Gravidez e maternidade
Gravidez e maternidade são bênçãos celebradas na Bíblia. Deus forma cada criança no ventre, cuida da mãe e da família, e abençoa a geração dos justos.
Filhos são herança do Senhor
Deus abençoa a fertilidade e o crescimento das famílias. Cada criança é obra de suas mãos, conhecida e amada antes mesmo de nascer.
तमन कन आन जत क मनखमन ल जद आससत हह; तमहर कन भ आदम य मईलगन बझ नइ हह, अऊ न ह तमहर पस-धन म पलमन क कम हह।
पर इसरयलमन बहत फलत-फरत, सखय म बहत ह गन, गनत म बढत ओमन अतक जद ह गन क दस ह ओमन ल भर गस।
ओमन क लइकमन दस म सकतसल हह;
ईमनदर मनख क पढ ल आसस मलह।
कबरक तह मर भतर भग ल बनय हस;
तह मर दई क गरभ म मल एक सग जड हस।
मह तर परसस करथव कबरक मह भयनक अऊ अदभत रत स बनय ग हवव;
तर कममन अदभत अय,
मह ओल बन करक जनथव।
जब मल गपत जगह म बनय गस,
जब मल धरत क गहरई म एक सग बन गस,
त मर ढच ह तर ल छप नइ रहस।
तर आख ह मर बगर आकर क दह ल दखस;
मर दह क अग, जऊन मन बनत जवत रहन,
ओमन रच जय क पहल तर कतब म लखय रहन।
लइकमन यहव क दवर दय गय भग हथ,
लइक ह ओकर कत ल दय गय एक ईनम ए।
क म लइक जनमय क समय ल लथव
अऊ लइक ल पईद हवन नइ दव?"
यहव ह कहत ह।
"जब म लइक जनमय क समय ल लथव
त क म कख ल बद कर दथव?"
तमहर परमसर ह कहत ह।
Força e cuidado na gravidez
Deus dá forças à mulher grávida e a sustenta em cada etapa. Sua graça é suficiente e seu poder se aperfeiçoa na fraqueza.
जऊन ह मल तकत दथ, ओकर जरय, मह हर चज ल कर सकथव।
पर ओह मल कहस, "मर अनगरह ह तर बर बहत ए, कबरक मर समरथ ह दरबलत म सदध हथ।" एकरसत खस ल, मह अपन दरबलत क ऊपर अऊ घमड करह, तक मसह क समरथ ह मर ऊपर बन रहय।
मर कत अपन कन लग,
अऊ मल बचय बर जलद आ;
मर सरन क चटटन बन,
अऊ मल बचय बर एक मजबत गढ बन ज।
धरत क छर ल मह तल पकरत हव,
तल पकरत-पकरत मर मन ह दरबल हवथ;
मल ओ चटटन ऊपर ल ज, जऊन ह मर ल ऊच ह।
ओह एक चरवह सह अपन झड ल चरथ:
ओह मढ-पलमन ल अपन गद म लक सकलथ
अऊ ओमन ल अपन दल म लगक चलथ;
ओह ओमन ल धर-धर ल चलथ, जमन कर पलमन हथ।
"ह यकब क सतनमन,
ह इसरयल क जमम बच मनखमन, मर बत ल सनव,
तमन, जमन ल मह तमहर जनम ल ह ऊपर उठय हव,
अऊ तमहर जनम ह ल तमन ल धरक चलत हव।
तमहर बढप अऊ तमहर पक चद क बर घल
मह वइसन ह बन रहह, मह ओह अव, जऊन ह तमन ल सभल रखह।
मह तमन ल बनय हव अऊ तमन ल धरक ल चलह;
मह तमन ल सभलह अऊ तमन ल बचह।
A bênção da maternidade
A Bíblia honra a maternidade como ministério sagrado. As mães são instrumentos de Deus para formar vidas e transmitir a fé.
