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Relacionamentos

Por Bíblia Online

Os relacionamentos são centrais na vida cristã. A Bíblia orienta sobre amizade, casamento, família e convivência, sempre tendo o amor como fundamento de toda relação.

Amor e amizade

O amigo ama em todo tempo. A Bíblia valoriza amizades verdadeiras que edificam, fortalecem e desafiam ao crescimento mútuo.

िसब समयों ें रखतै,

और िपति िबन ै।

चमकै,

मनअपनिगति चमकदै।

ि

एक अचैंएक अचैं: िमनऐसििाँ , ोंि उनकपरिरम अचफल िलतै।

ोंि यदि उनमें एक िे, सरउसकउठएगा; परनउस पर अककर िऔर उसकउठो।

यदि अकपर रबल ो, परनउसकमनकर सकेंे। बटवह जलनहीं टती।

Casamento e família

O casamento é aliança sagrada. O marido deve amar a esposa como Cristo amou a Igreja, e ambos devem cultivar respeito e submissão mútua.

पतिों, अपनी-अपनपतरखो, मसकलिकरकअपनआपकउसकििा, ि उसकवचन जल करकपविबन,

इसरकउचिै, ि पति अपनी-अपनपतअपनसमरखे, अपनपतरखतै, वह अपनआप रखतै।

पर ें हर एक अपनपतअपनसमरखे, और पतअपनपति भय े।

पतिों और पतिों आद

पतिों, अपने-अपनपति ऐसअधरहो, रभे। (ु. 3:18, 1 पत. 3:1, उत. 3:16) ोंि पति पतिि मसकलििै; और आप उदरकरै।

मसपरििियम

पतिों, रभें उचिै, अपने-अपनपति अधरहो। (इफि. 5:22) पतिों, अपनी-अपनपतरखो, और उनसकठरतकरो।

ियहपरमवर कहा, "आदम अकरहनअचनहींआदम अकरहनअचनहीं: परमवर मनसमिबना, ि वह वल अपनबड़ो तचकरबलि समों करे। उसएक ििसकवह तचकर सकऔर परमवर उसकइस जररत ि करनिणय िा।; ैं उसकिएक ऐससहयक बनउसकिउपया।" (1 ि. 11:9)

परनयभिडर हर एक पती, और हर एक पति ो।

घर और धन रखे,

परनिमतपतयहिलतै।

सदपत

भलपतसकतै?

ोंि उसकूँों बहअधिै।

िसरांदरै;

ें नहीं। (इफि. 5:27)

Convivência saudável

Os relacionamentos florescem quando tratamos os outros como gostaríamos de ser tratados, com amor crescente e caráter maduro.

इस रण हतो, ि मनकरें, उनककरो; ोंि यवसऔर भवियदवकियहै।

अपनिऔर अपनआदर करना, और अपन पड़ोअपनसमरखना।"पड़ोअपनसमरखना: इसकमतलब सभयकिों रखना, हर जगह ि िहमनजदों े, िसमें हममन िै।

और रभऐसकरे, ि हम रखतैं; आपस ें, और सब मनों बढ़े, और उननति करत,

पर यदि अपनिों ी, िअपनपरििकरे, वह िकर गयै, और अविबन गयै।

हम परमवर मनि

अवििों असमें , ोंि िकतऔर अधर? ि और धकगति?

अब ैं मनों मनूँ परमवर ो? ैं मनों रसनकरनहतूँ? यदि ैं अब तक मनों रसनकरतरहत, मसा।

और इसरण सब रकयतकरके, अपनिपर सद, और सदपर समझ, और समझ पर यम, और यम पर रज, और रज पर भकि, और भकि पर ईचि, और ईचि पर बढ़ा

बड़े धन अचअधिहनै,

और ाँऔरों रसननतउततम ै।

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