Pular para o conteúdo
Publicidade

Pensamentos

Por Bíblia Online

A Bíblia ensina que somos fruto dos nossos pensamentos. Por isso, Deus nos chama a renovar a mente, pensar em coisas nobres e guardar o coração com toda diligência.

Pensar no que é bom

Paulo nos exorta a pensar no que é verdadeiro, honesto, justo, puro, amável e de boa fama. A mente renovada é o caminho da transformação.

इन ों पर लग

इसलि, इयों, ो-ें सतैं, और ो-ें आदरणैं, और ो-ें उचिैं, और ो-ें पविैं, और ो-ें वनैं, और ो-ें मनभवनैं, अर्, सदऔर रशें ैं, उनीं पर लगकरो।

और इस सदबन; परनि नयल-चलन बदलत, िससपरमवर भली, और वती, और िइचअनभव करतरहो।

पविवन हट

इस रण अपनी-अपनि कमर ाँधकर, और सचरहकर उस अनरह आशरखो, मसरगट समय ें िलनै।

अब ऐसमरै, ि हमिनतऔर समझ कहीं अधिकर सकतै, उस मरअनहम ें करतै, कलिें, और मसें, उसकमहि़ी ़ी तक रहे। आम

Guardar a mente

A Palavra de Deus discerne os pensamentos e intenções do coração. Guardar a mente é proteger a alma das armadilhas do pecado.

ोंि परमवर वचन ि, रबल, और हर एक तलवबहै, , आतो, ाँठ-गाँ, और े-अलग करके, आर-पदतै; और मन वनऔर िों ाँचतै। (ि. 23:29, यशा. 55:11)

सबसअधिअपनमन रककर;

ोंि वन वहै।

अपनाँरखनिसमतल कर,

तब सब रहेंे। (इबा. 12:13)

ऐसऐसै: वनशै, अपनकरना, अपनइचअना।, मनपडै,

परनउसकअनें िलतै।

मनचलन अपनि ें ै,

परनयहमन ाँचतै,

Os caminhos de Deus são mais altos

Os pensamentos de Deus são infinitamente superiores aos nossos. Devemos entregar nossos pensamentos a Ele e confiar em sua sabedoria.

ोंि यहकहतै, िऔर िएक समनहीं ै, गति और गति एक ै। (. 11:33)

अपनचलन और अनरथकअपनच-विकर यहओर िे, वह उस पर दयकरा, वह हमपरमवर ओर िऔर वह ि उसकषमकरा।

अपनों यहपर अपनों यहपर े: अरमनअपनअपनउठकर अधिबलवपर उससअधिै।,

इससकलपनिोंी।

परमवर, ाँचकर े!

परखकर िे!

और ि ें ि नहीं,

और अननें अगआई कर!

परमवर ि

यहा, ाँचकर िै। (. 8:27)

उठनऔर ठननतै;

और िों समझ ै।

Pensamento e conduta

Do coração procedem os males. A Bíblia nos adverte a não se preocupar excessivamente e a ter pensamentos sóbrios e disciplinados.

िउसनकहा, "मनें िकलतै, वहमनअशकरतै। ोंि तर े, अरमनमन े, े-ि, यभि, ी, हता, परसगमन, , टता, छल, चपन, ि, िा, अभि, और खतिकलतैं। सब ें तर िकलतैं और मनअशकरतैं।"

इसलिैं कहतूँ, ि अपनियह िकरनि हम े, और े, और अपनशरिि पहनेंे, जन े, और शरवसबढकर नहीं?

थनकरतसमय अनयजिों समबक-बक करो; ोंि समझतैं ि उनकलनउनकएगी।

िों और फरिों मत बन

इतनें जब हजों लग गई, यहाँ तक ि एक सरपर िपडे, वह सबसपहलअपनों कहनलगा, "फरिों कपटरवधरहना। नहीं, एगा; और िै, एगा। इसलिें कहै, वह उजें एगा; और तर कमरों ें ों कहै, वह छतों पर रचिएगा।

उसडर

"परनैं िकहतूँ, ि शरसकतैं और उससऔर नहीं कर सकते, उनसमत डरो। ैं ें वनूँ ि ें िडरनि, रनिसकनरक ें लनअधिै, उसडरो; वरनैं कहतूँ उसडरो। ाँाँ नहीं िकती? िपरमवर उनमें एक नहीं लता। वरनिसब िैं, अतडरनहीं, बहों बढकर ो।

इनकरनमतलब

"ैं कहतूँ मनों मनउसमनपरमवर वरगदों मना। परनमनों मनइनकरउसकपरमवर वरगदों मनइनिएगा।

"मनिें कहे, उसकवह अपरषमिएगा। परनपविआतिकरें, उसकअपरषमनहीं िएगा।

"जब ें आरधनलयों और अधिपतिों और अधििों मनँ, िकरनि हम िि उततर ें, कहें। ोंि पविआतउसघड़ी ें ा, ि कहनि"

एक धनवयकि

िें एक उससकहा, "ु, कह, ि िसमपति ाँ" उसनउससकहा, "मन, िसनाँटनििै?" (ि. 2:14) और उसनउनसकहा, "वधरहो, और हर रकअपनआपकबचरखो; ोंि िवन उसकसमपति बहयत नहीं ा।"

