Preocupação
A preocupação é uma das maiores armadilhas da vida moderna. Jesus ensinou que a ansiedade nada acrescenta à nossa vida e nos convida a confiar na provisão do Pai celestial.
Não se preocupe
Jesus disse: não andeis ansiosos pela vossa vida. O Pai celestial sabe do que precisamos e cuida de nós com ternura e fidelidade.
"एकरसत, मह तमन ल कहत हव क तमन अपन जनग क बर म चत झन करव क तमन क खह य क पह, अऊ न अपन दह क बर म चत करव क तमन क पहरह। क जनग ह भजन ल जद महतव क न हय? अऊ दह ह ओनह ल बढक न हय?
एकरसत, कल क चत झन करव, कबरक कल क दन ह अपन चत खद कर लह। आज क दख ह आज खतर बहत हवय।
जऊन बज ह कटल झडमन क बच म बय ग रहस, यह ओ मनख अय, जऊन ह बचन ल सनथ, पर य जनग क चत अऊ धन क लभ ह बचन ल दब दथ अऊ ओह फर नइ लनय।
इही दौरान हजारों मनखेमन के भीड़ लग गीस अऊ ओमन एक-दूसर ऊपर गिरे पड़त रिहिन, त यीसू ह पहिली अपन चेलामन ला कहे के सुरू करिस, "फरीसीमन के खमीर ले सचेत रहव, मतलब कि ओमन के ढोंगीपन ले सचेत रहव। कुछू घलो बात ढंके नइं ए, जऊन ला उघारे नइं जाही या कुछू भी बात छिपे नइं ए, जऊन ला बताय नइं जाही। एकरसेति, जऊन बात तुमन अंधियार म कहे हवव, ओह दिन के अंजोर म सुने जाही, अऊ जऊन बात तुमन भीतर के खोली म मनखेमन के कान म चुपेचाप कहे हवय, ओला घर के छानी ऊपर ले खुलेआम बताय जाही।
"मोर संगवारीमन, मेंह तुमन ला कहत हंव कि ओमन ले झन डरव, जऊन मन देहें ला घात करथें अऊ ओकर बाद ओमन अऊ कुछू नइं कर सकंय। पर मेंह तुमन ला बतावत हंव कि तुमन ला काकर ले डरना चाही। ओकर ले डरव, जेकर करा तुमन ला मारे के बाद नरक म डारे के अधिकार हवय। हव, मेंह तुमन ला कहत हंव, ओकरेच ले डरव। पांच ठन गौरइया चिरई कतेक म बेचाथे? दू पईसा ले जादा म नइं बेचावय। तभो ले परमेसर ह ओमा ले एको ठन ला नइं भुलावय। अऊ त अऊ तुम्हर मुड़ के जम्मो चुंदीमन गने गे हवंय। झन डरव; तुमन गौरइया चिरईमन ले जादा कीमत के अव।
"मेंह तुमन ला कहत हंव कि जऊन कोनो मोला मनखेमन के आघू म स्वीकार करथे, ओला मनखे के बेटा घलो परमेसर के स्वरगदूतमन के आघू म स्वीकार करही। पर जऊन ह मोला मनखेमन के आघू म इनकार करथे, ओला मनखे के बेटा घलो परमेसर के स्वरगदूतमन के आघू म इनकार करही। अऊ जऊन ह मनखे के बेटा के बिरोध म कोनो बात कहिथे, त ओला माफ करे जाही, पर जऊन ह पबितर आतमा के बिरोध म निन्दा करथे, ओला माफ नइं करे जावय।
"जब मनखेमन तुमन ला यहूदीमन के सभा-घर, सासन करइया अऊ अधिकारीमन के आघू म लानथें, त ये बात के चिंता झन करव कि तुमन अपन बचाव कइसने करहू या ओमन के आघू म का कहिहू, काबरकि पबितर आतमा ह ओहीच बेरा तुमन ला ये बात ला सिखा दीही कि तुमन ला का कहना चाही।"
भीड़ म ले एक मनखे ह यीसू ला कहिस, "हे गुरू, मोर भाई ले कह कि ओह मोर संग ओ संपत्ति के बंटवारा करय, जऊन ला हमर ददा हमर बर छोंड़ गे हवय।"
यीसू ह ओला कहिस, "हे मनखे, कोन ह मोला तुम्हर नियायधीस या तुम्हर बीच म संपत्ति के बंटवारा करइया ठहिराईस?" तब ओह ओमन ला कहिस, "सचेत रहव! अपनआप ला जम्मो किसम के लालच ले दूर रखव; काबरकि मनखे के जिनगी ह ये बात ले नइं बनय कि ओकर करा कतेक जादा संपत्ति हवय।"
तब यीसू ह ओमन ला ये पटंतर कहिस, "एक धनवान मनखे के खेत म बहुंत फसल होईस। ओह अपन मन म सोचिस, ‘अब मेंह का करंव? मोर करा मोर फसल ला कुढ़ोय के जगह नइं ए।’
