Verdade
A verdade é um dos atributos centrais de Deus e um pilar da vida cristã. Jesus se declarou o caminho, a verdade e a vida. Viver na verdade é viver em liberdade e integridade.
Deus é a fonte da verdade
O Senhor é fiel e verdadeiro em todas as suas palavras. Sua Palavra é a verdade absoluta que ilumina nosso caminho e nos sustenta.
यीशु ने उससे कहा, "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँमार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ: उनके कहने का मतलब यह हैं कि, वे और अन्य सभी केवल उन्हीं के माध्यम से परमेश्वर के पास पहुँच सकते है।; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता।
और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हमने उसकी ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। (1 यूह. 4:9)
क्योंकि यहोवा का वचन सीधा हैक्योंकि यहोवा का वचन सीधा है: परमेश्वर की आज्ञा विधान प्रतिज्ञाएँ। वह जो भी कहता है सही वरन् सत्य है। ;
और उसका सब काम निष्पक्षता से होता है।
परमेश्वर का एक-एक वचन ताया हुआ है;
वह अपने शरणागतों की ढाल ठहरा है।
और यह भी जानते हैं, कि परमेश्वर का पुत्र आ गया है और उसने हमें समझ दी है, कि हम उस सच्चे को पहचानें, और हम उसमें जो सत्य है, अर्थात् उसके पुत्र यीशु मसीह में रहते हैं। सच्चा परमेश्वर और अनन्त जीवन यही है।
O Espírito da verdade
Jesus prometeu enviar o Espírito Santo, o Espírito da verdade, que nos guia, ensina e nos faz lembrar de tudo o que Cristo disse.
फिर भी मैं तुम से सच कहता हूँ, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है, क्योंकि यदि मैं न जाऊँ, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा, परन्तु यदि मैं जाऊँगा, तो उसे तुम्हारे पास भेज दूँगा।
परन्तु जब वह सहायक आएगा, जिसे मैं तुम्हारे पास पिता की ओर से भेजूँगा, अर्थात् सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा।
और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उसकी ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इसका प्रयोजन नहीं, कि कोई तुम्हें सिखाए, वरन् जैसे वह अभिषेक जो उसकी ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं और जैसा उसने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उसमें बने रहते हो। (यूह. 14:26)
परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी आराधना करनेवाले आत्मा और सच्चाई से आराधना करें।"
A verdade liberta
Jesus prometeu que conhecer a verdade nos torna livres. A mentira aprisiona, mas a verdade de Deus nos conduz à plenitude.
सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा
तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्होंने उस पर विश्वास किया था, कहा, "यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे। और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा।"
मैंने सच्चाई का मार्ग चुन लिया है,
तेरे नियमों की ओर मैं चित्त लगाए रहता हूँ।
मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे,
क्योंकि तू मेरा उद्धार करनेवाला परमेश्वर है;
मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूँ।
अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।
उसने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उसकी सृष्टि किए हुए प्राणियों के बीच पहले फल के समान हो।
Vivendo e falando a verdade
Somos chamados a falar a verdade em amor e a rejeitar toda forma de engano. A integridade nas palavras é marca do cristão.
वरन् प्रेम में सच बोलें और सब बातों में उसमें जो सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएँ,
इन बातों पर ध्यान लगाओ
इसलिए, हे भाइयों, जो-जो बातें सत्य हैं, और जो-जो बातें आदरणीय हैं, और जो-जो बातें उचित हैं, और जो-जो बातें पवित्र हैं, और जो-जो बातें सुहावनी हैं, और जो-जो बातें मनभावनी हैं, अर्थात्, जो भी सद्गुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगाया करो।
वह जो सिधाई से चलतावह जो सिधाई से चलता: अर्थात् जो सिद्ध जीवन जीता और सिद्ध आचरण रखता है। और धर्म के काम करता है,
और हृदय से सच बोलता है;
जो अपनी जीभ से अपमान नहीं करता,
और न अन्य लोगों की बुराई करता,
और न अपने पड़ोसी का अपमान सुनता है;
अपनी जीभ को बुराई से रोक रख,
और अपने मुँह की चौकसी कर कि
उससे छल की बात न निकले। (याकू. 1:26)
धर्मी ग्रहणयोग्य बात समझकर बोलता है,
परन्तु दुष्टों के मुँह से उलट-फेर की बातें निकलती हैं।
टेढ़ी बात अपने मुँह से मत बोल,
और चालबाजी की बातें कहना तुझ से दूर रहे।
पर हे मेरे भाइयों, सबसे श्रेष्ठ बात यह है, कि शपथ न खाना; न स्वर्ग की न पृथ्वी की, न किसी और वस्तु की, पर तुम्हारी बातचीत हाँ की हाँ, और नहीं की नहीं हो, कि तुम दण्ड के योग्य न ठहरो।
हे मेरे प्रिय बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अंधकार में चलें, तो हम झूठ बोलते हैं और सत्य पर नहीं चलते।
मुझे इससे बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूँ, कि मेरे बच्चे सत्य पर चलते हैं।
विश्वास के नायक
अब विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और अनदेखी वस्तुओं का प्रमाण है।