Renascimento
Nascer de novo é o início da vida cristã. Jesus ensinou que sem o novo nascimento ninguém pode ver o Reino de Deus. É uma obra sobrenatural do Espírito Santo.
Nascer de novo
Jesus declarou a Nicodemos: 'Aquele que não nascer de novo não pode ver o Reino de Deus.' O renascimento é pela água e pelo Espírito.
ईशु ने उका जवाब देदु, "हाव तुखे सच कयतु छे, यदि कोय नवली सिरे छे नी जन्मा ते यहोवा–भगवान राज्य देख नी सकता।"
ईशु जवाब देदु, "हाव तुखे सच कय रयु छे, जव तव कोय मानुस पानी आरू आत्मा छे नी जनम ता चाँ यहोवा–भगवानन राज्यमा भराय नी सकता।
काहकि जु शरीर छे जनमछे, चो शरीर छे; आरू जु आत्मा छे जनमछे, ची आत्मा छे।
तो त्यो हामरा उध्दार कर्या; आरू यो न्यायपन क काम क कारण नी, जो हामु ने आप कर्या, पर आपसी दया क लारे नवलो जनमक स्नान आरू चुखलो आत्मा क हामु नवलो बनावने क द्वारा होया।
Nova criação em Cristo
Quem está em Cristo é nova criação. Nascemos de novo pela Palavra viva e permanente de Deus, não de semente corruptível.
एरकरीन यदि काही मसीह मा छे तो वो नोवली सृष्टी छे: जुनली वात वित गयी छे; देखु, सब वात नोवली होय गयी छे।
काहकि तुमू ने नाशवान नी पर अमरकाया बीज छे, यहोवा–भगवान क जीवतो आरू सदा ठेरानेवावा वचन क द्वारा नवलो जनम रयन पैदा देख्या छे।
हामरे पोरबु ईशु मसीह क यहोवा–भगवान आरू बास क धन्यवाद होय, जो ईशु मसीह क मरला होया मा छे जीव उठने क द्वारा, आपसी मोटी दया छे हामु जीवती आशा करता नवलो जनन लेनु जरूरी छे,
नवलो पैदा हुयो पोर्य क समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करू, ताकि ओका द्वारा उध्दार देखने क करता बढ़ता जावु,
Os frutos do renascimento
Quem nasceu de Deus vence o mundo, ama o próximo e tem a certeza de que Deus completará a boa obra que começou.
काहकि जो काही यहोवा–भगवान छे पैदा हुयो छे वो संसार पर जय हासिल करता छे; आरू वो विजय जिना छे संसार पर जय हासिल होयती छे आमरो विश्वास छे।
हे मोंगावु, हामु आपस मा मोंग राखु; काहकि मोंग यहोवा–भगवान छे। जो काही मोंग करता छे, वो यहोवा–भगवान छे पैदा छे आरू यहोवा–भगवान क जानता छे।
मखे इनी वात क भरसु छे कि जिनुम तुमूक हाव वारलो काम सोरू कामो छे, ईशु मसीह क दाहड़े तक पूरो करसे।