे और दिया जाएगा और उसके पास बहुत हो जाएगा; परंतु जिसके पास नहीं है उससे वह भी जो उसके पास है, ले लिया जाएगा। इस निकम्मे दास को बाहर अंधकार में फेंक दो, जहाँ रोना और दाँतों का पीसना होगा।’
Nesta história, Jesus ensina sobre a responsabilidade de usar bem os dons e recursos que Deus nos confiou. A fidelidade nas pequenas coisas abre portas para bênçãos maiores.
8. O Rico e Lázaro (Lucas 16:19-31)
धनी मनुष्य और कंगाल लाज़र
"अब एक धनी मनुष्य था। वह बैंजनी वस्त्र और मलमल पहना करता था और प्रतिदिन विलासिता में पड़ा आनंद मनाता रहता था। उसके फाटक पर लाज़र नामक एक कंगाल को छोड़ दिया जाता था, जो घावों से भरा हुआ था, और धनवान की मेज़ से जो टुकड़ेगिरते थे, उनसे वह अपना पेट भरने के लिए तरसता था; ऊपर से कुत्ते भी आ आकर उसके घावों को चाटा करते थे। और ऐसा हुआ कि वह कंगाल मर गया और उसे स्वर्गदूतों द्वारा अब्राहम की गोद में पहुँचाया गया। फिर वह धनवान भी मरा और गाड़ा गया। अधोलोक में उसने पीड़ा में पड़े हुए जब अपनी आँखें उठाईं तो दूर से अब्राहम और उसकी गोद में लाज़र को देखा। तब उसने पुकारकर कहा, ‘हे पिता अब्राहम, मुझ पर दया कर और लाज़र को भेज कि वह अपनी उँगली का सिरा पानी में डुबोए और मेरी जीभ को ठंडा करे, क्योंकि मैं इस ज्वाला में तड़प रहा हूँ।’ परंतु अब्राहम ने कहा, ‘हे पुत्र, स्मरण कर कि तूने अपने जीवन में अच्छी वस्तुएँ पा लीं, और इसी प्रकार लाज़र ने बुरी वस्तुएँ; और अब वह यहाँ सांत्वना पा रहा है और तू तड़प रहा है। इन सब बातों को छोड़ हमारे और तुम्हारे बीच बहुत गहरी खाई निर्धारित की गई है, कि जो यहाँ से उस पार तुम्हारे पास जाना चाहें, वे न जा सकें, और न ही कोई वहाँ से पार होकर हमारे पास आ सके।’ उस धनवान ने कहा, ‘हे पिता! तब मैं तुझसे विनती करता हूँ, कि तू उसे मेरे पिता के घर भेज दे, क्योंकि मेरे पाँच भाई हैं; वह उन्हें चेतावनी दे, कहीं ऐसा न हो कि वे भी इस पीड़ा के स्थान में आएँ।’ परंतु अब्राहम ने कहा, ‘उनके पास मूसा और भविष्यवक्ताओं के लेख हैं, वे उनकी सुनें।’ उसने कहा, ‘नहीं, हे पिता अब्राहम, परंतु यदि मृतकों में से कोई उनके पास जाए तो वे पश्चात्ताप करेंगे।’ परंतु उसने उससे कहा, ‘यदि वे मूसा और भविष्यवक्ताओं की नहीं सुनते, तो मृतकों में से कोई जी भी उठे फिर भी वे उसकी नहीं मानेंगे।’ "
A parábola alerta sobre as consequências de negligenciar os necessitados e viver para si mesmo. Também destaca a realidade do julgamento e da vida após a morte.
9. O Joio e o Trigo (Mateus 13:24-30)
जंगली बीज का दृष्टांत
उसने उन्हें एक और दृष्टांत दिया :"स्वर्ग का राज्य उस मनुष्य के समान है जिसने अपने खेत में अच्छा बीज बोया। परंतु जब लोग सो रहे थे, तो उसका शत्रु आया और गेहूँ के बीच जंगली बीज बोकर चला गया। जब पौधा अंकुरित हुआ और बालें लगीं, तो जंगली पौधे भी दिखाई दिए। इस पर घर के स्वामी के दासों ने पास आकर उससे कहा, ‘स्वामी, क्या तूने अपने खेत में अच्छा बीज नहीं बोया था? फिर ये जंगली पौधे कहाँ से आए?’ उसने उनसे कहा, ‘यह किसी शत्रु ने किया है।’ तब दासों ने उससे पूछा, ‘तो क्या तू चाहता है कि हम जाकर उन्हें बटोर लें?’ परंतु उसने कहा, ‘नहीं, कहीं ऐसा न हो कि जंगली पौधे बटोरते हुए तुम उनके साथ गेहूँ भी उखाड़ लो। कटनी तक दोनों को एक साथ बढ़ने दो; और कटनी के समय मैं काटनेवालों से कहूँगा कि तुम जंगली पौधों को पहले बटोरकर उन्हें जलाने के लिए गट्ठों में बाँध लो, परंतु गेहूँ को मेरे खत्ते में इकट्ठा करो।’ "
Essa história simboliza o bem e o mal coexistindo no mundo até o julgamento final, quando Deus fará a separação entre os justos e os ímpios.
10. As Dez Virgens (Mateus 25:1-13)
दस कुँवारियों का दृष्टांत
"स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों के समान होगा जो अपनी-अपनी मशालें लेकर दूल्हे से मिलने के लिए निकलीं। उनमें पाँच मूर्ख और पाँच बुद्धिमान थीं। मूर्खों ने अपनी मशालों को तो लिया पर अपने साथ तेल नहीं लिया; परंतु बुद्धिमानों ने अपनी मशालों के साथ कुप्पियों में तेल भी लिया। जब दूल्हे के आने में देर हो रही थी, तो वे सब ऊँघने लगीं और सो गईं। आधी रात को पुकार हुई, ‘देखो दूल्हा आ रहा है, उससे मिलने चलो।’ तब उन सब कुँवारियों ने उठकर अपनी-अपनी मशालें तैयार कीं। तब मूर्खों ने बुद्धिमानों से कहा, ‘अपने तेल में से कुछ हमें भी दे दो, क्योंकि हमारी मशालें बुझ रही हैं।’ इस पर बुद्धिमानों ने कहा, ‘नहीं, यह हमारे और तुम्हारे लिए पर्याप्त नहीं होगा; अच्छा होगा कि तुम बेचनेवालों के पास जाकर अपने लिए खरीद लो।’ जब वे खरीदने जा रही थीं कि दूल्हा आ पहुँचा, और जो कुँवारियाँ तैयार थीं, वे उसके साथ विवाह के घर में चली गईं और द्वार बंद कर दिया गया। इसके बाद वे अन्य कुँवारियाँ भी आईं और कहने लगीं, ‘हे स्वामी, हे स्वामी! हमारे लिए द्वार खोल दे।’ इस पर उसने कहा, ‘मैं तुमसे सच कहता हूँ, मैं तुम्हें नहीं जानता।’ इसलिए जागते रहो, क्योंकि तुम न तो उस दिन को और न ही उस घड़ी को जानते हो।
Jesus enfatiza a necessidade de estarmos sempre preparados espiritualmente para Sua segunda vinda, pois ninguém sabe o momento exato.
As parábolas de Jesus continuam sendo fontes ricas de sabedoria e direção para a vida cristã. Ao aplicarmos esses ensinamentos, nos aproximamos mais de Deus e de Sua vontade.
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