"ओह कहिस, ‘मेंह अइसने करहूं—मेंह अपन कोठारमन ला टोरके ओकर ले बड़े-बड़े कोठार बनाहूं, अऊ उहां मेंह अपन जम्मो अनाज अऊ दूसर माल-मत्ता ला रखहूं।’ तब में अपनआप ले कहिहूं, ‘तोर करा बहुंत संपत्ति हवय, जऊन ह बहुंते साल तक चलही। अपन जिनगी के चिंता झन कर; खा, पी अऊ खुसी मना।’
"पर परमेसर ह ओला कहिस, ‘हे मुरूख मनखे! इहीच रथिया तोर परान ला ले लिये जाही; तब ये जम्मो चीज काकर होही, जऊन ला तेंह अपन बर रखे हवस।’
"अइसनेच हर एक ओ मनखे के संग होही, जऊन ह अपन बर धन संकेलथे, पर परमेसर के नजर म धनवान नो हय।"
तब यीसू ह अपन चेलामन ला कहिस, "एकरसेति मेंह तुमन ला कहत हंव, अपन जिनगी के बारे म चिंता झन करव कि तुमन का खाहू, या अपन देहें के बारे म चिंता झन करव कि तुमन का पहिरहू। जिनगी ह भोजन ले जादा महत्व के अय, अऊ देहें ह ओनहा ले जादा महत्व रखथे। कऊआ चिरईमन के बारे सोचव: ओमन न कुछू बोवंय अऊ न लुवंय; ओमन करा न भंडारघर हवय न ही कोठार; तभो ले परमेसर ओमन ला खवाथे। तुमन तो चिरईमन ले जादा महत्व के अव। तुमन म अइसने कोनो हवय, जऊन ह चिंता करे के दुवारा अपन जिनगी के एको घरी ला घलो बढ़ा सकथे? जब तुमन ये बहुंत छोटे चीज ला नइं कर सकव, त तुमन आने बड़े चीजमन के बारे म चिंता काबर करथव?
"सोचव कि जंगली फूलमन कइसने बाढ़थें; ओमन न मेहनत करंय अऊ न ही अपन बर ओनहा बिनंय। पर मेंह तुमन ला बतावत हंव, अऊ त अऊ सुलेमान सहीं धनी राजा घलो येमन ले काकरो सहीं सुघर कपड़ा नइं पहिरे रिहिस। जब परमेसर ह भुइयां के कांदी ला अइसने ओनहा पहिराथे, जऊन ह आज इहां हवय अऊ कल आगी म झोंक दिये जाही, त हे अल्प बिसवासीमन, का ओह तुमन ला अऊ बने ओनहा नइं पहिराही। अऊ एकर धियान म झन रहव कि तुमन का खाहू या का पीहू; एकर चिंता झन करव। काबरकि ये संसार म मूरती-पूजा करइयामन ये जम्मो चीज के खोज म रहिथें, अऊ तुम्हर ददा परमेसर ह जानथे कि तुमन ला ये चीजमन के जरूरत हवय। परमेसर के राज के खोज म रहव, त संग म ये चीजमन घलो तुमन ला दिये जाही।
"हे छोटे झुंड! झन डर, काबरकि तोर ददा परमेसर ह तोला राज देके खुस हवय। अपन संपत्ति ला बेच अऊ गरीबमन ला दे। अपन बर अइसने बटुवा बनावव, जऊन ह जुन्ना नइं होवय, याने स्वरग म अपन धन जमा करव, जऊन ह कभू नइं घटय; जेकर लकठा म चोर नइं आ सकय अऊ जऊन ला कीरा घलो नास नइं कर सकय। काबरकि जिहां तुम्हर धन हवय, उहां तुम्हर मन घलो लगे रहिही।
"तुमन सेवा करे बर हमेसा तियार रहव अऊ अपन दीया ला बारे रखव; ओ सेवकमन सहीं, जऊन मन अपन मालिक के एक बिहाव भोज ले लहुंटे के बाट जोहत हवंय, ताकि जब ओह आवय अऊ कपाट ला खटखटावय, त ओमन तुरते ओकर बर कपाट ला खोल सकंय। ओ सेवकमन बर येह खुसी के बात होही, जब ओमन के मालिक लहुंटके आथे, त ओमन ला जागत पाथे। मेंह तुमन ला सच कहत हंव—ओह खुदे सेवा करे बर सेवक के कपड़ा पहिरही; ओह ओमन ला खाना खवाय बर बईठाही अऊ आके ओमन के सेवा करही। ओ सेवकमन बर येह बने बात होही, यदि ओमन के मालिक रथिया के दूसर या तीसरा पहर म आवय अऊ ओमन ला सचेत पावय। पर ये बात ला समझ लेवव: यदि घर के मालिक ला मालूम होतिस कि चोर ह कतेक बेरा आही, त ओह अपन घर म सेंध नइं लगन देतिस। तुमन घलो हमेसा तियार रहव, काबरकि मनखे के बेटा ह अइसने बेरा म आ जाही, जब तुमन ओकर आय के आसा नइं करत होहू।"
पतरस ह पुछिस, "हे परभू, ये पटंतर ला का तेंह हमर बर कहत हवस या फेर जम्मो झन बर?"
