Páscoa
A Páscoa é a celebração suprema da redenção. Do cordeiro pascal no Egito ao Cordeiro de Deus que tira o pecado do mundo, ela aponta para o sacrifício e a vitória de Cristo.
A caminhada para a cruz
Jesus entrou em Jerusalém como Rei humilde, e a multidão o aclamou. Ele sabia do sofrimento que viria, mas caminhou em obediência até o fim.
भड क मनखमन यस क आघ-आघ अऊ पछ-पछ घल चलत रहय अऊ ओमन चचय-चचयक कहत रहय,
"दऊद क सतन क हसन!"
"धइन ए ओ, जऊन ह परभ क नव म आथ!"
"सबल ऊच सवरग म हसन!"
ह यहव, हमन ल बच!
ह यहव, हमन ल सफलत द!
धइन ए ओ, जऊन ह यहव क नव म आथ।
यहव क घर ल हमन तल आसस दथन।
ह बट सयन, बहत आनद मन!
ह बट यरसलम, जय-जयकर कर!
दखव, तमहर रज ह तमहर कर आवत ह,
ओह धरम अऊ बजय हक,
बनमर अऊ एक गदह ऊपर,
एक बछड ऊपर, गदह क एक बछड ऊपर सवर कर हवय।
"दखव, हमन यरसलम जवत हन अऊ उह मनख क बट ल पकडक मखय परहतमन अऊ कनन क गरमन क हथ म सऊप जह, अऊ ओमन ओल मर डर क सज दह, अऊ ओल आनजतमन क हथ म सऊप दह, जऊन मन ओकर हस उडह, ओल करर म मरह अऊ करस ऊपर चघह। पर तसर दन ओह ज उठह।"
A paixão de Cristo
Jesus foi zombado, açoitado e crucificado. Ele orou no Getsêmani e entregou sua vida voluntariamente, dizendo: 'Está consumado!'
ओमन यस क कपड ल उतरन अऊ ओल सनदर लल रग क चग पहरईन, अऊ तब कट क एक मकट गथक ओकर मड ऊपर रखन, अऊ ओकर जवन हथ म एक ठन लउठ धर दन अऊ ओकर आघ म मड टकन अऊ य कहक ओकर हस उडईन, "ह यहदमन क रज, तल जहर।"
अऊ ओकर मड ऊपर ओकर दस-पतर टग दन, जऊन म य लखय रहय—
यह यहदमन क रज यस अय।
ओह कहस, "अबब, ह दद! तर दवर जमम बत ह सकथ। य दख क कटर ल मर म ल टर द। तभ ल जइसन मह चहत हवव वइसन नइ, पर जइसन तह चहत हवस, वइसन हवय।"
यस ह जर स चचयक कहस, "ह दद, तर हथ म मह अपन आतम ल सऊपत हवव।" अऊ य कहक ओह अपन परन ल तयग दस।
जब यस ह ओ सरक ल ल लस, त कहस, "पर हईस।" अऊ ओह मड ल नवक अपन परन तयग दस।
A ressurreição gloriosa
Ele não está aqui — ressuscitou! O túmulo vazio é a prova de que a morte foi derrotada e Cristo vive para sempre.
सवरगदत ह मईलगनमन ल कहस, "झन डरव, कबरक मह जनत हव क तमन यस ल खजत हव, जऊन ल करस ऊपर चघय ग रहस। ओह इह नइ ए; ओह ज उठ हवय, जइसन ओह कह रहस। आवव अऊ ओ ठऊर ल दखव, जह ओल रख ग रहस।
ओ जवन ह ओमन ल कहस, "तमन चकत झन हवव। यस नसर जऊन ल करस ऊपर चघय ग रहस, ओल तमन खजत हवव। ओह ज उठ हवय, अऊ इह नइ ए। दखव, एह ओ ठऊर ए, जह ओमन ओल रख रहन।
ओह इह नइ ए। ओह ज उठ हवय। सरत करव, जब ओह तमहर सग गलल परदस म रहस, त तमन ल क कह रहस: ‘मनख क बट ह पप मनखमन क हथ म सऊप जह अऊ ओह करस ऊपर चघय जह, पर तसर दन ओह फर ज उठह।’"
तब ओ आन चल घल जऊन ह कबर कर पहल हबर रहस, भतर गस अऊ दखक बसवस करस। ओमन अभ तक ल परमसर क बचन ल नइ समझ रहन क यस ह मर म ल जरर ज उठह।