Vida
A vida é um dom precioso de Deus. Desde a concepção até a eternidade, as Escrituras revelam o propósito, o valor e a plenitude da vida que o Senhor nos oferece.
Deus, o autor da vida
O Senhor é quem dá a vida e a sustenta. Cada ser humano foi formado por suas mãos com propósito e intenção divina.
तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा, और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूँक दिया; और आदम जीवित प्राणी बन गया।
तूने मेरे भीतरी अंगों को बनाया है,
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा है।
मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ,
क्योंकि मैं आश्चर्यजनक और अद्भुत रीति से रचा गया हूँ।
तेरे कार्य अद्भुत हैं
और मैं यह भली-भाँति जानता हूँ।
जब मैं गुप्त में बनाया जाता,
और पृथ्वी के गर्भ में रचा जाता था,
तब मेरी हड्डियाँ तुझसे छिपी न थीं,
तेरी आँखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा।
मेरे सब दिन तेरी पुस्तक में लिखे और निर्धारित किए गए थे,
जबकि उनमें से एक भी अस्तित्व में न था।
क्योंकि जीवन का सोता तो तेरे ही पास है;
तेरे ही प्रकाश से हमें प्रकाश मिलता है।
मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूँगा;
जब तक मैं जीवित हूँ
तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
A vida em Cristo
Jesus é o caminho, a verdade e a vida. Nele encontramos sentido, plenitude e a promessa de vida abundante e eterna.
यीशु ने उससे कहा,"मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ। बिना मेरे द्वारा कोई भी पिता के पास नहीं पहुँचता।
चोर केवल चोरी करने, हत्या करने और नाश करने के लिए आता है; मैं इसलिए आया हूँ कि वे जीवन पाएँ और बहुतायत से पाएँ।
यीशु ने उससे कहा,"पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ। जो मुझ पर विश्वास करता है, चाहे वह मर भी जाए फिर भी जीएगा, और जो जीवित है और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनंत काल तक कभी नहीं मरेगा। क्या तू यह विश्वास करती है?"
यीशु ने उनसे कहा,"जीवन की रोटी मैं हूँ। जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा नहीं होगा, और जो मुझ पर विश्वास करेगा वह फिर कभी प्यासा नहीं होगा।
जो मुझ पर विश्वास करता है, जैसा पवित्रशास्त्र कहता है,
उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियाँ बह निकलेंगी।"
मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ; अब मैं जीवित नहीं रहा, परंतु मसीह मुझमें जीवित है। अब जो मैं शरीर में जीवित हूँ तो उस विश्वास के द्वारा जीवित हूँ जो परमेश्वर के पुत्र पर है जिसने मुझसे प्रेम रखा और अपने आपको मेरे लिए दे दिया।
मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ; अब मैं जीवित नहीं रहा, परंतु मसीह मुझमें जीवित है। अब जो मैं शरीर में जीवित हूँ तो उस विश्वास के द्वारा जीवित हूँ जो परमेश्वर के पुत्र पर है जिसने मुझसे प्रेम रखा और अपने आपको मेरे लिए दे दिया।
Vivendo com sabedoria
A Bíblia nos orienta a viver com sabedoria, aproveitando bem o tempo, guardando o coração e buscando a vontade de Deus para cada dia.
अतः हमें अपने दिन गिनना सिखा
कि हम बुद्धि से भरा मन पाएँ।
हे मेरे पुत्र, सुन और मेरी बातें ग्रहण कर,
तब तू बहुत वर्षों तक जीवित रहेगा।
सब से अधिक अपने मन की चौकसी कर,
क्योंकि जीवन का सोता उसी में है।
सब से अधिक अपने मन की चौकसी कर,
क्योंकि जीवन का सोता उसी में है।
जो बुद्धि प्राप्त करता है,
वह अपने प्राण से प्रीति रखता है;
और जो समझ की चौकसी करता है,
वह समृद्ध होता है।
जो अपने मुँह की चौकसी करता है,
वह अपने प्राण की रक्षा करता है;
पर जो व्यर्थ की बातें करता है,
उसका विनाश होता है।
जो शिक्षा का पालन करता है,
वह जीवन के मार्ग पर है,
परंतु जो डाँट से मुँह मोड़ता है,
वह भटक जाता है।
यहोवा का भय मानना जीवन का सोता है,
जिससे लोग मृत्यु के फंदों से बच जाते हैं।
जो धार्मिकता और कृपा की खोज में रहता है,
वह जीवन, धार्मिकता और सम्मान प्राप्त करता है।
इसलिए ध्यान से देखो कि तुम कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं बल्कि बुद्धिमानों के समान चलो। समय का सदुपयोग करो, क्योंकि दिन बुरे हैं।
A vida no dia a dia
Cada dia é uma oportunidade de glorificar a Deus. A Escritura nos chama a viver com propósito, confiança e fé prática.