परभू ह जबाब देके कहिस, "तब ओ बिसवासयोग्य अऊ बुद्धिमान परबंधक कोन ए, जऊन ला मालिक ह अपन सेवकमन ऊपर मुखिया ठहिराथे, ताकि ओह सेवकमन ला सही समय म ओमन के खाना के भत्ता देवय। येह ओ सेवक बर खुसी के बात होही कि जब ओकर मालिक ह आथे, त ओला अइसने करत पाथे। मेंह तुमन ला सच कहत हंव कि मालिक ह ओ सेवक ला अपन जम्मो संपत्ति के जिम्मेदारी दे दीही। पर यदि ओ सेवक ह अपन मन म ये कहय, मोर मालिक ह आय म अब्बड़ देरी करत हवय। अऊ अइसने सोचके ओह आने सेवक अऊ सेविकामन ला मारन-पीटन लगय, अऊ खावय-पीयय अऊ मतवार हो जावय। तब ओ सेवक के मालिक ह एक अइसने दिन म आ जाही, जब ओह ओकर आय के आसा नइं करत होही अऊ ओकर आय के बेरा ला घलो नइं जानत होही। तब मालिक ह ओला कठोर सजा दीही अऊ ओला अबिसवासीमन के संग म रखही।
"ओ सेवक जऊन ह अपन मालिक के ईछा ला जानथे, पर तियार नइं रहय या जऊन बात ला ओकर मालिक चाहथे ओला नइं करय, त ओ सेवक ह बहुंत मार खाही। पर जऊन सेवक ह अपन मालिक के ईछा ला नइं जानत हवय, अऊ बिगर जाने ओह गलत काम करथे, त ओह कम मार खाही। जऊन ला बहुंत दिये गे हवय, ओकर ले बहुंत मांगे जाही, अऊ जऊन ला बहुंत सऊंपे गे हवय, ओकर ले बहुंत लिये जाही।
"मेंह धरती म आगी लगाय बर आय हवंव, अऊ मेंह ये चाहत हंव कि बने होतिस कि येमा पहिली ले आगी लगे होतिस। मोला एक बतिसमा म ले होके जाना हवय, अऊ जब तक ओह पूरा नइं हो जावय, मेंह बहुंत बियाकुल हवंव। का तुमन ये सोचत हव कि मेंह धरती म सांति लाने बर आय हवंव। नइं, मेंह तुमन ला कहत हंव कि मेंह फूट डारे बर आय हवंव। अब ले जब एक परिवार म पांच झन होहीं, त ओमन म फूट पड़ही; तीन झन ह दू झन के बिरोध म अऊ दू झन ह तीन झन के बिरोध म रहिहीं। ददा ह अपन बेटा के बिरूध होही, त बेटा ह अपन ददा के बिरूध। दाई ह अपन बेटी के बिरूध होही, त बेटी ह अपन दाई के बिरूध; अऊ सास ह अपन बहू के बिरूध होही, त बहू ह अपन सास के बिरूध।"
यीसू ह मनखेमन के भीड़ ला घलो कहिस, "जब तुमन पछिम दिग म एक बादर उठत देखथव, त तुरते तुमन कहिथव कि ‘बारिस होवइया हवय;’ अऊ अइसनेच होथे। अऊ जब दक्खिन दिग के हवा चलथे, ‘त तुमन कहिथव कि गरमी बढ़इया हवय,’ अऊ अइसनेच होथे। हे ढोंगी मनखेमन! धरती अऊ अकास ला तुमन देखके जान लेथव कि एकर का मतलब होथे; तब तुमन ये समय के मतलब ला काबर नइं जानव?
