Quem é o Salvador segundo a Bíblia e sua obra
Quem é o Salvador segundo a Bíblia
Na Bíblia, o Salvador é Jesus Cristo, que resgata a humanidade da condenação do pecado e restaura o relacionamento com Deus. Essa salvação não decorre de esforço moral ou mérito humano, mas da iniciativa do próprio Deus revelada nas Escrituras.
No Antigo Testamento, o Senhor afirma que não há outro libertador espiritual para o seu povo:
मिस्र देश तै ए मै यहोवा, तेरा परमेसवर सूं; तू मेरे ताहीं छोड़ किसे नै परमेसवर करकै न्ही जाणणा; क्यूँके मेरे सिवा कोए तेरा उद्धारकर्ता न्ही सै।(होशे 13:4)
O cumprimento dessa promessa acontece na encarnação. Ao anunciar o nascimento de Jesus aos pastores nos campos de Belém, o anjo confirma que o libertador esperado havia chegado:
आज दाऊद कै नगर बैतलहम म्ह थारे खात्तर एक उद्धारकर्ता जाम्या सै, अर योए मसीह प्रभु सै।(लूका 2:11)
Para realizar esse resgate, Cristo não se apegou aos privilégios de sua divindade, mas assumiu a fragilidade humana e obedeceu até a morte:
यीशु, परमेसवर कै समान होकै भी होकै भी परमेसवर कै बराबर होण नै अपणे बस म्ह राक्खण की चीज ना समझा। बल्के अपणा सारा सुर्गीय हक छोड़ दिया, अर दास का रूप धारण करते होए माणस की समानता म्ह होग्या। अर माणस कै रूप म्ह जाहिर होकै अपणे-आपनै दीन करया, अर परमेसवर का आज्ञाकारी रहया अर याड़ै तक के अपराधियाँ की तरियां मौत, हाँ क्रूस की मौत भी सह ली।(फिलिप्पियों 2:6-8)
Como a morte de Cristo realiza o resgate
A salvação bíblica responde a uma necessidade universal: a humanidade está afastada de Deus pelo pecado e incapaz de pagar a própria dívida espiritual:
क्यूँके सारया नै पाप करया सै, अर सब परमेसवर की महिमा तै दूर होगे सै, परमेसवर नै म्हारे पै अनुग्रह करया, के उसनै यीशु मसीह के जरिये म्हारे ताहीं म्हारे पापां के दण्ड तै छुड़ा लिया, अर म्हारे ताहीं बिना कुछ करे धर्मी बणाया।(रोमियों 3:23,24)
A libertação desse estado de escravidão exigiu um resgate que prata e ouro não podiam custear:
क्यूँके थमनै बेरा सै, के थारा निकम्मा चाल-चलण जो बाप-दाद्यां तै चल्या आवै सै, उस बेकार जिन्दगी तै थम बचगे सों, अर थारा छुटकारा चाँदी-सोन्ने यानिके नाश होण आळी चिज्जां कै जरिये न्ही होया। पर बेकसूर अर बेदाग मेम्ने, यानिके मसीह के कीमती लहू कै जरिये होया।(1 पतरस 1:18,19)
यीशु मसीह के लहू बहाए जाण के कारण हम छुड़ाए गये, जिसका मतलब यो सै के म्हारे सारे पाप माफ होए। परमेसवर के भोत अनुग्रह के मुताबिक मसीह म्ह उसके लहू के जरिये छुटकारा यानी पापां तै माफी मिलै सै।(इफिसियों 1:7)
Na cruz, a morte de Jesus atuou como propiciação — o sacrifício que reconcilia o pecador com Deus, transformando antigos inimigos em herdeiros da reconciliação:
यीशु मसीह ए म्हारै पापां कै खात्तर प्रायशिचित बलि सै, अर सिर्फ म्हारे ए न्ही बल्के सारी दुनिया के माणसां के पापां खात्तर भी।(1 यूहन्ना 2:2)
