Vícios
A Bíblia nos alerta contra os vícios e comportamentos destrutivos. Deus nos chama à liberdade em Cristo, não à escravidão de desejos e hábitos que consomem corpo e alma.
A escravidão do pecado
Todo vício é uma forma de escravidão. Jesus veio para libertar os cativos e restaurar a verdadeira liberdade dos filhos de Deus.
यीशु ने उन्हें उत्तर दिया,"मैं तुमसे सच-सच कहता हूँ कि प्रत्येक जो पाप करता है, वह पाप का दास है।
इसलिए यदि पुत्र तुम्हें स्वतंत्र करता है, तो तुम वास्तव में स्वतंत्र हो जाओगे।
इसलिए यदि पुत्र तुम्हें स्वतंत्र करता है, तो तुम वास्तव में स्वतंत्र हो जाओगे।
तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्होंने उस पर विश्वास किया था, कहा,"यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे तो सचमुच मेरे शिष्य ठहरोगे, और तुम सत्य को जानोगे और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा।"
मसीह ने स्वतंत्रता के लिए हमें स्वतंत्र किया है; इसलिए स्थिर रहो और दासत्व के जुए में फिर से न जुतो।
क्या तुम नहीं जानते कि जिसकी आज्ञा मानने के लिए तुम अपने आपको दासों के समान सौंप देते हो, तो तुम उसी के दास बन जाते हो जिसकी तुम आज्ञा मानते हो—चाहे पाप के जिसका परिणाम मृत्यु है, या आज्ञाकारिता के जिसका परिणाम धार्मिकता है?
Resistência e domínio próprio
O fruto do Espírito inclui o domínio próprio. O cristão é chamado a ter controle sobre seus desejos, resistir à tentação e vigiar contra as obras da carne.
डाह, मतवालापन, रंगरेलियाँ, तथा ऐसे और भी कार्य हैं जिनके विषय में मैं तुम्हें पहले ही कह देता हूँ, जैसा मैं पहले भी कह चुका हूँ कि ऐसे कार्य करनेवाले परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी नहीं होंगे।
नम्रता और संयम है। ऐसी बातों के विरुद्ध कोई व्यवस्था नहीं है।
सब वस्तुएँ मेरे लिए उचित तो हैं, परंतु सब वस्तुएँ लाभ की नहीं। सब वस्तुएँ मेरे लिए उचित तो हैं, परंतु मैं किसी वस्तु के अधीन नहीं होऊँगा।
सब वस्तुएँ मेरे लिए उचित तो हैं, परंतु सब वस्तुएँ लाभ की नहीं। सब वस्तुएँ मेरे लिए उचित तो हैं, परंतु मैं किसी वस्तु के अधीन नहीं होऊँगा।
बल्कि मैं अपनी देह को ताड़ना देता और वश में लाता हूँ, कहीं ऐसा न हो कि दूसरों को तो प्रचार करूँ पर स्वयं अयोग्य ठहरूँ।
तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े हो जो मनुष्य के सहने से बाहर है। परमेश्वर विश्वासयोग्य है और वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में पड़ने नहीं देगा, बल्कि परीक्षा के साथ-साथ बचने का उपाय भी करेगा कि तुम उसे सह सको।
तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े हो जो मनुष्य के सहने से बाहर है। परमेश्वर विश्वासयोग्य है और वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में पड़ने नहीं देगा, बल्कि परीक्षा के साथ-साथ बचने का उपाय भी करेगा कि तुम उसे सह सको।
जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो; आत्मा तो तैयार है परंतु देह दुर्बल है।"
इसलिए परमेश्वर के अधीन हो जाओ; शैतान का सामना करो, और वह तुम्हारे पास से भाग जाएगा।
यह जानते हुए कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है।
Libertação e renovação
Em Cristo somos libertos de toda forma de dependência. Pela renovação da mente, aprendemos a discernir e rejeitar o que nos prende.
