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Pensamentos

Por Bíblia Online

A Bíblia ensina que somos fruto dos nossos pensamentos. Por isso, Deus nos chama a renovar a mente, pensar em coisas nobres e guardar o coração com toda diligência.

Pensar no que é bom

Paulo nos exorta a pensar no que é verdadeiro, honesto, justo, puro, amável e de boa fama. A mente renovada é o caminho da transformação.

आखि, ईमन ो, जऊन सच , जऊन आदर लईक , जऊन सह, जऊन िरमल , जऊन मय, जऊन मन े—यदि उततम परसलईक , अइसनचव

मन मनखमन सहीं झन बनव, पर मन मन नवां रन, हर लचलन घलबदल वयतब मन परमसर ईछपरखकसकहजऊन बने, मनभवन अऊ िअय

पबितर बनव

एकरसि, अपन मन करबर िकरव; यमबनव; अनरह ऊपर अपन आसरखव, जऊन मन मसपरगट समय िी।

अब , जऊन अइसनमरअय ि हमन जतकांगथन चथन, ओकर घलबहुंकर सकथे, अऊ ओकर मरिे, जऊन हमन करथे। ओकर महिा, कलिअऊ मस़ी दर ़ी, ग-जवत रहयआम

Guardar a mente

A Palavra de Deus discerne os pensamentos e intenções do coração. Guardar a mente é proteger a alma das armadilhas do pecado.

परमसर बचन यत अऊ करत हवयरवतलवघलहवयअऊ आतमा, अऊ मन अलग-अलग करकआर-पदथे। मनखमन िअऊ ईछांचथे।

सबलअपन मन रखवकर,

बरकि हर मन िकलकआथे।

अपन ांधरबर डहसमतल कर,

अऊ अपन जमरसतअटल बनरह

एक डहहवय, जऊन मनखसहपडे,

पर आखििरतकरे।

मनखचथि ओकर लचलन सहअय,

पर यहमनखमन ांचथे।

Os caminhos de Deus são mais altos

Os pensamentos de Deus são infinitamente superiores aos nossos. Devemos entregar nossos pensamentos a Ele e confiar em sua sabedoria.

"बरकि िअऊ हर िएक सहीं ,

हर अऊ एक सहीं ,"

यहसनकरत े।

अपन लचलन

अऊ अधरमअपन च-बिों

ओमन यहि ि, अऊ ओह ओमन ऊपर दयकरही,

अऊ हमर परमसर ि ि, बरकि ओह िगर करही।

अपन जमयहसऊदव,

अऊ ओह हर जनिकरही।

परमसर, ांचकिरदय े;

परखकउतिरमन े।

ि कहूं खरनइ,

अऊ अनरसतअगवई कर

यहा, ेंांहस,

अऊ ेंनथस

ेंकब उठथअऊ कब बईठथ, ेंनथस,

ेंिरमन िसमझ थस

Pensamento e conduta

Do coração procedem os males. A Bíblia nos adverte a não se preocupar excessivamente e a ter pensamentos sóbrios e disciplinados.

ओह कहि, "जऊन मनखतर िकलथे, ओहओलअसकरथे। बरकि तर ि मनखिरदय खरििपन, ी, हतिा, ि, , टता, छल, उघरपन, जलन, िा, अहअऊ रपन िकलथे। जमखरिरदय तर िकलथअऊ मनखअसकरथे।"

िंझन करव

"एकरसि, ेंमन कहत ि मन अपन िनगिंझन करव ि मन ू, अऊ अपन ें िंकरव ि मन पहिरहू। िनगजन महतहय? अऊ ें ओनहबढहय?