प्यार वो न्ही जो हमनै परमेसवर तै करया सै, बल्के प्यार वो सै जो उसनै म्हारै तै करया, के म्हारे पापां कै प्रायशिचित कै खात्तर अपणे बेट्टे ताहीं भेज्जा।(1 यूहन्ना 4:10)
क्यूँके जिब हम परमेसवर के बैरी थे, तो उसकै बेट्टे की मौत कै जरिये म्हारा मेळ-मिलाप परमेसवर कै गेल्या होया, अर सब तै आच्छी बात या सै, के मेळ-मिलाप हो जाण के कारण उसकै बेट्टे यीशु मसीह के जरिये दिए गये जीवन कै कारण म्हारा उद्धार पक्का सै।(रोमियों 5:10)
Essa redenção atinge a vida concreta de quem crê, fundamentando a fé no amor prático demonstrado na cruz:
यो इसा सै, के मान्नो जिसा मै मसीह कै गैल क्रूस पै मारया गया, अर इब मै जिन्दा न्ही रह्या, पर मसीह मेरै म्ह जीवै सै, अर इब जो मै जीण लागरया सूं, तो सिर्फ परमेसवर कै बेट्टे पै बिश्वास करण के जरिये जिसनै मेरै तै इतणा प्यार करया के मेरै खात्तर अपणी जान दे दी।(गलातियों 2:20)
A ressurreição e a salvação eterna
O plano da salvação não terminou no sepulcro. A vitória de Cristo sobre a morte é o selo de que o sacrifício foi aceito pelo Pai:
सुर्गदूत नै बिरबानियाँ ताहीं कह्या, "मतना डरो, मन्नै बेरा सै के थम यीशु नै जो क्रूस पै चढ़ाया गया था, टोह्वो सो। वो उरै न्ही सै, पर अपणे वचन कै मुताबिक जिन्दा होग्या सै। आओ, या जगहां देक्खो, जित्त प्रभु राख्या गया था,(मत्ती 28:5,6)
पर परमेसवर की मदद तै मै आज ताहीं बण्या सूं छोट्या-बड़या सारया कै स्याम्ही गवाही द्यूँ सूं, अर उन बात्तां नै छोड़ किमे कोनी कहन्दा जो नबियाँ अर मूसा नबी नै भी कह्या के होण आळी सै, के मसीह नै दुख ठाणा होगा, अर वोए सब तै पैहल्या मरे होया म्ह तै जी उठकै, म्हारै माणसां म्ह गैर यहूदियाँ म्ह चाँदणे का प्रचार करैगा।"(प्रेरितों के काम 26:22,23)
Essa certeza da intervenção definitiva de Deus já havia sido antecipada por Jó em meio à sua aflição:
मन्नै तो बेरा सै, के मेरा छुड़ाण आळा परमेसवर जिन्दा सै,
अर वो अन्त म्ह धरती पै खड्या होवैगा।(अय्यूब 19:25)
Ressurreto e exaltado, Jesus é o mediador definitivo entre Deus e os seres humanos, atuando continuamente em favor daqueles que se achegam a Ele:
फेर सिध्द हो जाणकै बाद वो खुद उन सब खात्तर, जो उसके हुकमां नै मानणीयां कै खात्तर अनन्त काल के उद्धार का कारण बणग्या।(इब्रानियों 5:9)
इस्से खात्तर जो यीशु कै जरिये परमेसवर कै धोरै आवै सै, वो उनका पूरा-पूरा उद्धार कर सकै सै, क्यूँके वो उनकै खात्तर बिनती करण ताहीं सारी हाण जिन्दा सै।(इब्रानियों 7:25)
इस कारण मसीह परमेसवर अर माणसां के बीच म्ह नये करार का बिचौल्ला सै, ताके जो माणस परमेसवर के जरिये बुलाये गये सै, वो सनातन आशीषें पा सकै, जिसका परमेसवर नै वादा करया सै, क्यूँके पैहल्ड़े करार के अधीन रहन्दे होए जितने माणसां नै पाप कराया, उन ताहीं छुड़ाण खात्तर यीशु नै अपणी जान दे दी।(इब्रानियों 9:15)
अर बिश्वास के कर्ता अर सिध्द करण आळे यीशु की ओड़ लखान्दे रहवां, उस आनन्द कै खात्तर जो बिश्वास म्ह मिलण आळा था, शर्म की कुछ परवाह न्ही करकै क्रूस का दुख सहया, अर परमेसवर कै सिंहासन कै सोळी ओड़ महिमामय जगहां जा बेठ्या।(इब्रानियों 12:2)
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