Sabedoria
A sabedoria é um dos temas mais ricos da Bíblia. O temor do Senhor é seu princípio, e buscá-la vale mais que ouro ou prata. Deus promete dar sabedoria generosamente a quem pedir com fé.
O princípio da sabedoria
O temor do Senhor é o início de toda sabedoria verdadeira. Quem reverencia a Deus aprende a viver com discernimento e prudência.
यहव क भय मनई गयन क सरआत ए,
पर मरखमन बदध अऊ सकछ क बत ल तछ समझथ।
यहव क भय मनई बदध क सरआत अय,
पबतर परमसर ल जनई समझ क बत अय।
बदध क नरदस ह यहव क भय मनन ए,
अऊ आदर क पहल नमरत आथ।
यहव क भय मनई बदध क सरआत ए;
ओ जमम, जऊन मन ओकर नयममन ल मनथ, ओमन अपन म सह समझ रखथ।
ओकर महम सदकल तक हवत रहय।
पर बदध ह कह मल सकथ?
ओ जगह कह हवय, जह समझ ह रहथ।
कन मरनहर मनख यकर कमत नइ जन सकय;
यह जयत परनमन क लक म नइ मलय।
समदर क गहरई ह कहथ, "बदध ह मर म नइ ए";
समदर ह कहथ, "बदध ह मर कर नइ ए।"
चख सन ल यल बसय नइ ज सकय,
अऊ न ह यकर कमत बर चद ल तऊल ज सकथ।
यल ओपर क सन ल बसय नइ ज सकय,
यल कमत गमदक य नलमन ल घल बसय नइ ज सकय।
न सन, न कच क तलन यकर सग कर ज सकथ,
न ह सन क जवर क बलद म यह मल सकथ।
मग अऊ मन क यकर आघ म चरच करई ह बकर अय;
बदध क कमत ह मनक ल घल बढक अय।
कस क पखरज क तलन यकर सग कर नइ ज सकय;
यल चख सन ल बसय नइ ज सकय।
त फर बदध ह कह ल आथ?
समझ ह कह रहथ?
यह हर एक जयत चज क आख ल छप हवय,
अऊ त अऊ अकस क चरईमन क आख घल यल नइ दख सकय।
बनस अऊ मरत कहथ,
"सरप यकर अफवह ल हमन सन हवन।"
Sabedoria como dom de Deus
A verdadeira sabedoria vem do alto. Deus a concede generosamente a quem pede com fé, sem lançar em rosto a fraqueza humana.
कह तमन ल कन म बदध क कम हवय, त ओह परमसर ल मगय, जऊन ह बगर दस लगय जमम झन ल उदर मन स दथ अऊ यह ओल दय जह।
कह तमन ल कन म बदध क कम हवय, त ओह परमसर ल मगय, जऊन ह बगर दस लगय जमम झन ल उदर मन स दथ अऊ यह ओल दय जह।
कह तमन ल कन म बदध क कम हवय, त ओह परमसर ल मगय, जऊन ह बगर दस लगय जमम झन ल उदर मन स दथ अऊ यह ओल दय जह।
कबरक यहव ह बदध दथ;
ओह गयन अऊ समझ क बत कहथ।
कबरक यहव ह बदध दथ;
ओह गयन अऊ समझ क बत कहथ।
वसतव म, यद तह अतर-गयन मगथस
अऊ समझदर बर ऊच अवज म पकरथस,
त तह यहव क भय ल समझब
अऊ परमसर क गयन ल पब।
ह मर परखमन क परमसर, मह तल धनबद दथव अऊ तर परसस करथव:
तह मल बदध अऊ सकत द हवस,
तह मल ओ बत बतय हवस, जऊन ल हमन तर ल पछ रहन,
तह हमन ल रज क सपन ल बतय हस।"
अऊ कहस:
"परमसर क नव क महम सदकल तक हवत रहय;
कबरक बदध अऊ सकत ओकर अय।
य चर जवन ल परमसर ह जमम कसम क सहतय अऊ वदय क गयन अऊ समझ दस। अऊ दनएल ह जमम कसम क दरसन अऊ सपन ल समझ लवत रहस।
A sabedoria do alto
A sabedoria que vem de Deus é pura, pacífica, amável, cheia de misericórdia e de bons frutos. Ela se opõe à sabedoria terrena e mundana.
