Trabalhar para Deus
Trabalhar para Deus vai além do ofício secular. É dedicar a vida inteira — palavras, ações e atitudes — ao serviço do Reino, reconhecendo que cada tarefa pode glorificar o Senhor.
Servindo ao Senhor em tudo
Quando trabalhamos como para Deus, cada ação se torna um ato de adoração. Não importa a tarefa — o que importa é o coração dedicado.
जो कुछ भी आप करते हैं उसे पूरी लग्न के साथ करें, इस तरह जैसा कि आप न सिर्फ़ इनसानों की बल्कि ख़ुदावंद की ख़िदमत कर रहे हूँ। आप तो जानते हैं कि ख़ुदावंद आपको इसके मुआवज़े में वह मीरास देगा जिसका वादा उसने किया है। हक़ीक़त में आप ख़ुदावंद मसीह की ही ख़िदमत कर रहे हैं।
अपने आपको अल्लाह के सामने यों पेश करने की पूरी कोशिश करें कि आप मक़बूल साबित हों, कि आप ऐसा मज़दूर निकलें जिसे अपने काम से शर्माने की ज़रूरत न हो बल्कि जो सहीह तौर पर अल्लाह का सच्चा कलाम पेश करे।
कलामे-मुक़द्दस को न सिर्फ़ सुनें बल्कि उस पर अमल भी करें, वरना आप अपने आपको फ़रेब देंगे।
अपनी इज़्ज़त इसमें बरक़रार रखें कि आप सुकून से ज़िंदगी गुज़ारें, अपने फ़रायज़ अदा करें और अपने हाथों से काम करें, जिस तरह हमने आपको कह दिया था। जब आप ऐसा करेंगे तो ग़ैरईमानदार आपकी क़दर करेंगे और आप किसी भी चीज़ के मुहताज नहीं रहेंगे।
Chamados para as boas obras
Fomos criados em Cristo Jesus para boas obras, que Deus preparou de antemão para que andássemos nelas. Não somos salvos por obras, mas para obras.
हाँ, हम उसी की मख़लूक़ हैं जिन्हें उसने मसीह में नेक काम करने के लिए ख़लक़ किया है। और यह काम उसने पहले से हमारे लिए तैयार कर रखे हैं, क्योंकि वह चाहता है कि हम उन्हें सरंजाम देते हुए ज़िंदगी गुज़ारें।
लेकिन हम जानते हैं कि इनसान को शरीअत की पैरवी करने से रास्तबाज़ नहीं ठहराया जाता बल्कि ईसा मसीह पर ईमान लाने से। हम भी मसीह ईसा पर ईमान लाए हैं ताकि हमें रास्तबाज़ क़रार दिया जाए, शरीअत की पैरवी करने से नहीं बल्कि मसीह पर ईमान लाने से। क्योंकि शरीअत की पैरवी करने से किसी को भी रास्तबाज़ क़रार नहीं दिया जाएगा।
और अल्लाह इस क़ाबिल है कि आपको आपकी ज़रूरियात से कहीं ज़्यादा दे। फिर आपके पास हर वक़्त और हर लिहाज़ से काफ़ी होगा बल्कि इतना ज़्यादा कि आप हर क़िस्म का नेक काम कर सकेंगे।
रूहानी तरक़्क़ी का राज़
मेरे अज़ीज़ो, जब मैं आपके पास था तो आप हमेशा फ़रमाँबरदार रहे। अब जब मैं ग़ैरहाज़िर हूँ तो इसकी कहीं ज़्यादा ज़रूरत है। चुनाँचे डरते और काँपते हुए जाँफ़िशानी करते रहें ताकि आपकी नजात तकमील तक पहुँचे। क्योंकि ख़ुदा ही आपमें वह कुछ करने की ख़ाहिश पैदा करता है जो उसे पसंद है, और वही आपको यह पूरा करने की ताक़त देता है।
सब कुछ बुड़बुड़ाए और बहस-मुबाहसा किए बग़ैर करें ताकि आप बेइलज़ाम और पाक होकर अल्लाह के बेदाग़ फ़रज़ंद साबित हो जाएँ, ऐसे लोग जो एक टेढ़ी और उलटी नसल के दरमियान ही आसमान के सितारों की तरह चमकते-दमकते और ज़िंदगी का कलाम थामे रखते हैं। फिर मैं मसीह की आमद के दिन फ़ख़र कर सकूँगा कि न मैं रायगाँ दौड़ा, न बेफ़ायदा जिद्दो-जहद की।
A missão do cristão
O chamado a trabalhar para Deus inclui a Grande Comissão: fazer discípulos de todas as nações, cooperando com Ele na expansão do Reino.
इसलिए जाओ, तमाम क़ौमों को शागिर्द बनाकर उन्हें बाप, फ़रज़ंद और रूहुल-क़ुद्स के नाम से बपतिस्मा दो।
जो भी ईमान लाकर बपतिस्मा ले उसे नजात मिलेगी। लेकिन जो ईमान न लाए उसे मुजरिम क़रार दिया जाएगा।
क्योंकि हम अल्लाह के मुआविन हैं जबकि आप अल्लाह का खेत और उस की इमारत हैं।
क्योंकि लाज़िम है कि हम सब मसीह के तख़्ते-अदालत के सामने हाज़िर हो जाएँ। वहाँ हर एक को उस काम का अज्र मिलेगा जो उसने अपने बदन में रहते हुए किया है, ख़ाह वह अच्छा था या बुरा।