Perseguição
Jesus advertiu que seus seguidores seriam perseguidos pelo mundo. Mas a perseguição não é sinal de fracasso — é sinal de fidelidade. Bem-aventurados os que sofrem por causa da justiça.
Perseguição como marca do discípulo
Jesus disse: se o mundo vos odeia, sabei que antes de vós odiou a mim. Todo o que quer viver piedosamente será perseguido.
संसार से सताव
" यदि संसार तुम से बैर रखता हैयदि संसार तुम से बैर रखता है: संसार से मित्रता करने की वे उम्मीद नहीं रखते थे, लेकिन वे उनके नफरत के द्वारा अपने कामों से विचलित नहीं हो रहे थे। , तो तुम जानते हो, कि उसने तुम से पहले मुझसे भी बैर रखा।
पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएँगे।
"धन्य हैं वे, जो धार्मिकता के कारण सताए जाते हैं,
क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
"धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें और सताएँ और झूठ बोल बोलकर तुम्हारे विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
"धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्र के
कारण लोग तुम से बैर करेंगे,
और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्दा करेंगे,
और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे।
Recompensa na perseguição
Os perseguidos por causa de Cristo receberão grande galardão no céu. Quem perde por amor ao evangelho receberá cem vezes mais.
यीशु ने कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहनों या माता या पिता या बाल-बच्चों या खेतों को छोड़ दिया हो, और अब इस समयइस समय: इस जीवन में। समय के भीतर। सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहनों और माताओं और बाल-बच्चों और खेतों को, पर सताव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन।
कौन हमको मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?
इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूँ; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूँ, तभी बलवन्त होता हूँ।
Amor e confiança em meio à adversidade
A Bíblia nos ensina a amar nossos perseguidores, abençoar os que nos maldizem e confiar que nossos tempos estão nas mãos de Deus.
परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो। (रोम. 12:14)
अपने सतानेवालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो।
मेरे दिन तेरे हाथ में है;
तू मुझे मेरे शत्रुओं
और मेरे सतानेवालों के हाथ से छुड़ा।
चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ,
तो भी हानि से न डरूँगा,
क्योंकि तू मेरे साथ रहता है;
तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किसको फाड़ खाए।
और मैं भूमि पर गिर पड़ा: और यह वाणी सुनी, ‘हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?’