Raiva
A raiva é uma emoção humana que a Bíblia trata com seriedade. Irar-se não é pecado em si, mas a ira descontrolada destrói relacionamentos e abre porta para o mal.
Controlar a ira
A Bíblia nos exorta a ser tardios para irar-se. A resposta branda desvia o furor, e o que se controla é mais forte que um guerreiro.
वास्तविक कर्तव्यनिष्ठा
प्रिय भाई बहनो, यह ध्यान रहे कि तुम सुनने में तत्पर, बोलने में धीर तथा क्रोध में धीमे हो,
मृदु प्रत्युत्तर कोप शांत कर देता है,
किंतु कठोर प्रतिक्रिया से क्रोध भड़कता है.
वह बुद्धिमान ही होता है, जिसका अपने क्रोधावेग पर नियंत्रण होता है,
किंतु जिसे शीघ्र ही क्रोध आ जाता है, वह मूर्खता की वृद्धि करता है.
क्रोध में मूर्ख व्यक्ति अनियंत्रित हो जाता है,
किंतु बुद्धिमान संयमपूर्वक शांत बना रहता है.
मूर्ख अपना क्रोध शीघ्र ही प्रकट करता है,
किंतु व्यवहार कुशल व्यक्ति अपमान को अनदेखा करता है.
Irar-se sem pecar
Paulo ensina: irai-vos, mas não pequeis. Não deixe o sol se pôr sobre a vossa ira, para não dar lugar ao diabo.
"यदि तुम क्रोधित होते भी हो, तो भी पाप न करो." सूर्यास्त तक तुम्हारे क्रोध का अंत हो जाए, शैतान को कोई अवसर न दो.
आदरणीय है वह व्यक्ति, जो कलह और विवादों से दूर रहता है,
झगड़ालू, वस्तुतः मूर्ख ही होता है.
अहंकार और कुछ नहीं, कलह को ही जन्म देता है,
किंतु वे, जो परामर्श का चालचलन करते हैं, बुद्धिमान प्रमाणित होते हैं.
Amor e perdão acima da raiva
O amor cobre multidão de pecados. A Bíblia nos chama a não alimentar rancor, mas a perdoar e amar, vencendo a raiva com compaixão.
घृणा कलह की जननी है,
किंतु प्रेम सभी अपराधों पर आवरण डाल देता है.
प्रेम धीरजवंत है, प्रेम कृपालु है. प्रेम जलन नहीं करता, अपनी बड़ाई नहीं करता, घमंड नहीं करता, अशोभनीय नहीं, स्वार्थी नहीं, झुंझलाता भी नहीं और क्रोधी भी नहीं है.
" ‘अपने भाई से घृणा न करना; तुम अपने पड़ोसी को फटकार अवश्य लगाना; ऐसा न हो कि उसके पाप के दोष तुम पर आ जाए.
" ‘बदला न लेना, और न ही अपने लोगों की संतान से कोई बैर रखना, परंतु तुम अपने पड़ोसी से वैसा ही प्रेम करना, जैसा प्रेम तुम्हें स्वयं से है; मैं ही याहवेह हूं.
"जो मनुष्य में से बाहर आता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है. मनुष्य के भीतर से—मनुष्य के हृदय ही से—बुरे विचार बाहर आते हैं, जो उसे चोरी, हत्या, व्यभिचार, लोभ, दुराचारिता, छल-कपट, कामुकता, जलन, निंदा, अहंकार तथा मूर्खता की ओर लगा देते हैं. ये सभी अवगुण मनुष्य के अंदर से बाहर आते तथा उसे अशुद्ध करते हैं."
प्रिय भाई बहनो, सावधान रहो कि तुम्हारे समाज में किसी भी व्यक्ति का ऐसा बुरा तथा अविश्वासी हृदय न हो, जो जीवित परमेश्वर से दूर हो जाता है.
"यदि कोई व्यक्ति किसी स्त्री से तलाक कर लेता है
और वह उसे त्याग कर चली जाती है और वह किसी अन्य पुरुष के साथ रहने लगती है,
क्या वह पहला पुरुष फिर भी उसके पास लौटेगा?