अऊ जब मन परथनकरथव, आनजतमन सहीं मतलब तमन ी-झन हर, बरकि ओमन चथें ि ओमन बहुंरन, परमसर ओमन नही।

तउनअऊ उत

इहहजों मनखमन लग अऊ ओमन एक-दसर ऊपर िपडिि, पहिअपन मन कहकरि, "फरमन खमसचरहव, मतलब ि ओमन ोंपन सचरहवघलनइ, जऊन उघनइिनइ, जऊन बतनइी। एकरसि, जऊन मन िकहहवव, ओह िी, अऊ जऊन मन तर मनखमन कहहवय, ओलघर ऊपर आम बती।

"गवमन, ेंमन कहत ि ओमन झन डरव, जऊन मन ें करथें अऊ ओकर ओमन अऊ नइकर सकपर ेंमन बतवत ि मन कर डरनी। ओकर डरव, कर करमन नरक अधिहवयहव, ेंमन कहत , ओकरडरवांठन रइयिरई कते? पईसनइवयतभपरमसर ओमएकठन नइवयअऊ अऊ हर जमुंमन गनहवझन डरव; मन रइयिरईमन मत अव

"ेंमन कहत ि जऊन मनखमन आघकरथे, ओलमनखघलपरमसर वरगदतमन आघकरही। पर जऊन मनखमन आघइनककरथे, ओलमनखघलपरमसर वरगदतमन आघइनककरही। अऊ जऊन मनखिकहिे, ओलकरी, पर जऊन पबितर आतमििकरथे, ओलनइकरवय

"जब मनखमन मन यहमन सभा-घर, सन करइयअऊ अधिमन आघनथें, िंझन करव ि मन अपन बचकइसनकरहओमन आघकहिू, बरकि पबितर आतमओहमन िि मन कहनी।"

एक धनवमनखपटतर

एक मनखकहि, "ू, कह ि ओह पति टवकरय, जऊन हमर ददहमर बर ोंहवय"

ओलकहि, "मनखे, हर ियधहर पति टवकरइयठहिईस?" तब ओह ओमन कहि, "सचरहव! अपनआप जमिसम लच रखव; बरकि मनखिनगनइबनय ि ओकर करकतपति हवय"

तब ओमन पटतर कहि, "एक धनवमनखबहुंफसल ईसओह अपन मन ि, अब ेंकर? करफसल ़ोजगह नइ

"ओह कहि, ेंअइसनकरहूं—ेंअपन रमन रकओकर बड़े-बड़े बनूं, अऊ उहां ेंअपन जमअनअऊ सर ल-मतरखहूं।’ तब ें अपनआप कहिूं, करबहुंपति हवय, जऊन बहुंतक चलही। अपन िनगिंझन कर; ा, अऊ मना।’

"पर परमसर ओलकहि, मनखे! इहरथिपरिी; तब जमकर ी, जऊन ेंअपन बर रखहवस

"अइसनहर एक मनखी, जऊन अपन बर धन लथे, पर परमसर नजर धनवहय"

िंझन करव

तब अपन मन कहि, "एकरसि ेंमन कहत , अपन िनगिंझन करव ि मन ू, अपन ें िंझन करव ि मन पहिरहू। िनगजन महतअय, अऊ ें ओनहमहतरखथे। कऊआ िरईमन चव: ओमन अऊ ; ओमन कररघर हवय ; तभपरमसर ओमन खवे। मन िरईमन महतअवमन अइसनहवय, जऊन िंकरअपन िनगएकघरघलबढ़ा सकथे? जब मन बहुंनइकर सकव, मन आनबड़े जमन िंबर करथव?

"चव ि गललमन कइसनें; ओमन हनत करअऊ अपन बर ओनहिपर ेंमन बतवत , अऊ अऊ सहीं धनघलमन करसहीं घर कपड़ा नइपहिििजब परमसर इयां ांअइसनओनहपहिे, जऊन आज इहां हवय अऊ कल आगोंिी, अल्‍िसवमन, ओह मन अऊ बनओनहनइपहिी। अऊ एकर िझन रहव ि मन ू; एकर िंझन करवबरकि रती-करइयमन जमरहिें, अऊ हर ददपरमसर नथि मन जमन जररत हवयपरमसर रहव, जमन घलमन िी।

"ुं! झन डर, बरकि ददपरमसर हवयअपन पति अऊ गरबमन े। अपन बर अइसनबटबनवव, जऊन नइवय, वरग अपन धन जमकरव, जऊन कभनइघटय; कर लकठनइसकय अऊ जऊन घलनइकर सकयबरकि िां हर धन हवय, उहां हर मन घललगरहिी।