पर मईलगनमन लइक जन क दवर उदधर पह, यद ओमन बन आचरन क सग बसवस, मय अऊ पबतरत म बन रहय।
ओकर लइकमन उठक ओल धइन कहथ;
ओकर घरवल घल ओल आससत कहथ, अऊ य कहक ओकर परसस करथ:
जब आदम ह अपन घरवल हव सग सतस, त ओह आसर म हक कन ल जनम दस अऊ कहस, "मह यहव क मदद ल एक झन परस पय हव।"
यहव ह सर क ऊपर अनगरह करस जइसन क ओह कह रहस, अऊ ओह सर बर वइसन करस जइसन क ओह परतगय कर रहस। सर ह अबरहम ल गरभ म हईस अऊ ओकर बढप म, ओह ठहरय समय म परमसर क परतगय क मतबक ओह एक बट जनमस।
इसहक क घरवल बझ रहस, एकरसत ओह अपन घरवल बर यहव ल परथन करस अऊ यहव ह ओकर परथन ल सनस, अऊ ओकर घरवल रबक ल गरभ ठहरस।
तब कछ दन क बद हनन दह म हईस अऊ एक बट ल जनम दस। ओह य कहत ओकर नव समएल रखस, "कबरक मह यल यहव ल मगव।"
Proteção divina
Deus protege a mãe e o bebê, guardando-os de todo mal. Ele acompanha cada momento com ternura e fidelidade.
जऊन ह सरवचच परमसर क सरन म रहह,
ओह सरवसकतमन क छइह म अरम करह।
मह यहव क बर म कहह, "ओह मर सरन-सथन अऊ मर गढ अय।
मर परमसर, जकर ऊपर मह भरस करथव।"
यहव ह तल जमम हन ल बचह—
ओह तर जनग क रखवर करह;
यहव ह तर अवई-जवई म
तर रकछ अब ल लक सदकल तक करत रहह।
"गरभ म रच क पहल ह मह तल जनत रहव,
तर जनम क पहल ह मह तल अलग कर हव;
मह तल दस-दसमन बर अगमजन ठहरय हव।"
"कह मनखमन झगर करत रहथ अऊ य दरन ओम क कन क दवर कन दह म रह मईलगन ल चट लगथ अऊ समय क पहल ओकर लइक ह जनमथ, पर कन गभर चट नइ लगय, त ओ चट पहचनवल मनख ह मईलगन क घरवल क मग अऊ अदलत क फसल क मतबक जरबन भरय। पर कह ओल गभर चट लगथ, त फर तमन परन क बलद परन,
"क कन दई अपन दध पयत लइक ल भल सकत ह
अऊ अपन जनमय लइक ऊपर कछ दय नइ करय?
ह, ओह त भल सकत ह,
पर म तल नइ भलवव!
Esperança e promessa
A maternidade é caminho de esperança. Como Sara, Ana e Isabel, as mães encontram na fé a força para aguardar as promessas de Deus.
हलक सर ह लइक जनमय क उमर ल पर कर ल रहस, पर बसवस क दवर, ओह लइक जनमईस, कबरक ओह परमसर ल बसवसयगय जनस, जऊन ह यकर वयद कर रहस।
धइन अस तह, कबरक तह बसवस करय क जऊन कछ परभ ह तल कह हवय, ओह पर हह।"
तब मरयम ह कहस:
"मर मन ह परभ क बडई करत हवय;
अऊ मर आतम ह मर उदधर करइय परमसर म आनद मनवत हवय,
कबरक ओह अपन दस क दन-हन दस ऊपर धयन द हवय।
अब ल जमम पढ क मनखमन मल धइन कहह,
कबरक समरथ परमसर ह मर बर बड-बड कम कर हवय—
ओकर नव पबतर ए।
ओह बझ मईलगन ल ओकर घर म अइस बसथ,
जइस लइकमन क खस ल भर एक दई ल।
यहव क परसस हवय।
म ओल आसस दह, अऊ तल ओकर दवर एक बट दह; अऊ मह ओल अइसन आसस दह क ओह जत-जत क मनखमन क मल महतर हह, अऊ ओकर ल मनखमन क रजमन आह।"
तर घरवल ह तर घर क भतर
फल दवइय अगर क एक नर सह हह;
तर लइकमन तर मज क चर कत
जतन रख क नकल अकर सह हह।