क्या वह देश पूर्णतः अशुद्ध नहीं हो जाएगा?
किंतु तुम वह व्यभिचारी हो जिसके बर्तन अनेक हैं—
यह होने पर भी तुम अब मेरे पास लौट आए हो?"
यह याहवेह की वाणी है.
"अपनी दृष्टि वनस्पतिहीन पर्वतों की ओर उठाओ और देखो.
कौन सा ऐसा स्थान है जहां तुम्हारे साथ कुकर्म नहीं हुआ है?
मरुभूमि में चलवासी के सदृश,
तुम मार्ग के किनारे उनकी प्रतीक्षा करती रही.
अपनी दुर्वृत्ति से तथा अपने स्वच्छंद कुकर्म के द्वारा
तुमने देश को अशुद्ध कर दिया है.
तब वृष्टि अशुद्ध रखी गई है,
वसन्त काल में वृष्टि हुई नहीं.
फिर भी तुम्हारा माथा व्यभिचारी सदृश झलकता रहा;
तुमने लज्जा को स्थान ही न दिया.
क्या तुमने अभी-अभी मुझे इस प्रकार संबोधित नहीं किया:
‘मेरे पिता; आप तो बचपन से मेरे साथी रहे हैं,
क्या आप मुझसे सदैव ही नाराज बने रहेंगे?
क्या यह आक्रोश चिरस्थायी बना रहेगा?’
स्मरण रहे, यह तुम्हारा वचन है और तुमने कुकर्म भी किए हैं,
तुमने जितनी चाही उतनी मनमानी कर ली है."
विश्वासघाती इस्राएल
तत्पश्चात राजा योशियाह के राज्य-काल में, याहवेह ने मुझसे बात की, "देखा तुमने, विश्वासहीन इस्राएल ने क्या किया है? उसने हर एक उच्च पर्वत पर तथा हर एक हरे वृक्ष के नीचे वेश्या-सदृश मेरे साथ विश्वासघात किया है. मेरा विचार था यह सब करने के बाद इस्राएली प्रजा मेरे पास लौट आएगी किंतु वह नहीं लौटी, उसकी विश्वासघाती बहन यहूदिया यह सब देख रही थी. मैं देख रहा था कि विश्वासहीन इस्राएल के सारे स्वच्छंद कुकर्म के कारण मैंने उसे निराश कर तलाक पत्र भी दे दिया था. फिर भी उसकी विश्वासघाती बहन यहूदिया भयभीत न हुई; बल्कि वह भी व्यभिचारी बन गई. इसलिये कि उसकी दृष्टि में यह स्वच्छंद कुकर्म कोई गंभीर विषय न था, उसने सारे देश को अशुद्ध कर दिया और पत्थरों एवं वृक्षों के साथ व्यभिचार किया. यह सब होने पर भी, यह घोर विश्वासघाती बहन यहूदिया अपने संपूर्ण हृदय से मेरे पास नहीं लौटी, वह मात्र कपट ही करती रही," यह याहवेह की वाणी है.
याहवेह ने मुझसे कहा, "विश्वासहीन इस्राएल ने स्वयं को विश्वासघाती यहूदिया से अधिक कम दोषी प्रमाणित कर दिया है. जाओ, उत्तर दिशा की ओर यह संदेश वाणी घोषित करो:
" ‘विश्वासहीन इस्राएल, लौट आओ,’ यह याहवेह की वाणी है,
‘मैं तुम पर क्रोधपूर्ण दृष्टि नहीं डालूंगा,
क्योंकि मैं कृपालु हूं,’ यह याहवेह की वाणी है,
‘मैं सर्वदा क्रोधी नहीं रहूंगा.