उसनउनसएक कहा, "िधनवि ें बड़ी उपज तब वह अपनमन ें िकरनलगा, ि ैं करूँ, ोंि यहाँ जगह नहीं, जहाँ अपनउपज इति रखूँ। और उसनकहा, ैं यह करूँा: ैं अपनबखिाँ कर उनसबड़ी बना; और वहाँ अपनसब अनऔर समपति रखूँा; और अपनकहूँा, ि , बहवरों िबहसमपति रखै; कर, ा, ी, रह परनपरमवर उससकहा, ! इसिएगा; तब इकटिै, वह िसका?’ ऐसवह मनअपनिधन बटरतै, परनपरमवर ि ें धननहीं।"

ििकर

िउसनअपनों कहा, "इसलिैं कहतूँ, अपनवन िकरो, ि हम े; अपनशरी, ि पहनेंे। ोंि जन , और वसशरबढकर ै। ों पर ो; ैं, टते; उनकभणऔर खतै; िपरमवर उनें िै। पकिों कहीं अधि (भज. 147:9) ें ऐसै, िकरनअपनवनकें एक घड़ी बढ़ा सकतै? इसलियदि सबसनहीं कर सकते, और ों िों िकरतो? सनों पर करो, ि बढैं; परिरम करते, टतैं; िैं कहतूँ, ि अपनभव ें, उनमें िएक समवसपहना। इसलियदि परमवर आज ै, और कल भटें ोंएगी, ऐसपहनै; अलपवििों, वह ें अधिों पहनएगा? और इस ें रहो, ि और े, और सनकरो। ोंि िाँ इन सब वसें रहतैं और िनतै, ि ें इन वसआवशयकतै। परनउसकें रहो, वसें िी।

धन कहाँ इकटकरना?

", मत डर; ोंि ियह ै, ि ें े। अपनसमपति चकर कर ो; और अपनिऐसबटबन, नहीं े, अरवरपर ऐसधन इकटकरघटतनहीं, िसकिकट नहीं ा, और ़ा नहीं करता। ोंि जहाँ धन ै, वहाँ मन लगरहा।

सदरह

"कमर रहें, और जलतरहें। (ि. 12:11, 2 ा. 4:29, इफि. 6:14, मत5:16) और उन मनों समबनो, अपनरतकर रहों, ि वह िकब ा; ि जब वह आकर खटखटरनउसकिें। धनैं , िें आकर गत; ैं सच कहतूँ, ि वह कमर ाँधकर उनें जन करनएगा, और आकर उनककरा। यदि वह सरपहर सरपहर ें आकर उनें गत, धनैं। परनयह रखो, ि यदि घर नता, ि िघड़ी आएगा, गतरहता, और अपनघर ें ेंलगना। रहो; ोंि िघड़ी चतनहीं, उस घड़ी मनएगा।"

िसयवक ?

तब पतरस कहा, "रभु, यह हम सबसकहतै।" रभकहा, "वह िसयऔर िभणै, िसकउसकर-चकरों पर सरदठहरि उनें समय पर जन मगे। धनवह , िउसकआकर ऐसकरत ैं सच कहतूँ; वह उसअपनसब समपति पर अधिठहरएगा। परनयदि वह चनलगे, ि आनें कर रहै, और ों और िों रने-टनऔर े-और ियककडलगे। उस ऐसि, जब वह उसकरतकर रहो, और ऐसघड़ी िवह नतो, आएगऔर उसकर उसकिसघठहरएगा। और वह अपनइचनतवह अपनइचनता: वह परमवर आजऔर आवशयकतनति ैं, दरिकरत, और रहऔर उसकइचअनचला, बहएगा। परननहीं नकर करवह ़ी एगा, इसलििबहिगयै, उससबहाँएगा; और िबहौंगयै, उससबहिएगा।

ि नहीं

"ैं पर आगआग: आग, परिमतयहाँ पर कलह और ि, और आपदरतै। लगआयूँ; और हतूँ वल यह ि अभलग ी! एक बपतिै; और जब तक वह तब तक ैं यथें रहूँा! समझति ैं पर िकरआयूँ? ैं कहतूँ; नहीं, वरनअलग करआयूँ। ोंि अब एक घर ें ाँजन आपस ें िरखेंे, े। िे, और ििरखा; ाँ े, और ाँ े, बहे, और बहिरखी।" (7:6)

समय पहच

और उसनकहा, "जब दल पशिउठतखतो, रनकहतो, ि वरी; और ऐसै। और जब दकिहवचलतखतकहतो, ि चली, और ऐसै। कपटिों, धरतऔर आकें कर सकतो, परनइस िषय ें ों करननहीं नते?

अपनसमसलझ

"आप िणय ों नहीं कर े, ि उचिै? जब अपनदई रहै, ें उससटनयतकर ऐसो, ि वह ीं, और िौंऔर िबनें े। ैं कहतूँ, ि जब तक ई-पतब तक वहाँ टनएगा।"

"ैंअपनों िषय ाँै,

िैं िुँपर ों ें लगँ?

आतिवरदों परमवर

ोंि ैं उस अनरह रण िै, ें हर एक कहतूँ, ि समझनि, उससबढकर अपनआपकसमझे; पर परमवर हर एक परिअनाँिै, ि अपनसमझे।

िकलिें िजन

इयों, ैं मसहमरभउसकिनतकरतूँ, ि सब एक कहऔर ें ो, परनएक मन और एक मत कर िरहो।

मनों ें िमनें नतै, वल मनआतउसमें ै? परमवर ें नहीं नता, वल परमवर आता। (ि. 20:27)

ांिबच

अपनआपके। यदि ें इस ें अपनआपकसमझे, बनि

Seja o primeiro