अतः हे भाइयो, परमेश्वर की दया स्मरण दिलाकर मैं तुमसे आग्रह करता हूँ कि अपने शरीरों को जीवित, पवित्र और परमेश्वर को भावते हुए बलिदान के रूप में अर्पित करो, यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। इस संसार के सदृश्य न बनो, बल्कि अपने मन के नए हो जाने के द्वारा तुम परिवर्तित होते जाओ, जिससे तुम परमेश्वर की इच्छा को पहचान सको, जो भली, ग्रहणयोग्य और सिद्ध है।
इसी प्रकार तुम भी अपने आपको पाप के लिए तो मरा हुआ, परंतु मसीह यीशु में परमेश्वर के लिए जीवित समझो।
इसलिए पाप तुम्हारे मरणशील देह पर राज्य न करे, ऐसा न हो कि तुम उसकी लालसाओं के अधीन हो जाओ, और अपने अंगों को अधर्म के हथियार होने के लिए पाप को सौंप दो, बल्कि तुम अपने आपको मृतकों में से जीवित जानकर अपने अंगों को धार्मिकता के हथियार होने के लिए परमेश्वर को सौंप दो।
क्योंकि यदि हम उसकी मृत्यु की समानता में जुड़े हैं, तो वैसे ही उसके पुनरुत्थान की समानता में भी होंगे। हम यह जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया ताकि पाप की देह निष्क्रिय हो जाए, और हम फिर पाप के दासत्व में न रहें;
परमेश्वर का अनुग्रह सब मनुष्यों के उद्धार के लिए प्रकट हुआ है, और हमें सिखाता है कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं का इनकार करके इस युग में संयम, धार्मिकता और भक्ति का जीवन बिताएँ,
ताकि शरीर में अपना शेष जीवन मनुष्यों की लालसाओं के अनुसार नहीं बल्कि परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिताओ। क्योंकि तुमने पहले ही बहुत समय गैरयहूदियों की इच्छा के अनुसार काम करने, कामुकता, लालसाओं, मतवालेपन, रंगरेलियों, पियक्कड़पन और घृणित मूर्तिपूजा में पड़कर गँवा दिया है। वे इस बात से चकित होते हैं कि तुम अब ऐसे भारी दुराचार में उनका साथ नहीं देते, और इसलिए वे तुम्हारी निंदा करते हैं; वे तो उसे अपना लेखा देंगे, जो जीवितों और मृतकों का न्याय करने को तैयार है। क्योंकि मृतकों को भी सुसमाचार इस कारण सुनाया गया, कि शरीर में भले ही उनका न्याय मनुष्यों की रीति पर हुआ, पर आत्मा में वे परमेश्वर की रीति पर जीवित रहें।
सब बातों का अंत निकट आ गया है। इसलिए संयमी बनो, और प्रार्थना के लिए सचेत रहो,
यदि हम कहें कि हममें पाप नहीं, तो हम अपने आपको धोखा देते हैं और हममें सत्य नहीं। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
जो अपने अपराध छिपाता है वह सफल नहीं होगा,
परंतु जो उन्हें मानकर छोड़ देता है
उस पर दया की जाएगी।
O corpo como templo
Nosso corpo é templo do Espírito Santo. Devemos honrar a Deus com o corpo, fugindo da embriaguez, da imoralidade e de toda impureza.
क्या तुम यह नहीं जानते कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मंदिर है जो तुममें है, और परमेश्वर की ओर से तुम्हें मिला है? और तुम अपने नहीं हो,
या क्या तुम नहीं जानते कि अधर्मी लोग परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी नहीं होंगे? धोखा न खाओ : न व्यभिचारी, न मूर्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न किसी भी प्रकार के समलैंगिक, न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले और न लुटेरे परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी होंगे। तुममें से कुछ ऐसे ही थे, परंतु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम में और हमारे परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धोए गए, पवित्र किए गए और धर्मी ठहराए गए हो।
मदिरा पीकर मतवाले न बनो, इससे दुराचार होता है, बल्कि आत्मा में परिपूर्ण होते जाओ,
दाखमधु ठट्ठा करनेवाला और मदिरा हल्ला मचानेवाली है;
जो कोई उनसे मतवाला होता है,
वह बुद्धिमान नहीं होता।
अब से केवल पानी ही न पी, बल्कि अपने पेट और बार-बार हो रही बीमारियों के कारण थोड़े दाखरस का भी उपयोग कर लिया कर।
क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, आँखों की लालसा और धन-संपत्ति का घमंड, वह सब पिता की ओर से नहीं बल्कि संसार की ओर से है।
सचेत और जागते रहो। तुम्हारा विरोधी शैतान, गरजनेवाले सिंह के समान इस ताक में रहता है कि किसको फाड़ खाए।
"तुम पृथ्वी के नमक हो, परंतु यदि नमक अपना स्वाद खो दे, तो वह किससे नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इसके कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
हमें परीक्षा में न पड़ने दे,
बल्कि बुराई से बचा।
[क्योंकि राज्य और सामर्थ्य और महिमा सदा तेरे ही हैं। आमीन।]
क्योंकि लिखा है :
प्रभु कहता है, इसलिए कि मैं जीवित हूँ,
हर एक घुटना मेरे सामने टिकेगा
और हर एक जीभ
परमेश्वर का अंगीकार करेगी।
इसलिए हममें से प्रत्येक परमेश्वर को अपना-अपना लेखा देगा।