पर जऊन बदध ह सवरग ल आथ, ओह सबल पहल सध, ओकर बद मलनसर, कमल, नमर सभव, दय अऊ बन फर ल भर रहथ अऊ ओम भदभव अऊ कपट नइ रहय।
पर जऊन बदध ह सवरग ल आथ, ओह सबल पहल सध, ओकर बद मलनसर, कमल, नमर सभव, दय अऊ बन फर ल भर रहथ अऊ ओम भदभव अऊ कपट नइ रहय।
पर जऊन बदध ह सवरग ल आथ, ओह सबल पहल सध, ओकर बद मलनसर, कमल, नमर सभव, दय अऊ बन फर ल भर रहथ अऊ ओम भदभव अऊ कपट नइ रहय।
तमन म बदधमन अऊ समझदर कन ए? ओह अपन कम अऊ बन चलचलन क दवर यल नमरत सहत दखवय, जऊन ह बदध ल उपजथ।
तभ ल, हमन समझदर मनखमन क बच म गयन क बत जरर बतथन, पर यह य जग क गयन य य जग म ओ ससन करइयमन क गयन न हय, जऊन मन खतम ह जह। पर हमन परमसर क गपत बदध क बर म गठयथन, जऊन ह लकय ग रहस अऊ जऊन ल परमसर ह ससर ल बनय क पहल हमर महम बर ठहरय रहस।
पर हमन त मसह क परचर करथन, जऊन ह करस ऊपर चघय गस। यह अइसन सदस ए, जऊन ह यहदमन बर ठकर क करन अऊ आनजतमन बर मरखत ए। पर जऊन मन ल परमसर ह बलय हवय, चह ओमन यहद हवय य यनन, ओमन बर मसह ह परमसर क समरथ अऊ परमसर क बदध अय। कबरक परमसर क मरखत ह मनखमन क गयन ल जद बदध क बत ए अऊ परमसर क कमजर ह मनखमन क बल ल जद बलवन ए।
अपनआप ल धख झन दवव। कह तमन ल कन य ससर क सच क मतबक अपनआप ल बदधमन समझथ, त ओल मरख बन जन चह तक ओह सह म बदधमन बन सकय।
अपनआप ल धख झन दवव। कह तमन ल कन य ससर क सच क मतबक अपनआप ल बदधमन समझथ, त ओल मरख बन जन चह तक ओह सह म बदधमन बन सकय।
मह य महनत एकरसत करत हवव, तक ओमन हरदय म उतसहत हवय अऊ मय म एक हक रहय, अऊ ओमन ल पर समझ क जमम धन मलय; अऊ ओमन परमसर क भद ल जनय, अऊ ओ भद ह मसह अय, जऊन म बदध अऊ गयन क जमम भडर छप हवय।
Direção e discernimento
Deus guia os humildes na justiça e ensina seu caminho aos mansos. Ele promete dirigir nossos passos quando confiamos nele de todo o coração.
त अपन समझ क ऊपर भरस झन कर,
पर अपन जमम हरदय ल यहव ऊपर भरस रख;
अपन जमम कम ओकर ईछ क मतबक कर,
तब ओह तर बर सध रसत नकलह।
अपन नजर म बदधमन झन बन;
यहव क भय मन अऊ बरई ल दरह रह।
मह तल नरदस दह अऊ ओ रसत क बत सखह, जम तल जन चह;
मह तर ऊपर अपन मय क नजर रखक तल सलह दह।
जऊन बत ह सह अय, ओम ओह नमर मनख क अगवई करथ
अऊ ओमन ल अपन रसत क सकछ दथ।
ह यहव, मल अपन डहर दख,
मल अपन रसत क बत सख।
अपन सचचई म मर अगवई कर अऊ मल सख,
कबरक तह परमसर मर उदधरकरत अस,
अऊ दन भर मर आस ह तर ऊपर रहथ।
यहव ह ओकर पव ल मजबत करथ,
जऊन ह यहव म खस रहथ;
बहनय ह मर बर तर अटट मय क खबर लनय,
कबरक मह तर ऊपर भरस कर हवव।
मल ओ डहर दख, जम मल चलन चह,
कबरक मह अपन जनग तल सऊपत हव।
तर ईछ ल पर कर क बत मल सख,
कबरक तह मर परमसर अस;
तर बन आतम ह
मल समतल भइय म ल चलय।
ह यहव, अपन नव क हत म, मर जनग ल बनय रख;
अपन धरमपन क करन, मल समसय ल बहर नकल।
ह यहव, मल अपन रसत क बत सख;
मर ऊपर अतयचर करइयमन क करन
मल सध रसत म ल चल।
A Palavra como fonte de sabedoria
A Palavra de Deus é lâmpada para os pés e luz para o caminho. Meditar nas Escrituras nos dá entendimento superior ao dos mestres.