हे यहोवा, अपने मार्ग मुझे दिखा;
अपने पथ मुझे बता।
निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर
मेरे साथ-साथ बनी रहेंगी;
और मैं यहोवा के घर में सर्वदा वास करूँगा।
चाहे मेरा शरीर और मन दोनों हार जाएँ,
फिर भी परमेश्वर सदा के लिए मेरे हृदय का बल
और मेरा भाग है।
यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा;
वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।
यहोवा तेरे आने-जाने में
अब से लेकर सदा तक
तेरी रक्षा करता रहेगा।
तू ही मेरी चट्टान और मेरा दृढ़ गढ़ है;
अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर,
और मेरा मार्गदर्शन कर।
मैंने यहोवा से एक वर माँगा है,
मैं उसी के यत्न में लगा रहूँगा :
कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में ही वास करूँ,
जिससे यहोवा की मनोहरता को निहारता रहूँ
और उसके मंदिर में उसका ध्यान करता रहूँ।
यहोवा के सामने चुपचाप रह,
और धीरज से उसकी प्रतीक्षा कर।
उस मनुष्य के कारण न कुढ़ जिसके कार्य सफल होते हैं,
और जो दुष्टता की युक्तियों को पूरा करता है।
मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूँगा;
क्योंकि तूने उन्हीं के द्वारा मुझे जीवन दिया है।
Prioridades e eternidade
Jesus nos lembra que a vida é mais que comida e o corpo mais que roupa. O que importa é buscar o Reino de Deus e viver para a eternidade.
"इसलिए मैं तुमसे कहता हूँ, अपने प्राण के लिए चिंता मत करो कि क्या खाएँगे या क्या पीएँगे, और न ही अपनी देह के लिए कि क्या पहनेंगे; क्या प्राण भोजन से और देह वस्त्र से बढ़कर नहीं? आकाश के पक्षियों को देखो, वे न बोते हैं और न काटते हैं और न ही खत्तों में इकट्ठा करते हैं, फिर भी तुम्हारा स्वर्गिक पिता उन्हें खिलाता है; क्या तुम्हारा मूल्य उनसे बढ़कर नहीं? तुममें से कौन है जो चिंता करके अपनी आयु में एक घड़ीभी बढ़ा सकता है?
क्योंकि मनुष्य यदि सारे जगत को प्राप्त कर ले परंतु अपने प्राण की हानि उठाए तो उसे क्या लाभ होगा?
