Vizinho
Amar o próximo é um dos mandamentos centrais do evangelho. A Bíblia nos ensina que nossos vizinhos são aqueles a quem devemos servir, apoiar e encorajar com amor genuíno.
O mandamento do amor ao próximo
Jesus resume a Lei no amor a Deus e ao próximo. Amar o vizinho como a si mesmo é cumprir toda a Lei.
अउ दूसर आदेस ई हबै, तै अपन परोसी लग अपन जसना माया रखबे, इन दोनो के सिबाय अउ कउनो बड्डे आदेस नेहको आय।"
काखे सगलू नियम हइ अकठिन आदेस हे पूर हुइ जथै, "तै अपन परोसी लग अपन जसना माया करा।"
काखे गलत काम झइ करा, हत्या झइ करा, चोरी झइ करा, लालच झइ करा अउ एखर अलाबा अगर कउ दूसर आदेस होय ता ओखर मतलब इहै हबै, अपन परोसी के निता तुम्हर माया ओसनेन होय जसना तुम्हर खुदय के निता हबै।
माया परोसी के संग बुरा नेहको करथै, इहैनिता जउन माया करथै, ऊ नियम के पूर करथै।
इहैनिता जसना बेउहार अपन निता तुम दूसर मनसेन लग चाहथा, ओसनेन बेउहार तुमो उनखर संग करा, काखे मूसा कर नियम के किताब अउ ग्यानी मनसे के सिक्छा इहै हबै।
Amor em ação
O amor verdadeiro se mostra em ações concretas: hospitalidade, generosidade e cuidado com os necessitados ao nosso redor.
हम भगवान के कसना खुस करी
भाईचारा माया अक दूसर लग बने रहै। तुम पहुनाई करैमा झइ बिसरिहा, काखे इहै कारन कुछ मनसे अनजाने हे स्वरगदूतन के अपने इछो पहुनाई करे रथै।
हमर भगवान अउ बाफ के नजर हे बिलकुन सुध्द अउ निरदोस महिमा हइ हबै, परेसानी हे पडे अनाथ अउ बिधवा के सुधि ले अउ खुद के दुनिया के बेकार काम लग अलगे रखै।
सबले बड्डे बात हइ हबै कि अक दूसर लग बोहत माया करा, काखे माया सबैमेर के पाप के मूंद देथै।
इहैनिता जब तक मउका मिलै हम सबझन के संग निक्खा करी, खासतोर करके बिस्वास करै बाले भाई के संग।
अक दूसर लग माया रखा
जउन संदेस तुम सुरु लग सुने हबा, ऊ हइ हबै कि अक दूसर लग माया रखै चाही।
मै तुमही अक्ठी नबा आदेस देथो, कि तुम अक दूसर लग माया करा, जसना मै तुम्हर लग माया करथो, ओसनेन तुमो अक दूसर लग माया करा।
Edificação e encorajamento mútuo
Somos chamados a encorajar uns aos outros, carregar os fardos alheios e buscar o bem do próximo acima do próprio interesse.
इहैनिता तुम जसना हइ टेम करतेन हबा, अक दूसर के सान्ति देया अउ अक दूसर के उन्नत करै हे लगे रइहा।
तुम अक दूसर के भार उठाबा, अउ इहैमेर मसीह के नियम के पूर करा।
हमर मसे सबझन अपन परोसी के ओखर भलाई के निता, मगन करा कि ओखर उन्नत होय।
सब कउ अपन भलाई के निता नेहको, पय दूसर के भलाई के निता परयास करा।
भाई-भाई हे जसना माया होथै, ओसनेन अक दूसर लग माया रखा, अपनै हे अक दूसर के इज्जत करा अउ अक दूसर लग बढ चढके करा।
अउ परभु असना करे कि जउन मेर हम तुम्हर लग माया करथन, ओसनेन तुम्हरो माया अक दूसर लग अउ सब के संग बढतै अउ उन्नत करत जा।
Humildade, perdão e convivência
O relacionamento com o próximo exige humildade, paciência e disposição para perdoar. Não devemos julgar, mas acolher com compaixão.
खुदय के अच्छाई के निता कुछु झइ करा, बलुक नम्र बना अउ दूसर के अपन लग निक्खा समझा।
आपस हे सहै बाले अउ छमा करै का भाव बने रहै, अगर कउनो के दूसर के परति सिकायत होय, ऊ उके उहै मेर छमा करै जसना परभु तुमके छमा करे हबै।
अपन भाई के भुलाय जाय के कारन झइ बन
इहैनिता हम अक दूसर के दोस लगामै के छांडके अपनै हे निहचित के लेय कि कउनो अपन भाई के गली हे ठोकड के कारन पइदा झइ करै अउ न जाल बिछामै।
भगवान कर नियाव
इहैनिता हे मनसे तुम जउन दूसर हे दोस लगाथा, तुम कउनो बहाना नेहको बनाय सकथा, काखे जउन बात हे तुम मनसेन के बुराई करथा, तुम खुदय उहै काम करथा।
भलाई करै के कारन सताव
आखरी हे हइ तुम सब के सब अक्ठी मन अउ किरपालू अउ भाईचारा के मेर रखा, अपन हे माया रखा, करुनामय अउ नरम बना।
अक्ठी मनसे सोचथै, कि अक रोज दूसर रोज लग निक्खा हबै, दूसर मनसे सोचथै, कि हर रोज अक जसना हबै, एखर बारे हे हर मनसे अपन मन हे पूर बिस्वास करथै।