Superação
Superar desafios, dificuldades e tentações faz parte da caminhada cristã. A Bíblia nos garante que, em Cristo, somos mais que vencedores em todas as circunstâncias.
Vitória em Cristo
Jesus já venceu o mundo. Nele temos coragem, paz e a certeza de que nenhuma adversidade poderá nos derrotar definitivamente.
मन य बत तमस इसलए कह ह क तम मझम शत पओ। ससर म तमह कलश हत ह, परत सहस रख! मन ससर क जत लय ह।"
मन य बत तमस इसलए कह ह क तम मझम शत पओ। ससर म तमह कलश हत ह, परत सहस रख! मन ससर क जत लय ह।"
परत इन सब बत म हम उसक दवर जसन हमस परम कय ह जयवत स भ बढ़कर ह।
परत परमशवर क धनयवद ह, ज हमर परभ यश मसह क दवर हम वजय परदन करत ह।
परत परमशवर क धनयवद ह, ज हमर परभ यश मसह क दवर हम वजय परदन करत ह।
कयक ज कई परमशवर स उतपनन हआ ह वह ससर पर जय पत ह; और वह वजय जसन ससर पर जय पई ह, हमर वशवस ह।
कयक परमशवर स परम रखन यह ह क हम उसक आजञओ क पलन कर, और उसक आजञए कठन नह ह। कयक ज कई परमशवर स उतपनन हआ ह वह ससर पर जय पत ह; और वह वजय जसन ससर पर जय पई ह, हमर वशवस ह। ससर पर जय पनवल कन ह? कवल वह ज यह वशवस करत ह क यश ह परमशवर क पतर ह।
ससर पर जय पनवल कन ह? कवल वह ज यह वशवस करत ह क यश ह परमशवर क पतर ह।
उनहन ममन क लह क दवर
और अपन सकष क वचन क दवर उस पर जय परपत क,
और अपन परण क परय नह जन,
यह तक क मतय भ सह ल।
Superando o mal com o bem
O cristão vence o mal não com violência, mas com o bem. O amor, a fé e a perseverança são as armas da superação.
बरई स न हर, बलक भलई स बरई क जत ल।
बरई स न हर, बलक भलई स बरई क जत ल।
वह जयत अधकर म चमकत ह, और अधकर न उस गरहण नह कय।
परत परमशवर क धनयवद ह ज हम सदव मसह म वजय-उतसव म लए चलत ह और हमर दवर अपन जञन क सगध हर जगह फलत ह;
तम कस बत म जस कषम करत ह, उस म भ कषम करत ह; कयक मन ज कछ कषम कय ह, यद कय ह त उस मसह क उपसथत म तमहर ह करण कय ह, क कह ऐस न ह क शतन हमस कछ लभ उठए, कयक हम उसक यकतय स अनजन नह ह।
"ज जय पए उस म अपन सथ अपन सहसन पर बठऊग, जस म भ जय पकर अपन पत क सथ उसक सहसन पर बठ ह।
"ज जय पए उस म अपन सथ अपन सहसन पर बठऊग, जस म भ जय पकर अपन पत क सथ उसक सहसन पर बठ ह।
"ज जय पए उस इस परकर शवत वसतर पहनए जएग, और म उसक नम जवन क पसतक म स कभ नह मटऊग, बलक अपन पत और उसक सवरगदत क समन उसक नम सवकर कर लग।
Força e coragem divina
Deus é nosso escudo e fortaleza. Quando o medo tenta nos paralisar, a presença do Senhor nos fortalece e nos encoraja a prosseguir.
यहव मर जयत और मर उदधर ह;
म कसस डर?
यहव मर जवन क दढ़ गढ़ ह;
म कसस भयभत हऊ?
परत ह यहव, त त मर चर ओर मर ढल ह,
त मर महम ह, और मर सर क ऊच उठनवल ह।
कयक म अपन धनष पर भरस नह रखत,
और न मर तलवर
मझ वजय दलत ह।
बलक तन ह हम
हमर शतरओ स बचय ह,
और ज हमस घण रखत ह
उनह लजजत कय ह।
हम नरतर अपन परमशवर क
बड़ई करत रहत ह;
हम तर नम क
धनयवद सद-सरवद करत रहग।
सल।
ह यहव, वनत सन, बच ल!
ह यहव, वनत सन, सफलत द!