तुम मात्र इतना ही करो: अपना अधर्म स्वीकार कर लो—
कि तुमने याहवेह, अपने परमेश्वर के प्रति अतिक्रमण का अपराध किया है,
तुम हर एक हरे वृक्ष के नीचे
अपरिचितों को प्रसन्न करती रही हो,
यह भी, कि तुमने मेरे आदेश की अवज्ञा की है,’ "
यह याहवेह की वाणी है.
"विश्वासहीनो, लौट आओ," यह याहवेह का आदेश है, "क्योंकि तुम्हारे प्रति मैं एक स्वामी हूं. तब मैं तुम्हें, नगर में से एक को तथा परिवार में से दो को ज़ियोन में ले आऊंगा. तब मैं तुम्हें ऐसे चरवाहे प्रदान करूंगा जो मेरे हृदय के अनुरूप होंगे, जो तुम्हें ज्ञान और समझ से प्रेषित करेंगे. यह उस समय होगा, जब तुम उस देश में असंख्य और समृद्ध हो जाओगे," यह याहवेह की वाणी है, "तब वे यह कहना छोड़ देंगे, ‘याहवेह की वाचा का संदूक.’ तब उनके हृदय में न तो इसका विचार आएगा न वे इसका स्मरण करेंगे; यहां तक कि उन्हें इसकी आवश्यकता तक न होगी, वे एक और संदूक का निर्माण भी नहीं करेंगे. उस समय वे येरूशलेम को याहवेह का सिंहासन नाम देंगे, सभी जनता यहां एकत्र होंगे. वे याहवेह की प्रतिष्ठा के लिए येरूशलेम में एकत्र होंगे तब वे अपने बुरे हृदय की कठोरता के अनुरूप आचरण नहीं करेंगे. उन दिनों में यहूदाह गोत्रज इस्राएल वंशज के साथ संयुक्त हो जाएगा, वे एक साथ उत्तर के देश से उस देश में आ जाएंगे जो मैंने तुम्हारे पूर्वजों को निज भाग स्वरूप में प्रदान किया है.
"तब मैंने कहा,
" ‘मेरी अभिलाषा रही कि मैं तुम्हें अपनी सन्तति पुत्रों में सम्मिलित करूं
और तुम्हें एक सुखद देश प्रदान करूं,
राष्ट्रों में सबसे अधिक मनोहर यह निज भाग.’
और मैंने यह भी कहा तुम मुझे ‘मेरे पिता’
कहकर संबोधित करोगे, और मेरा अनुसरण करना न छोड़ोगे.
इस्राएल वंशजों निश्चय तुमने मुझसे वैसे ही विश्वासघात किया है,
जैसे स्त्री अपने बर्तन से विश्वासघात कर अलग हो जाती है,"
यह याहवेह की वाणी है.
वनस्पतिहीन उच्च पर्वतों पर एक स्वर सुनाई दे रहा है,
इस्राएल वंशजों का विलाप एवं उनके गिड़गिड़ाने का,
वे अपने विश्वासमत से दूर हो चुके हैं
और उन्होंने याहवेह अपने परमेश्वर को भूलना पसंद किया है.
"विश्वासविहीन वंशजों, लौट आओ;
तुम्हारी विश्वासहीनता का उपचार मैं करूंगा."
"देखिए, हम आपके निकट आ रहे हैं,
क्योंकि आप याहवेह हमारे परमेश्वर हैं.
यह सुनिश्चित है कि पहाड़ियों पर छल है
और पर्वतों पर उपद्रव है;
निःसंदेह याहवेह
हमारे परमेश्वर में ही इस्राएल की सुरक्षा है.
हमारे बचपन से इस लज्जास्पद आचरण ने
हमारे पूर्वजों के उपक्रम को—
उनके पशुओं को तथा
उनकी संतान को निगल कर रखा है.
उपयुक्त होगा कि हमारी लज्जा में समावेश हो जाएं,
कि हमारी लज्जा हमें ढांप ले.
क्योंकि हमने अपने बाल्यकाल से
आज तक याहवेह हमारे परमेश्वर के विरुद्ध पाप ही किया है;
हमने याहवेह,
हमारे परमेश्वर की अवज्ञा की है."