तर बचन ह मर पव बर दय,
अऊ मर रसत बर अजर अय।
तर बचन ह मर पव बर दय,
अऊ मर रसत बर अजर अय।
मर आख ल खल क मह
तर कनन क अदभत चजमन ल दख सकव।
तर बचन क समझ ल अजर मलथ;
यह सधरन मनख ल समझ क आतम दथ।
धइन अय ओ मनख,
जऊन ह दसटमन क चल म नइ चलय
य पपमन क रदद म ठढ नइ हवय,
य ठटठ करइयमन क सग म नइ बईठय,
पर ओह यहव क कनन म खस रहथ,
अऊ ओह ओकर कनन म रत अऊ दन मनन-चतन करत रहथ।
मसह क बचन ह तमन म बहतयत स बन रहय, जइसन क तमन बड समझदर क सग एक-दसर ल सखथव अऊ सलह दथव, अऊ जइसन क अपन हरदय म धनबद सहत परमसर बर भजन, इसतत अऊ आतमक गत गथव।
जब तह रगब, त यमन तर अगवई करह;
जब तह सतब, त यमन तर रखवर करह;
अऊ जब तह जगब, त यमन तर ल गठयह।
Sabedoria prática para o dia a dia
A sabedoria se aplica em cada decisão: nas finanças, nos relacionamentos, no trabalho e no uso do tempo. Vivamos como sábios, não como insensatos.
एकरसत बहत सचत रहव क तमन जनग म कइसन चलत हव—मरख मनख सह नइ, पर बदधमनमन सह चलव। तमन ल मल हर मऊक क जद स जद फयद उठवव, कबरक समय ह खरप हवय।
एकरसत बहत सचत रहव क तमन जनग म कइसन चलत हव—मरख मनख सह नइ, पर बदधमनमन सह चलव। तमन ल मल हर मऊक क जद स जद फयद उठवव, कबरक समय ह खरप हवय।
सलह ल मन अऊ तडन ल गरहन कर,
अऊ आखर म तर गनत बदधमनमन क सग हह।
सलह ल मन अऊ तडन ल गरहन कर,
अऊ आखर म तर गनत बदधमनमन क सग हह।
जऊन ह बदध पथ, ओह जनग ल मय करथ;
जऊन ह समझ क बत करथ, ओह जलद बढथ।
सलह लय क दवर यजन ह सफल हथ;
एकरसत यद त लडई म जथस, त सलह लय कर।
खचत, लडई बर तल सह यकत क जररत हवय,
अऊ बजय बहत सलहकरमन क जरय मलथ।
जऊन ह धरज धरथ, ओह समझदर अय,
पर जऊन ह तरत गसस हथ, ओह मरखत करथ।
घमड क करन झगर हथ,
पर जऊन मन सलह लथ, ओमन म बदध हथ।
जऊन मन अपन मह म लगम लगथ, ओमन अपन परन क रकछ करथ,
पर जऊन मन बगर सच गठयथ, ओमन नस ह जथ।
मरखमन ल अपनच रसत ह सह लगथ,
पर बदधमन मनखमन दसरमन क सलह ल सनथ।
जब घमड आथ, त अपमन घल आथ,
पर नमरत क सग बदध आथ।
बदधमन ह हरदय म हकम ल गरहन करथ,
पर बकवस करइय मरख ह नस ह जथ।
समझदर मनख क मन ह गयन पथ,
कबरक बदधमन ह गयन क बत ल खज लथ।
मरख क मन ह समझ क बत म नइ लगय
पर ओल अपन खद क बत कह म खस मलथ।
अऊ त अऊ यद मरखमन सत रहय, त ओमन बदधमन समझ जथ,
अऊ यद ओमन चप रहय, त समझदर समझ जथ।
बदधमन मनख ह यल सनक अपन सकछ ल बढय,