"तुमन खुदे काबर फैसला नइं कर लेवव कि का सही ए? यदि कोनो मनखे तुम्हर बिरोध म नालिस करय अऊ तुमन ला कचहरी म ले जावय, त तुमन भरसक कोसिस करव कि ओकर संग डहार म ही मामला के निपटारा हो जावय, नइं तो ओह तुमन ला नियायधीस करा खींचके ले जाही, अऊ नियायधीस ह तुमन ला पुलिस अधिकारी ला सऊंप दीही, अऊ पुलिस ह तुमन ला जेल म डार दीही। मेंह तुमन ला कहत हंव कि जब तक तुमन कौड़ी-कौड़ी नइं चुका दूहू, तब तक उहां ले नइं छूट सकव।"
Entregar a ansiedade a Deus
Lançar sobre o Senhor toda ansiedade é um ato de fé. A paz de Deus, que excede todo entendimento, guarda nosso coração e mente.
कन बत क फकर झन करव, पर हर एक बत म, परथन अऊ नबदन क दवर, धनबद क सग तमन अपन बनत ल परमसर क आघ म रखव। तब परमसर क सत, जऊन ह मनख क समझ क बहर अय, तमहर हरदय अऊ मन क रखवर मसह यस म करह।
अपन जमम चत ल ओकर ऊपर छड दवव, कबरक ओह तमहर खयल रखथ।
अपन जममदर यहव ऊपर डर द
अऊ ओह तल सभलह;
ओह धरम ल कभ
डगमगवन नइ दवय।
मनख क उतवलपन ह ओकर मन ल उदस कर दथ,
पर बन बत ल ओह खस हथ।
जब भतर-भतर मह बहत बयकल रहव,
त तर ढढस ह मल आनदत करस।
ह परभ, मर जमम ईछ ल तह जनत हस;
मर आह भरई ह तर ल नइ छप ह।
A paz de Cristo
Jesus prometeu sua paz — não como o mundo dá, mas uma paz que transcende as circunstâncias e silencia o medo.
मह अपन सत तमहर सग छडत हवव; अपन सत मह तमन ल दवत हव। मह तमन ल वइसन नइ दवव जइसन ससर ह दथ। तमहर हरदय बयकल झन हवय अऊ झन डरव।
यस ह कहस, "तमहर हरदय बयकल झन हवय। परमसर ऊपर बसवस करव अऊ मर ऊपर घल बसवस करव।
झन डर, कबरक म तर सग हवव;
भयभत झन ह, कबरक म तर परमसर अव।
म तल मजबत करह अऊ तर मदद करह;
अपन धरम जवन हथ ल म तल सभल रहह।
जब ओमन तमन ल पकडक अदलत म ल जवय, तब आघ ल फकर झन करह क तमन ल क कहन ह। पर जऊन कछ तमन ल ओ घड बतय जथ, ओह कहव कबरक बलइय तमन नइ, पर पबतर आतम अय।
Confiança na provisão divina
Deus é poderoso para suprir abundantemente. O choro pode durar uma noite, mas a alegria vem pela manhã. Sua graça basta.
परमसर ह तमन ल जमम कसम क आसस बहतयत ल दय म समरथ अय, तक तमहर कर जररत क हर चज हमस बहतयत म रहय अऊ तमन हर एक बन कम म बहतयत स द सकव।
अऊ मह सघसन ल ऊचह अवज म, य कहत सनव, "दखव! अब परमसर क नवस मनखमन क बच हवय, अऊ ओह ओमन क सग रहह। ओमन ओकर मनख हह, अऊ परमसर ह खद ओमन क सग रहह। ओह ओमन क आख क जमम आस ल पछह। उह न मरत हह, न कन सक मनह य रह, अऊ न ह कन ल कन कसम क पर हह, कबरक परन बतमन खतम ह ग हवय।"
य सनक अयब ह ठढ हईस अऊ दख म अपन ओनह ल चरस अऊ मड ल मडईस। तब ओह परमसर क भकत म भइय म गरक दडवत करस अऊ कहस:
"नगर मह अपन दई क कख ल आय रहव,
अऊ नगर मह वपस चल जह।
यहव ह दस अऊ यहव ह ल लस;
यहव क नव क परसस हवय।"
कबरक जद बदध क सग जद दख आथ;
जद गयन बढ ल, दख घल जद बढथ।
एकरसत अपन हरदय ल दख ल दर करव
अऊ अपन दह क समसय ल नकल दव,
कबरक जवन अऊ तकत बकर अय।