धनय ह वह ज यहव क नम स आत ह।
हम तमह यहव क घर स आशष दत ह।
म मसह म, ज मझ समरथय दत ह, सब कछ कर सकत ह।
बचच, तम परमशवर क ह और तमन झठ भवषयवकतओ पर जय पई ह, कयक ज तमम ह वह उसस ज ससर म ह, कह अधक बढ़कर ह।
बचच, तम परमशवर क ह और तमन झठ भवषयवकतओ पर जय पई ह, कयक ज तमम ह वह उसस ज ससर म ह, कह अधक बढ़कर ह।
Resistindo a tentação
A armadura de Deus nos protege contra as investidas do mal. Resistir ao diabo, vigiar e orar são essenciais para a superação espiritual.
अतत परभ म और उसक शकत क परभव म बलवत बन। परमशवर क समसत हथयर धरण कर ल क तम शतन क यकतय क वरदध खड़ रह सक; कयक हमर सघरष लह और मस स नह बलक परधन, अधकरय, इस अधकर क यग क ससरक शकतय और दषट क उन आतमक शकतय स ह ज आकश म ह। इसलए, परमशवर क समसत हथयर उठ ल तक तम बर दन क समन कर सक, और सब कछ पर करक सथर खड़ रह सक। अत सतय स अपन कमर कसकर, और धरमकत क कवच पहनकर, और पर म मल क ससमचर क तयर क जत पहनकर, और इन सब क सथ वशवस क ढल लकर सथर खड़ रह, जसक दवर तम दषट क सब जलत हए तर क बझ सकग; और उदधर क टप और आतम क तलवर, ज परमशवर क वचन ह, ल ल।
क तम पछल आचरण क परन मनषयतव क उतर डल ज भरमनवल अभलषओ क अनसर भरषट हत जत ह, और अपन मन क आतमक सवभव म नए बनत जओ, और नए मनषयतव क पहन ल ज परमशवर क अनरप सतय क धरमकत और पवतरत म सज गय ह।
करध त कर पर पप मत कर; सरयसत हन तक तमहर करध बन न रह, और न शतन क अवसर द।
इसलए परमशवर क अधन ह जओ; शतन क समन कर, और वह तमहर पस स भग जएग। परमशवर क नकट आओ, और वह तमहर नकट आएग। ह पपय, अपन हथ क शदध कर; ह दचतत, अपन हदय क शदध कर।
परभ क समन दन बन और वह तमह ऊच उठएग।
धनय ह वह मनषय ज परकष म धरज धरत ह कयक वह खर उतरकर जवन क वह मकट पएग जसक परतजञ परभ न अपन परम रखनवल स क ह। परकष क समय कई यह न कह क मर परकष परमशवर क ओर स क ज रह ह; कयक परमशवर क न त बर बत स परकष ह सकत ह, और न वह सवय कस क परकष करत ह। परत परतयक वयकत अपन ह अभलष दवर खचकर और फसकर परकष म पड़त ह; फर अभलष गरभवत हकर पप क जनम दत ह, और पप बढ़कर मतय क उतपनन करत ह।
तम कस ऐस परकष म नह पड़ ह ज मनषय क सहन स बहर ह। परमशवर वशवसयगय ह और वह तमह समरथय स बहर परकष म पड़न नह दग, बलक परकष क सथ-सथ बचन क उपय भ करग क तम उस सह सक।
वशवस क अचछ कशत लड़; और उस अनत जवन क थम ल, जसक लए त बलय गय और जसक तन बहत स गवह क समन उततम सकष द थ।
परत ज धन हन चहत ह व ऐस परकष, फद और अनक मरखतपरण तथ हनकरक अभलषओ म पड़ जत ह ज मनषय क पतन और वनश क समदर म डब दत ह।
Perseverança até o fim
A corrida da fé exige perseverança. Devemos lançar fora todo peso e olhar para Jesus, o autor e consumador da nossa fé.
