Planejamento
O planejamento é sábio, mas deve sempre se submeter à vontade de Deus. A Bíblia ensina que devemos planejar com prudência, mas confiar que Deus dirige nossos passos.
Planejar com sabedoria
Contar nossos dias nos ensina a ter coração sábio. O planejamento prudente é elogiado na Escritura como expressão de bom senso.
हमको अपने दिन गिनने की समझ देहमको अपने दिन गिनने की समझ दे: उसकी प्रार्थना है कि परमेश्वर हमें निर्देश दे कि हम अपने दिनों की उचित गणना करें। उनकी संख्या, उनके समाप्त होने की शीघ्रता को कि अन्त शीघ्र ही आनेवाला है और भावी दशा पर उनका क्या प्रभाव पड़ेगा। कि हम बुद्धिमान हो जाएँ।
"तुम में से कौन है कि गढ़ बनाना चाहता हो, और पहले बैठकर खर्च न जोड़े, कि पूरा करने की सामर्थ्य मेरे पास है कि नहीं?
बिना सम्मति की कल्पनाएँ निष्फल होती हैं,
परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मति से सफलता मिलती है।
अपने कामों को यहोवा पर डाल देअपने कामों को यहोवा पर डाल दे: अर्थात् मनुष्य अपना बोझ अपने कंधो से उठाकर अधिक बलवान पर डाल देता है जो उससे अधिक योग्य है।,
इससे तेरी कल्पनाएँ सिद्ध होंगी।
धनी होने के लिये परिश्रम न करना;
अपनी समझ का भरोसा छोड़ना। (1 तीमु. 6:9)
Deus dirige os passos
O coração do homem planeja, mas a resposta certa vem do Senhor. Seus caminhos são mais altos que os nossos, e seus planos prevalecem.
मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है,
परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएँ होती हैं,
परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। (रोम. 11:33)
क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
यह भी सेनाओं के यहोवा की ओर से नियुक्त हुआ है, वह अद्भुत युक्तिवाला और महाबुद्धिमान है।
Confiança no plano de Deus
Os planos do Senhor são de paz e esperança. Ele revela seus segredos aos seus servos e guia com fidelidade cada caminho confiado a Ele.
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा।
इसी प्रकार से प्रभु यहोवा अपने दास भविष्यद्वक्ताओं पर अपना मर्म बिना प्रगट किए कुछ भी न करेगा। (प्रका. 10:7, भज. 25:14, यूह. 15:15)
वह तेरे मन की इच्छा को पूरी करे,
और तेरी सारी युक्ति को सफल करे!
प्रातःकालप्रातःकाल: अर्थात् अति शीघ्र, अविलम्ब, प्रातःकाल की प्रथम किरण पर ही। इसे ऐसा कर दे कि वह दिन की सर्वप्रथम बात हो। को अपनी करुणा की बात मुझे सुना,
क्योंकि मैंने तुझी पर भरोसा रखा है।
जिस मार्ग पर मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे,
क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूँ।
हर बात का अपना समय
हर एक बातहर एक बात: मनुष्यों के काम और उनके साथ होनेवाली घटनाएँ। का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
परन्तु परमेश्वर ने उनको अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब बातें, वरन् परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जाँचता है।
उपद्रवी पुरुष के विषय में डाह न करना,
न उसकी सी चाल चलना;
क्योंकि यहोवा कुटिल मनुष्य से घृणा करता है,
परन्तु वह अपना भेद सीधे लोगों पर प्रगट करता है।