O poder da oração
A oração é o canal mais poderoso de comunicação com Deus. Através dela, milagres acontecem, montanhas são movidas e o impossível se torna possível.
Pedidos com fé
Jesus ensinou: pedi e recebereis. Tudo o que pedirmos em seu nome, crendo, Ele fará. A fé transforma a oração em poder.
"माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।
और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से माँगोगे वह सब तुम को मिलेगा।"
इसलिए मैं तुम से कहता हूँ, कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके माँगो तो विश्वास कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा।
और जो कुछ तुम मेरे नाम से माँगोगे, वही मैं करूँगा कि पुत्र के द्वारा पिता की महिमा हो। यदि तुम मुझसे मेरे नाम से कुछ माँगोगे, तो मैं उसे करूँगा।
Oração e milagres
A oração dos justos tem grande poder. Pedro orou e Dorcas ressuscitou. Jesus disse que certos demônios só se expulsam com jejum e oração.
तब पतरस ने सब को बाहर कर दिया, और घुटने टेककर प्रार्थना की; और शव की ओर देखकर कहा, "हे तबीता, उठ।" तब उसने अपनी आँखें खोल दी; और पतरस को देखकर उठ बैठी।
उसने उनसे कहा, "यह जाति बिना प्रार्थना किसी और उपाय से निकल नहीं सकती।"
यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मलकर उसके लिये प्रार्थना करें। और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उसको उठाकर खड़ा करेगा; यदि उसने पाप भी किए हों, तो परमेश्वर उसको क्षमा करेगा। इसलिए तुम आपस में एक दूसरे के सामने अपने-अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिससे चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
तब वे संकट में यहोवा की दुहाई देते हैं,
और वह उनको सकेती से निकालता है।
वह आँधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं।
तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं,
और वह उनको मन चाहे बन्दरगाह में पहुँचा देता है।
Orar em todo tempo
A Bíblia nos exorta a orar sem cessar, com ações de graças e súplicas, revestidos da armadura espiritual. A oração traz paz sobrenatural.
किसी भी बात की चिन्ता मत करो; परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएँ। तब परमेश्वर की शान्ति, जो सारी समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। (यशा. 26:3)
और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और विनती करते रहो, और जागते रहो कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार विनती किया करो,