इसलए जब गवह क इतन बड़ बदल हम घर हए ह, त आओ, हम भ परतयक बध और उलझनवल पप क दर करक उस दड़ क धरज स दड़ ज हमर समन ह;
इसलए उस पर धयन द जसन अपन वरदध पपय क इतन वरध सह क तम थककर हतश न ह जओ।
कयक जब उसन सवय परकष क समय दख उठय, त वह उनक भ सहयत कर सकत ह जनक परकष हत ह।
सचत और जगत रह। तमहर वरध शतन, गरजनवल सह क समन इस तक म रहत ह क कसक फड़ खए। वशवस म दढ़ हकर उसक समन कर और यह जन ल क तमहर भई ज इस ससर म ह, इस परकर दख सह रह ह। अब परमशवर ज समसत अनगरह क दत ह, और जसन तमह मसह म अपन अनत महम क लए बलय ह, वह तमहर थड़ दर तक दख उठन क बद सवय तमह सदध, ढढ़, बलवत और सथर करग।
सचत और जगत रह। तमहर वरध शतन, गरजनवल सह क समन इस तक म रहत ह क कसक फड़ खए।
कन हम मसह क परम स अलग करग? कय कलश, य वपतत, य सतव, य अकल, य नगई, य सकट, य तलवर?
हम जनत ह क ज लग परमशवर स परम रखत ह अरथत ज उसक उददशय क अनसर बलए गए ह, उनक लए वह सब बत क मलकर भलई ह उतपनन करत ह।
परभ मझ हर बर करय स बचएग और अपन सवरगय रजय म सरकषत पहचएग। उसक महम यगनयग हत रह। आमन।
परत परभ वशवसयगय ह, वह तमह दढ़ करग और उस दषट स बचएग।
Descanso e renovação
Jesus convida os cansados e sobrecarregados a descansar nele. Sua graça é suficiente para nos renovar em meio às tribulações.
ह सब परशरम करनवल और बझ स दब हए लग, मर पस आओ, म तमह वशरम दग।
तमहर जवन लभ-रहत ह और ज तमहर पस ह उसम सतषट रह। उसन सवय कह ह : म तझ कभ न छड़ग, और न कभ तयगग।
कयक परमशवर क लए कछ भ असभव नह ह।"
उसन उनस कह,"कय स रह ह? उठ और पररथन करत रह क तम परकष म न पड़।"
उस सथन पर पहचकर उसन उनस कह,"पररथन करत रह क तम परकष म न पड़।"
दख, मन तमह सप और बचछओ क रदन क और शतर क सर शकत पर अधकर दय ह; और तमह कस स कछ भ हन न हग।
जगत और पररथन करत रह क तम परकष म न पड़; आतम त तयर ह परत दह दरबल ह।"
ज पप करत ह वह शतन स ह कयक शतन आरभ ह स पप करत आय ह। परमशवर क पतर इसलए परकट हआ क वह शतन क करय क नश कर।
ह बचच, म तमह इसलए लख रह ह, कयक यश क नम क करण तमहर पप कषम हए ह। पतओ, म तमह इसलए लख रह ह, कयक तम उस जन गए ह ज आद स ह। यवक, म तमह इसलए लख रह ह, कयक तमन उस दषट पर जय पई ह। बचच, मन तमह इसलए लख कयक तम पत क जन गए ह। पतओ, मन तमह इसलए लख कयक तम उस जन गए ह ज आद स ह। यवक, मन तमह इसलए लख कयक तम बलवत ह और परमशवर क वचन तमम बन रहत ह और तमन उस दषट पर जय पई ह।
ससर स परम न रख, और न ससर क वसतओ स। यद कई ससर स परम रखत ह, त उसम पत क परम नह ह।
कय तम नह जनत क तमहर दह मसह क अग ह? त कय म मसह क अग क लकर वशय क अग बनऊ? कदप नह! य कय तम नह जनत क ज वशय स जड़ जत ह वह उसक सथ एक तन ह जत ह? कयक कह गय ह : व दन एक तन हग। परत ज परभ स जड़ जत ह, वह उसक सथ एक आतम ह जत ह। वयभचर स भग; अनय सब पप ज मनषय करत ह दह क बहर हत ह, परत वयभचर करनवल अपन ह दह क वरदध पप करत ह। कय तम यह नह जनत क तमहर दह पवतर आतम क मदर ह ज तमम ह, और परमशवर क ओर स तमह मल ह? और तम अपन नह ह, कयक तम मलय दकर खरद गए ह। इसलए अपन दह क दवर परमशवर क महम कर।
परत म कहत ह, आतम क अनसर चल, त तम शरर क अभलषओ क कस भ रत स पर नह करग। कयक शरर आतम क वरदध ललस करत ह और आतम शरर क वरदध। य एक दसर क वरध ह तक तम उन करय क न कर सक ज तम करन चहत ह।