अऊ समझदर मनख अगवई पवय—
अबसवसमन क सग बदधमन ल बरतव करव। दय गय हर एक मऊक क सह उपयग करव। तमहर गठ ह हमस अनगरह ल भर रहय अऊ मनभवन हवय, तक तमन य जनव क हर एक झन ल सह जबब कइसन दय जवय।
अबसवसमन क सग बदधमन ल बरतव करव। दय गय हर एक मऊक क सह उपयग करव। तमहर गठ ह हमस अनगरह ल भर रहय अऊ मनभवन हवय, तक तमन य जनव क हर एक झन ल सह जबब कइसन दय जवय।
जऊन कछ घल तमन करथव, अपन पर मन लगक करव। य समझक क तमन परभ खतर करथव, मनखमन खतर नइ। तमन जनथव क ईनम क रप म, तमन ल परभ ल एक बरसत मलह। कबरक ओह परभ मसह ए, जकर सव तमन करत हव।
O valor da sabedoria
A sabedoria é mais preciosa que rubis. Quem a encontra, encontra a vida e alcança o favor do Senhor. Nada se compara a ela.
धइन अय ओ मनखमन, जऊन मन बदध पथ,
अऊ धइन अय ओ मनखमन, जऊन मन समझ पथ,
कबरक जऊन मन मल पथ, ओमन जनग पथ
अऊ यहव ओमन ऊपर करप करथ।
बदध ल पन सन क पय ल जद बन अय,
अऊ समझ क बत ल जनन, चद क पय ल जद बन अय।
मनखमन अपन मन म अपन जनग जय क यजन बनथ,
पर यहव ह ओमन क जनग क कदम ल इसथर करथ।
मनख ह अपन मन क यजन क बस म रहथ,
पर मह क सह जबब यहव कर ल आथ।
बदध ह एक आसरय ए
जइस क पईस ह एक आसरय ए,
पर गयन क फयद य अय:
बदध ह बदधमन ल बचथ।
य झन कहव, "बत जमन ह आज क समय ल कबर जद बन रहस?"
कबरक अइस सवल करई ह बदधमन न हय।
जऊन मनख ल परमसर ह खस हथ, ओल ओह बदध, गयन अऊ खस दथ, पर पप मनख ल परमसर ह धन इकटठ कर अऊ बटर क कम दथ क ओह ओ धन ल ओ मनख क हथ म दय द, जकर ल परमसर खस रहथ। यह घल बकर ए, हव क पछ भग सह अय।
तमन ल जऊन कछ भ कम मलथ, ओल पर लगन स करव, कबरक मरत-लक म, जह तमन जवत हव, उह न त कन कम, न कन यजन अऊ न ह गयन अऊ बदध हवय।
A sabedoria e a soberania de Deus
Os caminhos de Deus são mais altos que os nossos. Sua sabedoria é insondável, eterna e infinitamente superior ao entendimento humano.
"जइस अकस ह धरत ल ऊच हवय,
वइस मर चल ह तमहर चल ल
अऊ मर सच-बचर ह तमहर सच-बचर ल बहत ऊच हवय।
"कबरक मर बचर अऊ तमहर बचर एक सह न हय,
न ह तमहर चल अऊ मर चल एक सह अय,"
यहव ह घसन करत ह।
क तमन नइ जनव?
क तमन नइ सन हव?
यहव ह अनतकल क परमसर,
अऊ धरत क सरजनहर अय।
ओह न त थकय न ह ओल उबस आवय,
ओकर समझ क बत ल कन नइ जन सकय।
क तमन नइ जनव?
क तमन नइ सन हव?
