Relacionamentos
Os relacionamentos são centrais na vida cristã. A Bíblia orienta sobre amizade, casamento, família e convivência, sempre tendo o amor como fundamento de toda relação.
Amor e amizade
O amigo ama em todo tempo. A Bíblia valoriza amizades verdadeiras que edificam, fortalecem e desafiam ao crescimento mútuo.
दोस्त हर वक़्त मुहब्बत दिखाता है,
और भाई मुसीबत के दिन के लिए पैदा हुआ है।
जिस तरह लोहा लोहे को तेज़ करता है,
उसी तरह आदमी के दोस्त के चहरे की आब उसी से है।
एक से दो बेहतर हैं,
क्यूँकि उनकी मेहनत से उनको बड़ा फ़ायदा होता है।
क्यूँकि अगर वह गिरें तो एक अपने साथी को उठाएगा;
लेकिन उस पर अफ़सोस जो अकेला है जब वह गिरता है,
क्यूँकि कोई दूसरा नहीं जो उसे उठा खड़ा करे।
और अगर कोई एक पर ग़ालिब हो तो दो उसका सामना कर सकते है
और तिहरी डोरी जल्द नहीं टूटती।
Casamento e família
O casamento é aliança sagrada. O marido deve amar a esposa como Cristo amou a Igreja, e ambos devem cultivar respeito e submissão mútua.
ऐ शौहरो! अपनी बीवियों से मुहब्बत रख्खो, जैसे मसीह ने भी कलीसिया से मुहब्बत करके अपने आप को उसके वास्ते मौत के हवाले कर दिया, ताकि उसको कलाम के साथ पानी से ग़ुस्ल देकर और साफ़ करके मुक़द्दस बनाए,
इसी तरह शौहरों को ज़रूरी है कि अपनी बीवियों से अपने बदन की तरह मुहब्बत रख्खें। जो अपने बीवी से मुहब्बत रखता है, वो अपने आप से मुहब्बत रखता है।
बहरहाल तुम में से भी हर एक अपनी बीवी से अपनी तरह मुहब्बत रख्खे, और बीवी इस बात का ख़याल रख्खे कि अपने शौहर से डरती रहे।
ऐ बीवियो, अपने शौहरों की ऐसी फ़रमाबरदार रहो जैसे ख़ुदावन्द की। क्यूँकि शौहर बीवी का सिर है, जैसे के मसीह कलीसिया का सिर है और वो ख़ुद बदन का बचाने वाला है।
बीवियो, अपने शौहर के ताबे रहें, क्यूँकि जो ख़ुदावन्द में है उस के लिए यही मुनासिब है। शौहरो, अपनी बीवियों से मुहब्बत रखो। उन से तल्ख़ मिज़ाजी से पेश न आओ।
और ख़ुदावन्द ख़ुदा ने कहा कि आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं मैं उसके लिए एक मददगार उसकी तरह बनाऊँगा।
लेकिन हरामकारी के अन्देशे से हर मर्द अपनी बीवी और हर औरत अपना शौहर रख्खे।
घर और माल तो बाप दादा से मीरास में मिलते हैं,
लेकिन अक़्लमंद बीवी ख़ुदावन्द से मिलती है।
नेकोकार बीवी किसको मिलती है?
क्यूँकि उसकी क़द्र मरजान से भी बहुत ज़्यादा है।
ऐ मेरी प्यारी, तू सरापा जमाल है;
तुझ में कोई 'ऐब नहीं।
Convivência saudável
Os relacionamentos florescem quando tratamos os outros como gostaríamos de ser tratados, com amor crescente e caráter maduro.
पस जो कुछ तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें वही तुम भी उनके साथ करो; क्यूँकि तौरेत और नबियों की ता’लीम यही है।
अपने बाप की और माँ की इज़्ज़त कर और अपने पड़ोसी से अपनी तरह मुहब्बत रख।"
और ख़ुदावन्द ऐसा करे कि जिस तरह हम को तुम से मुहब्बत है उसी तरह तुम्हारी मुहब्बत भी आपस में और सब आदमियों के साथ ज़्यादा हो और बढ़े
अगर कोई अपनों और ख़ास कर अपने घराने की ख़बरगीरी न करे, तो ईमान का इंकार करने वाला और बे — ईमान से बदतर है।
बे’ईमानों के साथ ना हमवार जूए में न जुतो, क्यूँकि रास्तबाज़ी और बेदीनी में क्या मेल जोल? या रौशनी और तारीकी में क्या रिश्ता?
अब मैं आदमियों को दोस्त बनाता हूँ या ख़ुदा को? क्या आदमियों को ख़ुश करना चाहता हूँ? अगर अब तक आदिमयों को ख़ुश करता रहता, तो मसीह का बन्दा ना होता।
पस इसी ज़रिए तुम अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करके अपने ईमान से नेकी, और नेकी से मा’रिफ़त, और मा’रिफ़त से परहेज़गारी, और परहेज़गारी से सब्र और सब्र सेदीनदारी, और दीनदारी से बिरादराना उल्फ़त, और बिरादराना उल्फ़त से मुहब्बत बढ़ाओ।
नेक नाम बेक़यास ख़ज़ाने से और एहसान सोने चाँदी से बेहतर है।