सचवक

"मन करबर हमिरहव अऊ अपन रखव; वकमन सहीं, जऊन मन अपन िएक िलहुंहत हव, ि जब ओह आवय अऊ कपखटखटवय, ओमन रतओकर बर कपसकवकमन बर ी, जब ओमन िलहुंटकआथे, ओमन गत े। ेंमन सच कहत ओह करबर वक कपड़ा पहिरही; ओह ओमन खवबर बईठअऊ आकओमन करही। वकमन बर बनी, यदि ओमन िरथिसर सरपहर आवय अऊ ओमन सचवयपर समझ वव: यदि घर ििि कतआही, ओह अपन घर ेंनइलगन िमन घलहमिरहव, बरकि मनखअइसनी, जब मन ओकर आय आसनइकरत ू।"

पतरस ि, "परभू, पटतर ेंहमर बर कहत हवस जमझन बर?"

परभजबकहि, "तब िसवसयअऊ िपरबधक , जऊन िअपन वकमन ऊपर िठहिे, ि ओह वकमन सहसमय ओमन भतवयवक बर ि जब ओकर िआथे, ओलअइसनकरत े। ेंमन सच कहत ि िवक अपन जमपति िी। पर यदि वक अपन मन कहय, िआय अबबडकरत हवयअऊ अइसनचकओह आनवक अऊ िमन रन-पटन लगय, अऊ वय-पयय अऊ मतववयतब वक िएक अइसनिी, जब ओह ओकर आय आसनइकरत अऊ ओकर आय घलनइनत ी। तब िओलकठसजअऊ ओलअबिसवमन रखही।

"वक जऊन अपन िईछनथे, पर िनइरहय जऊन ओकर िहथओलनइकरय, वक बहुंी। पर जऊन वक अपन िईछनइनत हवय, अऊ िगर ओह गलत करथे, ओह कम ी। जऊन बहुंिहवय, ओकर बहुंांी, अऊ जऊन बहुंसऊहवय, ओकर बहुंिी।

ांि नइपर दलब

"ेंधरतआगलगबर आय हव, अऊ ेंहत ि बनिि पहिआगलगिएक बतिसमहवय, अऊ जब तक ओह नइवय, ेंबहुंिहवमन चत हव ि ेंधरतांि बर आय हवनइं, ेंमन कहत ि ेंबर आय हवअब जब एक परिांझन ीं, ओमन पडी; झन झन िअऊ झन झन िरहिीं। ददअपन िी, अपन ददिअपन िी, अपन ि; अऊ अपन बहिी, बहअपन ि"

समय पहिकरई

मनखमन घलकहि, "जब मन पछििएक दर उठत खथव, रतमन कहिथव ि िवइयहवय;अऊ अइसने। अऊ जब दकििहवचलथे, मन कहिथव ि गरमबढइयहवय,अऊ अइसने। ोंमनखमन! धरतअऊ अकमन खकथव ि एकर मतलब े; तब मन समय मतलब बर नइनव?

"मन बर सलनइकर वव ि सह? यदि मनखहर ििकरय अऊ मन कचहरवय, मन भरसक िकरव ि ओकर डहमलिपटवय, नइओह मन ियधकरींचकी, अऊ ियधमन िअधिसऊी, अऊ िमन ी। ेंमन कहत ि जब तक मन ़ी-़ी नइू, तब तक उहां नइसकव"

"ेंअपन मन करकर

ि ेंजवईलगन लसनइ

परमसर िगय अनरह रन, ेंमन जमझन कहत : अपनआप जतसमझनी, ओकर झन समझव, पर परमसर िगय िसवतदिअपनआप समझव

कलि

ईमन ो, ेंमन हमर परभमसांिनतकरत ि मन जमझन एक-दसर सहमतरखव, ि हर झन पडअऊ मन एक मन अऊ एक िएकतरहय

मनखमन जऊन आनमनखमन नथे? ििमनखआतमओकरमन नथे। ओहिसम परमसर तमन नइनयििपरमसर आतमनथे।

अपनआप झन ववकहूं मन िअपनआप िसमझथे, ओलबन ि ओह सहिबन सकय

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