यहव ह अनतकल क परमसर,
अऊ धरत क सरजनहर अय।
ओह न त थकय न ह ओल उबस आवय,
ओकर समझ क बत ल कन नइ जन सकय।
परमपरधन यहव ह मल एक बन सखनवल क जभ दय हवय,
तक मह थक-हर मनख ल अपन बचन क दवर सभल बर जनव।
ओह मल हर बहनय जगथ,
ओह मर कन ल खलथ क मह एक सवक क सह सनव।
ओमन ऊपर हय, जमन मदद पय बर खलह मसर दस म जथ,
जमन घडमन क आसर करथ,
जमन अपन भर सखय क रथमन ऊपर भरस रखथ
अऊ अपन घडसवरमन क बड तकत ऊपर भरस करथ,
पर इसरयल क पबतर परमसर कत नइ दखय,
अऊ न ह यहव ल मदद मगय।
पर ओह घल बदधमन अय अऊ बपतत ल सकथ;
ओह अपन बचन ल वपस नइ लवय।
ओह ओ दसट जत क बरध ठढ हह,
ओह ओमन क बरध ठढ हह, जमन ककरममन क मदद करथ।
य जमम चज घल सरवसकतमन यहव कर ल आथ,
जकर यजन ह अदभत अय,
जकर बदध ह उततम अय।
यहव क आतम ओकर ऊपर ठहरह—
यह बदध अऊ समझ क आतम,
यकत अऊ परकरम क आतम,
गयन क आतम अऊ यहव क डर हह—
अऊ ओह यहव क डर म खस हह।
ओह मह दखक नयय नइ करह,
य अपन कन ल सनक नरनय नइ करह;
यहव हमस तर अगवई करह;
ओह सख भइय म तर जररत ल पर करह
अऊ तर हडमन ल मजबत करह।
त बन पन पलय एक बर सह हब,
अऊ अइसन सत सह हब, जकर पन कभ नइ सखवय।
अह! परमसर क बदध अऊ गयन क धन क गहरई ह कतक अथह अय!
ओकर सह नयय कन नइ कर सकय,
अऊ ओकर कम कर क तरक ल कन नइ जन सकय!
सरप परमसर एक झन बदधमन ए; ओकर महम यस मसह क जरय सदकल तक हवत रहय! आमन।
हमन जनथन क जऊन मन परमसर ल मय करथ अऊ ओकर ईछ क मतबक बलय ग हवय, ओमन बर परमसर ह जमम बत म भलई पईद करथ।
ह यहव, तर कममन बहत हवय!
अपन बदध ल तह ओ जमम ल बनय;
धरत ह तर जव-जनतमन ल भर हवय।
महन ए हमर परभ अऊ अत समरथ ए;
ओकर समझ क कन समन नइ ए।
तह अपन सलह दक मर अगवई करथस,
अऊ ओकर बद तह मल महम म अपन कर ल लब।
हमर दनमन ल हमन ल गन बर सख,
क हमन बदधमन ह जवन।
धरममन क मह ल बदध क बत नकलथ,
अऊ ओमन क जभ ओ बत कहथ, जऊन ह सह अय।
यहव क सव कर म खस रहव,
अऊ ओह तमहर मन क ईछ ल पर करह।
ह यहव, अपन धरमपन म मर अगवई कर,
मर बईरमन क करन—
मर आघ म तर रदद ल सध दख।
तह मल जनग क रसत दखथस;
तह अपन आघ म मल आनद ल भर दब,
तर जवन हथ म अनतकल क खस रहह।
ओमन रवत आह;
जब मह ओमन ल लनह, त ओमन परथन करह।
मह ओमन ल पन क सत क तर म ल
समतल रसत म ल जह, जह ओमन ठकर नइ खह,
कबरक मह इसरयल क दद अव
अऊ एपरम ह मर पहल जनम बट अय।
ह यहव, मह जनत हव क मनख क जनग ह ओमन क खद क न हय;
यह ओमन क कम न हय क ओमन अपन मन क मतबक चलय।
पर परमसर ह धरत ल अपन समरथ ल बनईस;
ओह अपन बदध ल ससर क नव रखस
अऊ अपन समझ क दवर अकसमन ल तनस।
