Proximidade
Deus é próximo dos que o buscam. Ele não é um Deus distante, mas presente, íntimo e acessível a todo o que o invoca com sinceridade de coração.
Buscar a presença de Deus
A Bíblia nos exorta a buscar a face do Senhor continuamente. Quem se aproxima dele encontra plenitude de alegria e delícias perpétuas.
Deus está perto
O Senhor está perto dos que o invocam, dos quebrantados de coração e dos que clamam por socorro. Sua presença nos sustenta.
सबके ताहीं अपनो रबईय्या अच्छो बनाए रखैं; प्रभु जल्दिये आए रहो है।
लेकिन अब, मसीह ईसु के संग, जोसे तुम निरी दूर रहेत रहौ, तुमकै मसीह के खून के झोने लाओ गौ है।
A presença que nunca abandona
Deus promete nunca nos deixar. Ele permanece fiel, está conosco em todo tempo e envia o Espírito para habitar em nossos corações.
"मैं तुमकै अकेलो नाय छोड़ंगो; मैं तुमरे झोने आथौं।
तौ भी तू जो अति दयालु है, उनको अंत नाय कर डारौ और नाय उनकै त्याग दई, काहैकि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेस्वर है।
खुद परमेस्वर, जो सांति को हमरो सोता है, तुमकै हर घड़ी चिन्ह और सब तरह से सांति देथै। प्रभु तुम सबन के संग रहमैं।
और अब, मेरे भईय्यौ और बहेनियौ, अलविदा! हमेसा के ताहीं कोसिस; मेरी मिन्नत कै सुनौ; एक दूसरे से सहमत; सांति से जियो। और प्यार और सांति के परमेस्वर तुमरे संग रहमंगे।
हमकै यकीन है कि हम परमेस्वर के संग एक रहथैं और बौ हमरे संग एक रहथै, काहैकि बौ हमकै अपनी आत्मा दई है।
जो खुद परमेस्वर है और परम दऊवा के संग है, परमेस्वर उनकै दिखाई है।
बौ सहर के बिमारन कै अच्छो करौ, और हुँआँ के लोगन से कहबौ, ‘परमेस्वर को राज्य तुमरे झोने आए चुको है।’