O que significa ser uma só carne no casamento
O que significa ser uma só carne
A expressão "uma só carne" define a união total entre marido e mulher estabelecida por Deus na criação: não apenas um encontro físico, mas a fusão profunda de duas vidas, vontades e propósitos em uma nova realidade indivisível. A frase surge em Gênesis quando Deus apresenta Eva a Adão, estabelecendo o padrão do casamento bíblico.
Antes de formarem um novo lar, o texto bíblico exige uma ruptura saudável com a família de origem: o homem deixa pai e mãe para se apegar à sua esposa. Jesus resgatou esse mesmo mandamento nos Evangelhos para lembrar que o casamento é uma aliança feita diante do próprio Deus — e que o ser humano não tem autoridade para separar o que o Criador uniu.
तौ प्रभु परमेस्वर बौ आदमी कै गहरी नींद मैं सुबाए दई, और जब बौ आदमी सोत रहै, तौ परमेस्वर बौ आदमी की एक पुसरिया निकारी और बाकी जघा मैं बामैं माँस भर दई। प्रभु परमेस्वर बौ पुसरिया से जो बौ आदमी से निकारी रहै, बासे एक बईय्यर बनाई; और बौ बाके झोने लै आई। फिर बौ आदमी कहथै,
"आखिरकार, जौ मेरिये तराहनी है -
जौ मेरी हड्डी मैं की हड्डी है, और मेरे माँस मैं को माँस है,
और जहे बजे से जाको नाओं ‘बईय्यर’ होगो, काहैकि जाकै लोग मैं से निकारो गौ है।"
जहे बजह से आदमी अपने अईय्या-दऊवा कै छोड़कै अपनी बईय्यर से मिलो रहेगो, और बे एक तन मैं बने रहेंगे।(उत्पत्ति 2:21-24)
फिर प्रभु परमेस्वर कही, "आदमी को अकेलो रहनो अच्छो नाय है। मैं बाके ताहीं एक ऐसो सहायक बनांगो जो बाके ताहीं सई होबै।"(उत्पत्ति 2:18)
तौ परमेस्वर अपने स्वरूप इंसान जाति कै बनाई, और परमेस्वर के स्वरूप मैं बौ इंसान कै बनाई, परमेस्वर उनकै नर और नारी के रूप मैं बनाई।(उत्पत्ति 1:27)
ईसु जबाब दई, "का तुम ना पढ़े, कि दुनिया कै बनानबारो सुरुए मैं एक आदमी और बईय्यर के रूप मैं रची रहै? और कही रहै ‘जौ बजह से इंसान अपने अईय्या-दऊवा कै छोड़कै आदमी अपनी बईय्यर के संग दुई होत भै भी एक सरीर हीकै रहेंगे।’ तभई बे अब दुई नाय, पर एक तन हैं जोकै परमेस्वर जोड़ी है, बाकै इंसान अलग ना करै।"(मत्ती 19:4-6)
सास्त्र ऐसो कहथै, जौ दुनिया की सुरुवात से परमेस्वर लोग और बईय्यर करकै उनकै बनाई है। तौ जहे बजह से आदमी अपनी अईय्या और दऊवा से अलग हुईकै अपनी बईय्यर के संग रहागो, तौ बे दोनों एक तन हीकै एक संग रहमंगे; काहैकि अब बे दुई नाय बल्किन एक सरीर हैं। काहैकि जोकै परमेस्वर जोड़ी है, उनकै आदमी अलग नाय करै।"(मरकुस 10:6-9)
O mistério que aponta para Cristo
No Novo Testamento, o apóstolo Paulo aprofunda essa união ao chamá-la de "grande mistério". Para ele, a forma como marido e mulher cuidam um do outro reflete a própria relação de entrega e cuidado entre Cristo e a Sua Igreja.
Quem ama seu cônjuge está, na prática, amando a si mesmo, porque ambos agora compartilham a mesma vida. Por essa razão, a fidelidade do casal é também um testemunho espiritual: o profeta Malaquias lembra que Deus busca uma descendência piedosa e abomina a quebra dessa aliança.
अपनी बईय्यर से ऐसो प्रेम करनो चाहिए जैसो अपने सरीर से करथौ। एक आदमी जो अपनी बईय्यर से प्रेम करथै बौ अपने आप से प्रेम करथै। हममैं से कोईये अपने सरीर कै कहुओ घिनौनाे नाय मानथै। जाके अलावा हम बाकै खबाथैं, और बाकी देखाभारी करथैं; जैसो मसीह कलीसिया की करथै। हम बाके सरीर के हिस्सा हैं। जैसे कि सास्त्र कहथै, "जौ बजह से लोग अपने बाबा और अईय्या के घर कै छोड़ देंगे और अपनी बईय्यर के संग एक हुईकै मिलो रहगो, और दोनों एक हुई जांगे।" जौ लुकी भइ बात गहरी और सच्ची है, जो सास्त्र मैं प्रकट करी गई है और बौ मेरे अनुसार मसीह और कलीसिया के बारे मैं है। लेकिन जौ तुमरे ऊपर लागू है: सब लोगन कै अपनी बईय्यर से प्रेम करनो चाहिए, और सब बईंय्यरन कै अपने लोगा को आदर करनो चाहिए।(इफिसियों 5:28-33)
का तुम नाय जानथौ, की तुमरो सरीर मसीह को अंग है? तौ का मैं मसीह के सरीर को अंग लैकै उनकै वेस्या को अंग बनामौं? कतई नाय! का तुम नाय जानथौ की जो कोई वेस्या से संगती रखथै, बौ बाके संग एक सरीर हुई जाथै सास्त्र कहथै, "बे दोनों एक तन होंगे।" और जो प्रभु की संगती मैं रहथै, बौ बाके संग एक आत्मा हुई जाथै।(1 कुरिन्थियों 6:15-17)
Como praticar essa unidade no casamento
Viver como uma só carne exige verdade contínua e exclusividade diária. Não há espaço para vida dupla, mentiras ou divisões dentro de um mesmo corpo: a franqueza protege a intimidade, o perdão restabelece a paz e a lealdade guarda o coração contra armadilhas fora do casamento.
जे सब गुड़न के ऊपर प्रेम कै जो सिद्धता की कमरबंद है भाँद लेबौ। मसीह की सांति, जोके ताहीं तुम एक सरीर हुईकै बुलाए गै हौ, तुमरे मन मैं राज करै, और तुम धन्यबादी बने रहबौ।(कुलुस्सियों 3:14,15)
जौ बजह से झूठ बोलनो छोड़कै सब अपने परोसिन से सच्ची बोलौ, काहैकि हम आपस मैं एक दुसरे के अंग हैं।(इफिसियों 4:25)
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