कल क दन बर घमड झन कर,
कबरक त नइ जनस क कल क हह।
दसट मनखमन सह बत ल नइ समझय,
पर जऊन मन यहव ल खजथ, ओमन यल पर समझथ।
अब ओ, जऊन ह अइसन समरथ अय क हमन जतक मगथन य सचथन, ओकर ल घल बहत जद कर सकथ, अऊ यह ओकर ओ समरथ क मतबक हथ, जऊन ह हमन म कम करथ। ओकर महम, कलसय म अऊ मसह यस म पढ दर पढ, जग-जग हवत रहय। आमन।
मह तसर बर तमहर कर आवत हव। परमसर क बचन म लख हवय, "हर एक बत क पसट कर बर द य तन गवह क गवह जरर अय।"
अऊ क तमन उतसह क ओ बचन ल भल ग हवव, जऊन म परमसर ह तमन ल बट कहक सबधत करथ? यह कहथ,
"ह मर बट, परभ क तडन ल हलक झन समझ,
अऊ जब ओह तल दबकरथ, त हममत झन हर,
कबरक परभ ह ओकर तडन करथ, जऊन ल ओह मय करथ,
अऊ ओह हर ओ मनख ल दड दथ, जऊन ल ओह बट बन लथ।"
आखर म, ह भईमन ह, जऊन बत ह सच ए, जऊन बत ह आदर क लईक ए, जऊन बत ह सह ए, जऊन बत ह नरमल ए, जऊन बत ह मयर ए, जऊन बत ह मन ल भथ—यद कन बत ह उततम य परसस क लईक ए, त अइसन बत क बर म सचव।
एकरसत, कल क चत झन करव, कबरक कल क दन ह अपन चत खद कर लह। आज क दख ह आज खतर बहत हवय।
नयय क दन दकखन दग क रन ह य पढ क मनखमन सग ठढ हह अऊ यमन ऊपर दस लगह, कबरक ओ रन ह रज सलमन क गयन क बत ल सन बर धरत क छर ल आय रहस। पर दखव! इह एक झन हवय, जऊन ह रज सलमन ल घल बडक अय।
"एकरसत, जऊन ह मर य गठमन ल सनथ अऊ ओकर पलन करथ, ओह ओ बदधमन मनख सह अय, जऊन ह चटटन ऊपर अपन घर बनईस।
कबरक मह तमन ल बचन अऊ बदध दह क तमहर कन घल बईर तमहर बरध य खडन नइ कर सकह।
मह दखक नयय झन करव। पर सह-सह नयय करव।"
बदध क दवर यहव ह धरत ल बनईस,
अऊ समझ क दवर ओह सवरगमन ल ओमन क जगह म रखस;
क सयन मनखमन क बच म बदध नइ पय जवय?
क जद उमरवलमन म समझदर नइ रहय?
"बदध अऊ बल परमसर क अय;
सलह अऊ समझ ओकर कर हवय।
तब अयब ह जबब दस:
"सह म मह जनथव क यह सच अय।
पर परमसर क आघ म मनखमन कइस अपन नरदस हय क बत ल सबत कर सकथ?
हलक ओमन ओकर ल बद-बबद कर बर चहन,
पर हजर म ल ओकर एक ठन गठ क घल जबब नइ द सकन।
परमसर ह अत बदधमन ए अऊ अत बलवन ए।
कन ह ओकर बरध करक बगर हन क बच हवय?
ह मरनहर मनख, ओह तल दखय हवय क क ह बन अय।
अऊ यहव ह तर ल क चहथ?
नयय क कम करव अऊ दय कर बर झन छडव
अऊ अपन परमसर सग नमरत स चलव।
यहसपत ह ओमन ल कहस, "धयन दवव क तमन क करथव, कबरक तमन मरनहर मनखमन बर नयय नइ करत हव, पर यहव बर नयय करत हव, जऊन ह तमहर सग हवय, जब भ तमन कन फसल करथव।
तमन य नइ जनत हव क कल क हह। तमहर जनग ह क ए? तमन त भप क सह अव, जऊन ह छन भर दखथ, अऊ तब लप ह जथ।