Tentação
A tentação faz parte da jornada cristã, mas Deus é fiel e não permite que sejamos tentados além do que podemos suportar. Em Cristo, temos poder para resistir e vencer.
A realidade da tentação
Jesus foi tentado em tudo como nós e compreende nossas lutas. A Bíblia nos ensina que a tentação não é pecado — o pecado está em ceder a ela.
काबरकि हमर महा पुरोहित अइसने नो हय, जऊन ह हमर कमजोरी म, हमर संग सहानुभूति नइं रखय, पर हमर महा पुरोहित हमर सहीं हर किसम ले परखे गीस, पर ओह पाप नइं करिस।
जिहां सैतान ह चालीस दिन तक ओकर परिछा करिस। यीसू ह ओ चालीस दिन तक कुछू नइं खाईस, अऊ तब ओला भूख लगिस।
जब काकरो परिछा होथे, त ओह ये झन कहय कि मोर परिछा परमेसर ह करत हवय, काबरकि न तो खराप बात ले परमेसर के परिछा हो सकथे अऊ न ही ओह काकरो परिछा खुद करथे।
काबरकि तुमन जानत हव कि तुम्हर बिसवास के परखे जाय ले तुम्हर धीरज ह बढ़थे।
O escape providenciado
Deus sempre providencia uma saída. Não precisamos cair, pois Ele nos dá forças para resistir e promete nos livrar da provação.
तुमन कोनो अइसने परिछा म नइं पड़े हवव, जऊन ह मनखे के सहे के बाहिर ए। परमेसर ह बिसवासयोग्य अय अऊ ओह तुमन ला तुम्हर सक्ति ले बाहिर परिछा म पड़न नइं देवय। पर जब तुमन परिछा म पड़ जावव, त ओह तुमन ला परिछा ले बाहिर निकले के उपाय घलो बताही, ताकि तुमन ओला सह सकव।
जब अइसने बात ए, तब परभू ह जानथे कि धरमी मनखेमन ला परिछा म ले कइसने निकालथें अऊ अधरमीमन ला कइसने सजा देवत नियाय के दिन बर रखथें।
अऊ हमन ला परिछा म झन पड़न दे,
पर हमन ला बुरई ले बचा,
काबरकि राज, अऊ पराकरम अऊ महिमा सदाकाल तक तोर अय। आमीन।’
हे परभू, मोर जम्मो ईछा ला तेंह जानत हस;
मोर आह भरई ह तोर ले नइं छुपे हे।
Vigilância e resistência
A Palavra de Deus, a oração e a vigilância são nossas armas contra a tentação. Vigiar e orar é o conselho do próprio Jesus.
जागत रहव अऊ पराथना करव, ताकि तुमन परिछा म झन पड़व। आतमा त तियार हवय, फेर देहें ह दुरबल अय।"
जऊन बीजा ह कंटिली झाड़ीमन के बीच म बोय गे रिहिस, येह ओ मनखे अय, जऊन ह बचन ला सुनथे, पर ये जिनगी के चिंता अऊ धन के लोभ ह बचन ला दबा देथे अऊ ओह फर नइं लानय।
फेर ओह कहिस, "जऊन ह मनखे के भीतर ले निकलथे, ओहीच ह ओला असुध करथे। काबरकि भीतर ले याने कि मनखे के हिरदय ले खराप बिचार—छिनारीपन, चोरी, हतिया, बेभिचार, लोभ, दुस्टता, छल, उघरापन, जलन, निन्दा, अहंकार अऊ गंवारपन निकलथे। ये जम्मो खराप चीज हिरदय के भीतर ले निकलथे अऊ मनखे ला असुध करथे।"
हे भाईमन हो, यदि कोनो मनखे ह कोनो पाप म पड़ जाथे, त तुमन जऊन मन पबितर आतमा के चलाय चलथव, ओला नमरता से संभालव। पर अपन धियान रखव कि कहूं तुमन घलो परिछा म झन पड़ जावव।
या का अइसे हो सकथे कि कोनो मनखे आगी म रेंगे
अऊ ओकर पांव ह नइं झुलसय?
धइन ए ओ मनखे, जऊन ह जिनगी के परिछा म डोले नइं; काबरकि ओह चोखा निकलके जिनगी के ओ मुकुट ला पाही, जेकर वायदा परभू ह अपन मया करइयामन ले करे हवय।