फिर उसने अपने शिष्यों समेत भीड़ को अपने पास बुलाया और उनसे कहा,"यदि कोई मेरे पीछे आना चाहता है, तो वह अपने आप का इनकार करे, अपना क्रूस उठाए और मेरे पीछे हो ले; क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा, वह उसे गँवाएगा; परंतु जो कोई मेरे और सुसमाचार के कारण अपना प्राण गँवाएगा, वह उसे बचाएगा। क्योंकि मनुष्य यदि सारे जगत को प्राप्त कर ले परंतु अपने प्राण की हानि उठाए तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले क्या देगा? इस व्यभिचारी और पापी पीढ़ी में यदि कोई मुझसे और मेरे वचनों से लजाएगा, तो मनुष्य का पुत्र भी जब पवित्र स्वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा में आएगा, उससे लजाएगा।"
फिर उसने उनसे कहा,"ध्यान दो, हर प्रकार के लोभ से बचे रहो, क्योंकि किसी का जीवन उसकी संपत्ति के अधिक होने पर निर्भर नहीं होता।"
और अनंत जीवन यह है कि वे तुझ एकमात्र सच्चे परमेश्वर को और यीशु मसीह को, जिसे तूने भेजा है, जानें।
क्योंकि पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परंतु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनंत जीवन है।
इस संसार के सदृश्य न बनो, बल्कि अपने मन के नए हो जाने के द्वारा तुम परिवर्तित होते जाओ, जिससे तुम परमेश्वर की इच्छा को पहचान सको, जो भली, ग्रहणयोग्य और सिद्ध है।
क्योंकि हम रूप देखकर नहीं, बल्कि विश्वास से चलते हैं।
सब के साथ मेल-मिलाप बनाए रखने और उस पवित्रता को पाने का यत्न करो, जिसके बिना कोई भी प्रभु को नहीं देख पाएगा।
और जैसी हमने तुम्हें आज्ञा दी थी, तुम शांतिपूर्ण जीवन जीने का प्रयत्न करो, अपने काम से काम रखो और अपने हाथों से परिश्रम करो, ताकि बाहरवालों के सामने तुम्हारा चाल-चलन उचित हो, और तुम्हें किसी वस्तु की घटी न हो।
तुम जो कुछ करो, मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं बल्कि प्रभु के लिए कर रहे हो, क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें प्रभु से उत्तराधिकार का प्रतिफल मिलेगा। तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो।
धन्य है वह मनुष्य जो परीक्षा में धीरज धरता है क्योंकि वह खरा उतरकर जीवन का वह मुकुट पाएगा जिसकी प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम रखनेवालों से की है।
तुममें बुद्धिमान और समझदार कौन है? यदि कोई है तो वह अपने कार्यों को अच्छे आचरण के द्वारा उस नम्रता में प्रकट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।
क्योंकि
जो जीवन से प्रेम रखना
और अच्छे दिन देखना चाहता है,
वह अपनी जीभ को बुराई से
और होंठों को छल की बातें बोलने से रोके रहे।
वह बुराई से दूर रहे और भलाई करे;
वह मेल-मिलाप को ढूँढ़े और उसे पाने के यत्न में रहे,
सब प्राणी याह की स्तुति करें।
याह की स्तुति करो!
प्रत्येक बात का एक नियुक्त समय है। आकाश के नीचे प्रत्येक कार्य का एक समय है :
"तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिनों तक जीवित रहे।
हमारी आयु के वर्ष तो सत्तर होते हैं,
और चाहे बल के कारण अस्सी भी हो जाएँ,
फिर भी उनमें से अधिकतर कष्ट
और शोक में व्यतीत होते हैं।
हमारे वर्ष शीघ्र बीत जाते हैं,
और हम चले जाते हैं।
हे यहोवा, ऐसा कर कि मैं अपना अंत जान लूँ,
और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं।
मैं जानूँ कि मैं कैसा क्षणभंगुर हूँ।
देख, तूने मेरी आयु कितनी छोटी रखी है,
और मेरा जीवनकाल मानो तेरी दृष्टि में कुछ भी नहीं।
निश्चय हर एक मनुष्य,
कितना ही स्थिर क्यों न हो,
फिर भी भाप के समान ही है। सेला।
निश्चय हर मनुष्य छाया के समान चलता-फिरता है;
सचमुच लोग व्यर्थ ही घबराते हैं।
मनुष्य धन का संचय तो करता है
पर नहीं जानता कि उसे कौन लेगा।
वह कौन है जो जीवन की अभिलाषा रखता है
और दीर्घायु चाहता है कि भलाई देखे?
अपनी जीभ को बुराई से,
और अपने होंठों को छल की बातें बोलने से रोक रख।
बुराई से दूर रह, और भलाई कर।
शांति को खोज और उसका पीछा कर।
पके बाल शोभायमान मुकुट ठहरते हैं,
जो धार्मिकता के मार्ग पर चलने से प्राप्त होते हैं।
जैसे पानी चेहरे को प्रतिबिंबित करता है,
वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रतिबिंबित करता है।