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Descansar no Senhor

Por Bíblia Online

Descansar no Senhor é um ato de fé. Em um mundo agitado, Deus nos convida a entregar nossas ansiedades, aquietar o coração e confiar plenamente em sua provisão e cuidado.

O convite ao descanso

Jesus convida os cansados e sobrecarregados a irem a Ele e encontrar descanso para as suas almas. O jugo dele é leve.

थकाँऔर तलदबो, सब आओ! ैं मकआरूँा। अपनऊपर उठकर झसो, ोंि ैं हलऔर नरमदिूँ। ों करनें आरी, ोंि यम और हलकै।"

रब ़ूकर सबउसकतज़ाकरअगर ़िें करनमयो।

वह रमै, "अपनहरकतों आओ! ि ैं ़ुूँ। ैं अकें सरबऔर िें सरफूँा।"

उममत, हर वक़्उस पर भररख! उसक़ूअपनिो-अलम तरह े। अलहमपनहगै। (ि)

Confiança e paz

Quem confia no Senhor encontra paz perfeita. A ansiedade perde o poder quando entregamos tudo nas mãos do Deus soberano.

रब, िसकइरमजउसमहफ़ूरखतै। उससलमतिै, ोंि वह पर भररखतै।

सबरब पर भररख

रब ़ािे-तलकइसरईल ़ुरमै, "पस आकर , तब ें नजिी। ़ारहकर पर भररखो, तब ें तकियत िी। िइसकिनहीं े।

इनसफल अमनो-अमा, और सदअसर अबदऔर ि़ाी।

िरब उमरखननई और उक़ाे-पर कर िों तक उड़ेंे। वह थकेंे, चलतिे।

िअलसलमतसमझ हर आपकिों और मसईसें महफ़ूरखी।

अपनतमपरिाँ उस पर ें, ोंि वह आपक़िकर करतै।

Esperar no Senhor

Esperar no Senhor renova as forças. A Bíblia nos ensina que aquietar-se diante de Deus e confiar em seu tempo é marca da maturidade espiritual.

रब तज़ाें रह! मजऔर िो, और रब तज़ाें रह!

और दरख़ा

ऊद ़ी हनि

ैं सबरब तज़ाें रहवह तरफयल और मदद ि़ों पर तवजी।

अपनरब पर वह ा। वह तबकभडगमगनहीं ा।

़ुें आतवक़्मत करना। अपनितर पर टकर मलपर च-बिकरो, ििें, ़ाे। (ि)

ोंि रब उन पर हरबउस पर उमरखकर उसकिरहतैं।

ाँअचि हम ़ारब नजतज़ाें रहें।

A fidelidade de Deus

Deus é fiel. Seus planos são de paz e esperança. Podemos descansar sabendo que Ele guarda e sustenta quem nele confia.

ोंि रब रमै, ैं उन मनसों ़ू़िूँ ैंिाँैं। यह मनसें नहीं पहुँबलि सलमतइस ोंे, ें उमिकर एक अचतकिहम करेंे। उस वक़्े, आकर झसकरैं ूँा। तलकरके। ोंि अगर िूँ

िरक वह रब पर भररखतै, िसकएतमउसपर ै। वह िपर लगउस दरख़्िंिसकजड़ें नहर तक ैं। लसगरमआए उसडर नहीं, बलि उसकपतहरे-भररहतैं। पड़े वह परनहीं बलि वक़्पर फल रहतै।

रब जविा, "ैं ़ुचलूँऔर आरूँा।"

इसवजह ैं उठरहूँ। ैं शरनहीं, ोंि ैं उसनतूँ िपर ें ईमूँ, और यक़ीि ैंउसकहवकर िउसवह अपनआमद ितक महफ़ूरखऩािै।

दशयहिंों कहा, "आएँ, हम इन शहरों ़िकरें! हम इनकइरदगिें बनकर उनें ों, दरव़ों और ुंों मजकरें। ोंि अब तक हमें ै। ूँि हम रब अपऩुिरहैं इसलिउसनहमें ों तरफलह-सलमतै।" ाँ़िबलि तकमतक पहुँसका।

जब वह शहर िपर पहुँसमएल ऊल कहा, "अपनकर आगें।" जब कर चलगयसमएल ा, "ठहर ँ, ोंि आपकअलएक ़ाै।"

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