Reino
O Reino de Deus é o tema central da pregação de Jesus. Desde o início de seu ministério, Ele proclamou: 'Arrependei-vos, porque é chegado o Reino dos céus.'
O anúncio do Reino
Jesus inaugurou seu ministério proclamando a chegada do Reino. Ele convida todos ao arrependimento e à fé nessa nova realidade.
उस समय से यीशु ने प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, "मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है।"
और कहा, "समय पूरा हुआ है, और परमेश्वर का राज्य निकट आ गया हैनिकट आ गया है: सुसमाचार प्रचार के लिये और परमेश्वर के राज्य को प्रकट करने लिए नियुक्त समय आ गया हैं।; मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो।"
वहाँ के बीमारों को चंगा करो: और उनसे कहो, ‘परमेश्वर का राज्य तुम्हारे निकट आ पहुँचा है।’
पहाड़ों पर उसके पाँव क्या ही सुहावने हैं जो शुभ समाचार लाता है, जो शान्ति की बातें सुनाता है और कल्याण का शुभ समाचार और उद्धार का सन्देश देता है, जो सिय्योन से कहता हैं, "तेरा परमेश्वर राज्य करता है।" (प्रेरि. 10:36, रोम. 10:15, नहू. 1:15)
A natureza do Reino
O Reino de Deus é governo soberano do Senhor sobre todas as coisas. Ele é o Rei eterno, imortal e invisível.
अब सनातन राजा अर्थात् अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभी के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है। (प्रका. 5:12,13)
वह प्रतापी राजा कौन है?
सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है। (सेला)
क्योंकि यहोवा हमारा न्यायी, यहोवा हमारा हाकिम, यहोवा हमारा राजा है; वही हमारा उद्धार करेगा।
तब यहोवा सारी पृथ्वी का राजा होगा; और उस दिन एक ही यहोवा और उसका नाम भी एक ही माना जाएगा। (प्रका. 11:15)
Entrar no Reino
Para entrar no Reino é preciso nascer de novo, tornar-se como criança e buscar primeiro a justiça de Deus acima de tudo.
यीशु ने उसको उत्तर दिया, "मैं तुझ से सच-सच कहता हूँमैं तुझ से सच-सच कहता हूँ: वह क्या कहना चाहता था उसकी निश्चितता और उसके महत्त्व को मजबूत अभिपुष्टि की अभिव्यक्ति को संकेत करता हैं।, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।"
यीशु ने उत्तर दिया, "मैं तुझ से सच-सच कहता हूँ, जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मेजल और आत्मा से न जन्मे: "जल" यहाँ स्पष्ट रूप से "बपतिस्मा" को प्रकट करता हैं।तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।
इसलिए पहले तुम परमेश्वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी। (लूका 12:31)
यीशु ने कहा, "बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।"
"धन्य हैं वे, जो धार्मिकता के कारण सताए जाते हैं,
क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुँजियाँ दूँगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बाँधेगा, वह स्वर्ग में बँधेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा।"
Cidadãos do Reino
Os cristãos são concidadãos dos santos e membros da família de Deus, chamados a viver dignamente do Reino que receberam.
मसीह हमारा कोने का पत्थर
इसलिए तुम अब परदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नींव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। (यशा. 28:16, 1 कुरि. 12:28)
धन को कहाँ इकट्ठा करना?
"हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
धन्य और पवित्र वह है, जो इस पहले पुनरुत्थान का भागी है, ऐसों पर दूसरी मृत्यु का कुछ भी अधिकार नहीं, पर वे परमेश्वर और मसीह के याजक होंगे, और उसके साथ हजार वर्ष तक राज्य करेंगे।
क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूर्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्चे, न पुरुषगामी। न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले, न अंधेर करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे।